

नयागंज अशोक मसाले मेट्रो स्टेशन का नाम बदलें
The Issue
गणेश शंकर विद्यार्थी जी का कानपुर के इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और सामाजिक ताने-बाने में एक बेहद विशिष्ट और पूजनीय स्थान है। कानपुर विद्यार्थी जी की मुख्य कर्मभूमि रहा, जहाँ उन्होंने न केवल देश की आज़ादी के लिए अपनी लेखनी को हथियार बनाया, बल्कि मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति भी दे दी। उन्हें आदर से 'लायन ऑफ कानपुर' (Kanpur का शेर) भी कहा जाता है। यह उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि का एक छोटा सा प्रयास होगा यदि नयागंज अशोक मसाले मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर 'गणेश शंकर विद्यार्थी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए।
कानपुर, एक शहर जो इतिहास और संस्कृति में समृद्ध है, उसे अपने वीर सपूतों की गौरवगाथा पर गर्व है। गणेश शंकर विद्यार्थी जी के नाम पर एक सार्वजनिक स्थल का नाम रखना न केवल उनके अमर योगदान का सम्मान होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बनेगा। यही नहीं, इससे युवाओं में अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना भी जागेगी।
यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि एक क्रांति की शुरुआत है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उन सभी नायकों को याद रखें जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने समाज के हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ बनने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके योगदान को न भूलें और उनका सम्मान करें।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और हमारे प्रयास में शामिल हों, ताकि हम मिलकर यह महत्वपूर्ण बदलाव ला सकें। हाइवे अथॉरिटीज और सरकार से निवेदन है कि वे इस मांग को गंभीरता से लें और शीघ्र कार्रवाई करें।

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गणेश शंकर विद्यार्थी जी का कानपुर के इतिहास, राजनीति, पत्रकारिता और सामाजिक ताने-बाने में एक बेहद विशिष्ट और पूजनीय स्थान है। कानपुर विद्यार्थी जी की मुख्य कर्मभूमि रहा, जहाँ उन्होंने न केवल देश की आज़ादी के लिए अपनी लेखनी को हथियार बनाया, बल्कि मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति भी दे दी। उन्हें आदर से 'लायन ऑफ कानपुर' (Kanpur का शेर) भी कहा जाता है। यह उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि का एक छोटा सा प्रयास होगा यदि नयागंज अशोक मसाले मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर 'गणेश शंकर विद्यार्थी मेट्रो स्टेशन' रखा जाए।
कानपुर, एक शहर जो इतिहास और संस्कृति में समृद्ध है, उसे अपने वीर सपूतों की गौरवगाथा पर गर्व है। गणेश शंकर विद्यार्थी जी के नाम पर एक सार्वजनिक स्थल का नाम रखना न केवल उनके अमर योगदान का सम्मान होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बनेगा। यही नहीं, इससे युवाओं में अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना भी जागेगी।
यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि एक क्रांति की शुरुआत है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उन सभी नायकों को याद रखें जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने समाज के हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ बनने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके योगदान को न भूलें और उनका सम्मान करें।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और हमारे प्रयास में शामिल हों, ताकि हम मिलकर यह महत्वपूर्ण बदलाव ला सकें। हाइवे अथॉरिटीज और सरकार से निवेदन है कि वे इस मांग को गंभीरता से लें और शीघ्र कार्रवाई करें।

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Petition created on 7 July 2026