दिल्ली में प्रदूषण पर निर्णायक प्रहार
दिल्ली में प्रदूषण पर निर्णायक प्रहार
The Issue
दिल्ली में प्रदूषण पर निर्णायक प्रहार: 3 महीने का निजी वाहन प्रतिबंध, 24/7 मुफ्त EV बस सेवा और सभी प्रदूषण स्रोतों पर तत्काल नियंत्रण लागू किया जाए।
लक्ष्य (Target):
माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार / दिल्ली के परिवहन मंत्री / दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC)
विवरण:
"माननीय मुख्यमंत्री महोदय और संबंधित अधिकारीगण,
दिल्ली हर साल वायु प्रदूषण के कारण एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा का सामना करती है, जिसका मुख्य कारण सड़कों पर चलने वाले लाखों डीजल और पेट्रोल के निजी वाहन, अनियंत्रित निर्माण धूल, और अपशिष्ट जलाना है। अब समय आ गया है कि हम केवल अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि एक कठोर, निर्णायक और परिवर्तनकारी समाधान लागू करें।
हम, दिल्ली के चिंतित नागरिक और देश के निवासी, आपसे प्रदूषण पर तुरंत और पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए निम्नलिखित '3 महीने की आपातकालीन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और प्रदूषण नियंत्रण नीति' को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का आग्रह करते हैं:
1. 3 महीने का निजी वाहन प्रतिबंध (Immediate Ban)
• दिल्ली में प्रदूषण के सबसे खतरनाक समय (जैसे नवंबर से जनवरी) के दौरान, डीजल और पेट्रोल से चलने वाले सभी निजी वाहनों (2-पहिया और 4-पहिया) पर 3 महीनों के लिए पूर्ण और अनिवार्य प्रतिबंध लगाया जाए।
2. 24/7 मुफ्त EV बस और व्यापक परिवहन सेवा
• निजी वाहनों पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान, नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए **सभी इलेक्ट्रिक बसों (EV Buses) में यात्रा पूरी तरह से मुफ़्त (Free) कर दी जाए।
• EV बसों का संचालन 24 घंटे, सातों दिन (24/7) किया जाए और उनकी फ्रीक्वेंसी इतनी बढ़ाई जाए कि इंतज़ार का समय न्यूनतम (5 मिनट से कम) हो।
• मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के पासों पर भी भारी छूट दी जाए।
3. निर्माण और धूल नियंत्रण पर जीरो टॉलरेंस
• प्रतिबंध की अवधि के दौरान, सभी बड़े निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
• सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग 24/7 अनिवार्य किया जाए। धूल नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत FIR और भारी जुर्माना लगाया जाए।
4. आर्थिक सहायता और इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन
• ई-रिक्शा/स्कूटर को प्रोत्साहन: नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे स्कूटर, रिक्शा, और साइकिल खरीदने पर बड़ी सब्सिडी और टैक्स में छूट दी जाए।
• श्रमिकों के लिए सहायता: प्रतिबंध के कारण अस्थायी रूप से प्रभावित होने वाले टैक्सी/कैब ड्राइवरों और डिलीवरी कर्मियों को सीधी आय सहायता (Direct Income Support) प्रदान की जाए।
• किराया फिक्स: सभी ई-रिक्शा का किराया फिक्स किया जाए ताकि वे विश्वसनीय और किफायती रहें।
5. स्वास्थ्य और डेटा पारदर्शिता
• प्रतिबंध लागू होने के 30 दिनों के भीतर, AQI में आए सुधार और अस्पताल में श्वसन संबंधी समस्याओं के रोगियों की संख्या में आई कमी का डेटा सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता इस निर्णायक कदम के लाभ को समझ सके।
हम मानते हैं कि यह एक कठोर निर्णय है, लेकिन दिल्ली में वायु प्रदूषण से हो रहे स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान को देखते हुए, यह एक आवश्यक और निर्णायक कदम है। हम आशा करते हैं कि आप इस जनहित याचिका पर तुरंत संज्ञान लेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे।
धन्यवाद।

1
The Issue
दिल्ली में प्रदूषण पर निर्णायक प्रहार: 3 महीने का निजी वाहन प्रतिबंध, 24/7 मुफ्त EV बस सेवा और सभी प्रदूषण स्रोतों पर तत्काल नियंत्रण लागू किया जाए।
लक्ष्य (Target):
माननीय मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार / दिल्ली के परिवहन मंत्री / दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC)
विवरण:
"माननीय मुख्यमंत्री महोदय और संबंधित अधिकारीगण,
दिल्ली हर साल वायु प्रदूषण के कारण एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा का सामना करती है, जिसका मुख्य कारण सड़कों पर चलने वाले लाखों डीजल और पेट्रोल के निजी वाहन, अनियंत्रित निर्माण धूल, और अपशिष्ट जलाना है। अब समय आ गया है कि हम केवल अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि एक कठोर, निर्णायक और परिवर्तनकारी समाधान लागू करें।
हम, दिल्ली के चिंतित नागरिक और देश के निवासी, आपसे प्रदूषण पर तुरंत और पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए निम्नलिखित '3 महीने की आपातकालीन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और प्रदूषण नियंत्रण नीति' को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का आग्रह करते हैं:
1. 3 महीने का निजी वाहन प्रतिबंध (Immediate Ban)
• दिल्ली में प्रदूषण के सबसे खतरनाक समय (जैसे नवंबर से जनवरी) के दौरान, डीजल और पेट्रोल से चलने वाले सभी निजी वाहनों (2-पहिया और 4-पहिया) पर 3 महीनों के लिए पूर्ण और अनिवार्य प्रतिबंध लगाया जाए।
2. 24/7 मुफ्त EV बस और व्यापक परिवहन सेवा
• निजी वाहनों पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान, नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए **सभी इलेक्ट्रिक बसों (EV Buses) में यात्रा पूरी तरह से मुफ़्त (Free) कर दी जाए।
• EV बसों का संचालन 24 घंटे, सातों दिन (24/7) किया जाए और उनकी फ्रीक्वेंसी इतनी बढ़ाई जाए कि इंतज़ार का समय न्यूनतम (5 मिनट से कम) हो।
• मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के पासों पर भी भारी छूट दी जाए।
3. निर्माण और धूल नियंत्रण पर जीरो टॉलरेंस
• प्रतिबंध की अवधि के दौरान, सभी बड़े निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
• सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग 24/7 अनिवार्य किया जाए। धूल नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत FIR और भारी जुर्माना लगाया जाए।
4. आर्थिक सहायता और इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन
• ई-रिक्शा/स्कूटर को प्रोत्साहन: नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे स्कूटर, रिक्शा, और साइकिल खरीदने पर बड़ी सब्सिडी और टैक्स में छूट दी जाए।
• श्रमिकों के लिए सहायता: प्रतिबंध के कारण अस्थायी रूप से प्रभावित होने वाले टैक्सी/कैब ड्राइवरों और डिलीवरी कर्मियों को सीधी आय सहायता (Direct Income Support) प्रदान की जाए।
• किराया फिक्स: सभी ई-रिक्शा का किराया फिक्स किया जाए ताकि वे विश्वसनीय और किफायती रहें।
5. स्वास्थ्य और डेटा पारदर्शिता
• प्रतिबंध लागू होने के 30 दिनों के भीतर, AQI में आए सुधार और अस्पताल में श्वसन संबंधी समस्याओं के रोगियों की संख्या में आई कमी का डेटा सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता इस निर्णायक कदम के लाभ को समझ सके।
हम मानते हैं कि यह एक कठोर निर्णय है, लेकिन दिल्ली में वायु प्रदूषण से हो रहे स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान को देखते हुए, यह एक आवश्यक और निर्णायक कदम है। हम आशा करते हैं कि आप इस जनहित याचिका पर तुरंत संज्ञान लेंगे और आवश्यक कदम उठाएंगे।
धन्यवाद।

1
Petition created on 7 November 2025