Actualización de la peticiónआदिवासियों संग हसदेव अरण्य बचाने आगे आएं, इस धरती पर जीवन बचाएं।12 हजार से अधिक सपोर्ट और 36 हजार से अधिक व्यूज़, हमारे संघर्ष को और मजबूती दे रहे हैं।
Ashish S. DhurweyJabalpur, India
17 मई 2022

जोहार साथियों,
आप लोगों का साथ और आपके मजबूत हाथ, उन हाथों की मुट्ठियों को ताकत दे रहे हैं, जो हसदेव अरण्य को बचाने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं। इस पिटीशन के माध्यम से अपना समर्थन देकर आप लोगों ने जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को और आगे बढ़ाने में मदद किये हैं।

जोहार संबोधन सिर्फ आदिवासियों के लिए नहीं है बल्कि उन सबके लिए है जो इस धरती से, इस प्रकृति से और अपने पर्यावरण से प्रेम करते हैं।

इस देश के इंडिजनस आदिवासी, अंग्रेजों के शासनकाल के समय से ही जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। यह लड़ाई अब भी जारी है। आजादी के पहले अंग्रेजों से लड़ाई थी। अब आजादी के बाद हमारी अपनी सरकार और मुनाफाखोर कारपोरेट से लड़ रहे हैं।

शासन और कारपोरेट का गठजोड़, मुनाफाखोरी में लिप्त है। खदानों को जरूरत के लिए नहीं तगड़े मुनाफे के लिए खोदा जाता रहा है। सत्ता और कारपोरेट के गठजोड़ का परिणाम है हसदेव अरण्य।

साथियों, मैं आप सभी के साथ की मदद से हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति, जो अभी धरना प्रदर्शन कर रही है को एक समर्थन पत्र लिखने रहा हूँ,ताकि शासन और कारपोरेट के गठजोड़ के खिलाफ़, खनन के लिए जंगल उजाड़ने के खिलाफ, पर्यावरणीय दूष्परिणामों की अनदेखी के खिलाफ लड़ाई पुरजोर तरीके से आगे बढ़ते रहे।

आपके विचार सादर आमंत्रित हैं आप पिटीशन के कॉमेंट सेक्शन में अपनी बात लिखकर पहुंचा सकते हैं। हसदेव अरण्य के इस लड़ाई को जन जन तक पहुंचाएं, बातें करें , शेयर करें।
धन्यवाद
Ashish S. Dhurwey

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