अरावली पर्वतमाला को अवैध खनन एवं पर्यावरणीय विनाश से बचाने हेतु तत्काल कार्रवाई की मांग

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Mansi Khurana and 19 others have signed recently.

The Issue

अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण पर्वतमालाओं में से एक है, जो उत्तर भारत के पर्यावरणीय संतुलन, भूजल संरक्षण, जलवायु नियंत्रण तथा जैव विविधता के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अरावली न केवल प्रकृति की धरोहर है, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और भविष्य से सीधे रूप से जुड़ी हुई है।

दुर्भाग्यवश, वर्तमान समय में अरावली पर्वतमाला के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन, पहाड़ों की कटाई, वृक्षों का विनाश तथा पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह गतिविधियाँ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के विपरीत हैं।

अरावली का यह निरंतर विनाश गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म दे रहा है, जिनमें भूजल स्तर में गिरावट, जल संकट, बढ़ता तापमान, जलवायु असंतुलन तथा प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती संभावना शामिल है। यदि इस विनाश को शीघ्र नहीं रोका गया, तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे।

हम, इस ऑनलाइन याचिका के माध्यम से, केंद्र एवं राज्य सरकार तथा संबंधित प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय प्राधिकरणों से निम्नलिखित मांग करते हैं:

अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में सभी प्रकार के अवैध खनन, विस्फोटक गतिविधियों एवं गैर-कानूनी निर्माण कार्यों पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
अरावली क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील एवं संरक्षित क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) घोषित किया जाए।
पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, कंपनियों एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धति से पर्यावरण पुनर्स्थापन एवं व्यापक पुनः वनीकरण कार्यक्रम लागू किया जाए।
भविष्य की सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA), पारदर्शिता एवं जनसुनवाई को अनिवार्य किया जाए।
यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण में जीवन जीने के मौलिक अधिकार तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही है।

हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए अरावली पर्वतमाला के संरक्षण हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ।

कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और अरावली को बचाने के इस अभियान में अपना समर्थन दें।

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Garima ChoudharyPetition Starter“Initiator of the Aravali Campaign | Protecting our hills ✊” (Hills over profit) Aravali’s voice saying Hug hills, not bulldozers

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अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण पर्वतमालाओं में से एक है, जो उत्तर भारत के पर्यावरणीय संतुलन, भूजल संरक्षण, जलवायु नियंत्रण तथा जैव विविधता के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अरावली न केवल प्रकृति की धरोहर है, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और भविष्य से सीधे रूप से जुड़ी हुई है।

दुर्भाग्यवश, वर्तमान समय में अरावली पर्वतमाला के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन, पहाड़ों की कटाई, वृक्षों का विनाश तथा पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी की जा रही है। यह गतिविधियाँ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के विपरीत हैं।

अरावली का यह निरंतर विनाश गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म दे रहा है, जिनमें भूजल स्तर में गिरावट, जल संकट, बढ़ता तापमान, जलवायु असंतुलन तथा प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती संभावना शामिल है। यदि इस विनाश को शीघ्र नहीं रोका गया, तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे।

हम, इस ऑनलाइन याचिका के माध्यम से, केंद्र एवं राज्य सरकार तथा संबंधित प्रशासनिक एवं पर्यावरणीय प्राधिकरणों से निम्नलिखित मांग करते हैं:

अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में सभी प्रकार के अवैध खनन, विस्फोटक गतिविधियों एवं गैर-कानूनी निर्माण कार्यों पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
अरावली क्षेत्र को पर्यावरण-संवेदनशील एवं संरक्षित क्षेत्र (Eco-Sensitive Zone) घोषित किया जाए।
पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, कंपनियों एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धति से पर्यावरण पुनर्स्थापन एवं व्यापक पुनः वनीकरण कार्यक्रम लागू किया जाए।
भविष्य की सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA), पारदर्शिता एवं जनसुनवाई को अनिवार्य किया जाए।
यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण में जीवन जीने के मौलिक अधिकार तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही है।

हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए अरावली पर्वतमाला के संरक्षण हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ।

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Ministry of Environment, Forest and Climate Change, Government of India
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