बिहार के इस गांव में हो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण ताकि सबको मिले इलाज का अधिकार

कामयाबी

6,338 समर्थकों के साथ इस पेटीशन ने बदलाव लाया!

समस्या

बिहार के औरंगाबाद ज़िले के गाँव फाग से निकली कहानियाँ आपकी आँखों को नम कर देंगी। कहानियाँ, जो अखबार के पन्नों में जगह नहीं बना पाती हैं। गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते बच्चों से लेकर बूढ़ों तक ने अपनी जान गंवाई है और हालात नहीं बदले तो हज़ारों और लोग प्रभावित होंगे।

समस्या कितनी गभीर है इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य केंद्र के ना होने से नवजात बच्चों की मौत भी इस गाँव ने देखी है। डिलीवरी के लिए महिलाओं को खाट इत्यादि पर लिटाकर 9 किलोमीटर दूर, प्रखंड गोह में बने स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना पड़ता है और एक नई ज़िंदगी को दुनिया में लाने के सफर में आधे रास्ते से एक मासूम की लाश के साथ लौटना पड़ता है!

स्वास्थ्य केंद्र की कमी के चलते ग्रामीणों को इलाज के लिए या तो शहर जाना पड़ता है या 9 किलोमीटर दूर प्रखंड गोह में बने स्वास्थ्य केंद्र पर। वहाँ भी सुविधाओं का अभाव हीं होता है, एक अदद स्वास्थ्य केंद्र के ना होने से ग्रामीण या तो बिमारियों के साथ जीने के लिए विवश हैं या मौत का इंतज़ार करने के लिए।

गाँव के लोगों खासकर महिलाओं और बच्चों पर स्वास्थ्य केंद्र की कमी का सबसे ज़्यादा असर पड़ता है। कुपोषण, प्रसव और मौसमी बिमारियों के लिए प्राइवेट डॉक्टर ही एकमात्र सहारा होते हैं। पर ये तो आप भी जानते होंगे की प्राइवेट अस्पताल का खर्च कितना ज्यादा होता है।

गाँव के लोग, जिनमें ज्यादातर किसान और मज़दूर भी शामिल हैं--अपनी कमाई का अच्छा खासा हिस्सा लुटा देते हैं। बहुत से ग्रामीणों के पास इतने पैसे नहीं होते कि वो शहर तक का सफर कर सकें या प्राइवेट अस्पताल मे इलाज करवा सकें। 

मैं इस स्थिति को बदलना चाहता हूँ, अपने गाँव और गाँववासियों के लिए स्वास्थ्य केंद्र बनवाना चाहता हूँ और मुझे यकीन है कि सरकार हमारी बात को सुनेगी। मेरा साथ दें, इस पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे शेयर करें।

आपको बताता चलूँ कि आज़ादी के बाद लगभग 1960 में, ग्रामीणों की पहल और सरकार के सहयोग से फाग गाँव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण हुआ था। आज ये स्वास्थ्य केंद्र एक जरजर इमारत है, जहाँ लोग अपनी गाय-भैंस बाँधते हैं। अगर स्वास्थ्य केंद्र की अच्छे से देखभाल होती तो ये नौबत नहीं आती।

स्वास्थ्य केंद्र की माँग के लिए पूरा गाँव एकजुट है--ग्रामीणों ने प्रखंड अधिकारी, जिला लोकसूचना अधिकारी, स्वास्थ्य सचिव, बिहार सरकार तक को इस गंभीर समस्या के बारे में अवगत कराया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस पेटीशन का मकसद बस यही है कि बिहार के इस दूर-दराज़ के गाँव में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो जाए। शायद शहर में रहने वाले हमारे भाइ-बहनों को स्वास्थ्य केंद्र के बारे में पता नहीं होगा पर मैं इतना ज़रूर कह सकता हूँ कि स्वास्थ्य केंद्र गाँव के लोगों का सहारा होते हैं, गरीबों का सहारा होते हैं।

आप सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील है कि इस पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और इसे जितने लोगों तक पहुँचा सकें, पहुँचा दें ताकि हमारे गाँव को एक स्वास्थ्य केंद्र मिल जाए और किसी माँ को उसके नवजात की लाश ना देखनी पड़े।

निवेदक
शिवशंकर साव और समस्त गाँव वाले
गांव पंचायत फाग, प्रखंड गोह, जिला औरंगाबाद, बिहार

avatar of the starter
शिवशंकर सावपेटीशन स्टार्टरभारत को प्रगतिशील समतामूलक राष्ट्र बनाने के लिए संघर्षरत एक सामाजिक योद्धा..

फैसला लेने वाले

श्री मनोज शर्मा
श्री मनोज शर्मा
विधायक, गोह
श्री उपेंद्र कुशवाहा
श्री उपेंद्र कुशवाहा
सांसद, काराकाट
श्री संजय कुमार
श्री संजय कुमार
प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्वास्थय विभाग, बिहार
Shri Prashant Kishor
Shri Prashant Kishor
Vice-President, JDU
Shri Mangal Pandey
Shri Mangal Pandey
Health Minister, Bihar

पेटीशन अपडेट