Yavan Kumarभरवारी, India
May 23, 2025

शीर्षक: "विश्व मौसी मां दिवस 2 मार्च

 

२ मार्च का आया पावन दिन,

 सजी धरा जैसे हो स्वर्ण-रंगीन ।

 भोला के मन में बजता है राग,

मौसी मां दिवस" का अनुपम अनुराग। "

 

प्रीति मौसी, जो बन गईं आसमा,

 हर आशु को बनाया अपना जहां।

 

दुख सहकर भी हँसी लुटाई,

मौत से पहले ममता निभाई।

 

उमा मौसी मां, शक्ति की मिसाल,

 प्यारे शिवांश को संवारती हर हाल।

 

त्याग में जो देवी समान,

हर पल देती आशीर्वाद का दान।

 

नानी माँ, वह प्यार की खान,

संस्कारों का देती अमूल्य ज्ञान।

उनके आंचल में सुकून बसे,

भोला के जीवन में जैसे चांद हंसे।

 

नाना जी. वह छापा पेड हर तरफ वह हमारे साथ रहा।

 

हर राह पर उनका हाथ रहा,

ये चार दीपक, एक ज्योति समान,

भोला का जीवन करते रोशन महान।

 

२ मार्च को करता है प्रण,

इन रिश्तों को रखेगा हर जनम बन।

मौसी मां दिवस पर ये वचन हमारा,

हर साल मनाएंगे, ये पर्व हमारा।

 प्रेम, त्याग और बलिदान की छाया,

भोला कहे - "यही मेरा सच्चा साया।"

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