

1.न रिश्ता खून का, न कोई नाम है, मगर मौसी मां का प्यार सबके काम है।
2.मां जैसी ममता, बुआ जैसी हंसी, मौसी मां है हर दुख की दवा किसी।
3.उसके आँचल में है ठंडी हवा, मौसी मां है तो सब कुछ सजा।
4."जिसने मां की कमी कभी महसूस नहीं होने दी -क्या 2 मार्च को 'मौसी मां दिवस' उसका हक़ नहीं है?"
5."क्यों न 2 मार्च को मौसी मां के नाम करें -जिनके गले लगकर दर्द पिघल जाते हैं?"
6."2 मार्च - एक दिन मौसी मां के लिए। एक दिन उस ममता के लिए जो बिना जन्म दिए जन्म से भी गहरा रिश्ता निभाती है!"
7."जब हर खास रिश्ते का दिन होता है, तो 2 मार्च को 'मौसी मां दिवस' क्यों न हो ?- उस प्यार के लिए जो हर सीमा से ऊपर है"
"जब माँ जैसी ममता, दोस्त जैसी समझ और गुरु जैसा मार्गदर्शन एक ही इंसान में मिले तो क्या उसे 'मौसी मां' नहीं कहना चाहिए? क्यों न हर साल मौसी मां दिवस मनाकर इस अनमोल रिश्ते को सम्मान दें?"