RJD must ensure Lok Sabha ticket for Pasmanda icon Shri Ali Anwar Ansari

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The Rashtriya Janta Dal (RJD) in Bihar which claims itself to be the champion of social justice politics has usually given a short shrift to the Most Backward Castes (MBCs), particularly the Pasmanda Muslims, in terms of ticket distribution. Historically, as far as the sphere of Muslim-Minority politics is concerned the RJD has consistently and disproportionately favored the forward caste Muslims in ticket distribution. The RJD leadership should ensure that the interests of Pasmanda (Backward/Dalit) Muslims, who constitute about 85% of Bihari Muslims, are not sacrificed during ticket distribution in the upcoming Lok Sabha elections. We are aware that political change is not effected overnight. Therefore, we demand that the RJD should at least offer a ticket to the Pasmanda icon Shri Ali Anwar Ansari (Ex-MP Rajya Sabha and President All India Pasmanda Muslim Mahaz). Shri Ansari has been a valiant grassroots activist/writer and has defended the principles of social justice and secularism throughout his career. If RJD offers a ticket to Shri Ansari then it will encourage the Pasmanda Muslim community at the national level and further strengthen the cause of social justice.   

बिहार में अपने आप को सामाजिक न्याय का पैरोकार मानने वाली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अब तक टिकेट वितरण में अति-पिछड़ी जातियों, ख़ास तौर पर पसमांदा मुसलमानों को, लगातार नज़रंदाज़ किया है. ऐतिहासिक तौर पर जहाँ तक मुस्लिम-अल्पसंख्यक राजनीति का प्रश्न है तो राजद ने हमेशा अगड़े मुसलमानों को टिकेट वितरण में तरजीह दी. इस लोक सभा चुनाव में राजद लीडरशिप को ख्याल रखना चाहिए कि टिकेट वितरण में सिर्फ अगड़े मुसलमानों को ही नहीं बल्कि पसमांदा मुसलमानों को भी उनकी उचित हिस्सेदारी मिले. ज्ञात हो की पसमांदा मुसलमानों की आबादी बिहारी मुसलमानों में लगभग 85% है. हम जानते हैं कि रातोंरात कोई राजनीतिक बदलाव नहीं होता है. इस लिए हम यह मांग करते हैं की कम से कम इस लोक सभा चुनाव में पसमांदा नायक श्री अली अनवर अंसारी साहब (भूतपूर्व सांसद राज्य सभा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, पसमांदा मुस्लिम महाज़) को टिकेट ज़रूर दिया जाये. अली अनवर साहब सेकुलरिज्म और सामाजिक न्याय के ज़मीनी योद्धा हैं और पसमांदा मुसलमानों की शान हैं. अगर उनको टिकेट मिलता है तो पूरे पसमांदा समाज की हौसला अफजाई होगी और सामाजिक न्याय की राजनीति मज़बूत होगी.