Petition updateदेश के अर्थव्यवस्था में सुधार हेतु GST में कुछ संशोधन की मांग

GST में सरलीकरण और सुधारीकरण हेतु FAIVM के तत्वाधान में GST महामंथन का आयोजन

Federation of All India Vyapar MandalNew Delhi, India
Jan 8, 2018
नई दिल्ली 4 जनवरी। देश मे शुरू हुई नई कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी की कर एवं कानूनी जटिलताओं के साथ ही इसके पोर्टल जीएसटीएन से आ रही समस्याओं के समाधान के लिए फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल ने आगामी 12 जनवरी को दिल्ली मे जीएसटी महामंथन कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम को कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हाल मे आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए प्रमुख राष्ट्रीय दलो के शीर्ष नेताओ को आमंत्रित किया गया है। जिसमे जदयू के वरिष्ठ सांसद शरद यादव, एनसीपी के वरिष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी, सांसद विवेक गुप्ता के अलावा बीजेपी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। देश मे शुरू हुई नई कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी की कर एवं कानूनी जटिलताओं के साथ ही इसके पोर्टल जीएसटीएन से आ रही समस्याओं के समाधान के लिए फेडरेशन आफ आल इंडिया व्यापार मंडल ने आगामी 12 जनवरी को दिल्ली मे जीएसटी महामंथन कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम को कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हाल मे आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए प्रमुख राष्ट्रीय दलो के शीर्ष नेताओ को आमंत्रित किया गया है। जिसमे जदयू के वरिष्ठ सांसद शरद यादव, एनसीपी के वरिष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी, सांसद विवेक गुप्ता के अलावा बीजेपी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। कार्यक्रम की रूप रेखा को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को फेडरेशन कोर कमेटी की एक बैठक हुई। बैठक के बाद फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री वीके बंसल ने कहा कि जीएसटी मे तमाम कर एवं तकनीकी सुधारो के बावजूद यह कर प्रणाली सर्वमान्य नहीं बन पायी है। जीएसटी को लेकर छोटे व बड़े व्यापारियों, उद्यमियो और दुकानदारो की परेशानियां जस की तस बनी हुई हैं। हालांकि फेडरेशन द्वारा पूर्व मे भेजे गए कई अहम सुझावो के आधार पर सरकार ने इसमे समय-समय पर कई बदलाव किए हैं। इसके बावजूद अभी जीएसटी मे कई अहम बदलाव की दरकार है। इसी बदलाव के लिए फेडरेशन ने जीएसटी महामंथन का आयोजन किया है। इस महामंथन कार्यक्रम मे देश के सभी छोटे-बड़े व्यापार मंडलो के व्यापारी नेताओं और लघु एवं मध्यम उद्यमियो को आमंत्रित किया गया है। बंसल के मुताबिक जीएसटी महामंथन मे देश भर से आने वाले व्यापारी और लघु उद्यमी अपने समस्याओं को साझा करेंगे। इन समस्याओं के आधार पर फेडरेशन एक मांग पत्र तैयार करेगा। जिसे बाद मे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक व्यापारियों से मिली जानकारियों के अनुसार लगभग दो दर्जन से ज्यादा जीएसटी की समस्याएं सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा भी जीएसटी मे कई कर एवं तकनीकी समस्याएं रह गयी हैं। जिन्हें मंथन के बाद मांग पत्र मे जोड़ा जाएगा। ताकि सरकार पर दबाव बनाकर इसे दुरूस्त कराया जा सके। फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश्वर पैन्युली ने कहा कि जीएसटी मे तमाम सुधारो के बाद भी यह सरकार की एक देश-एक कर की मंशा को पूरा नहीं कर पायी है। एक ही वस्तु के व्यापार पर जीएसटी की कई दरें लागू होना इस बात का प्रमाण है। यही नही अगले महीने से लागू होने वाली ई वे बिल व्यवस्था एक देश-एक कर के उद्देश्य के विपरीत है। बैठक मे फेडरेशन के संयोजक वीके जैन, प्रकाश केजरीवाल, दिल्ली प्रभारी राधेश्याम शर्मा के अलावा व्यापारी नेता उपस्थिति थे। आपसे अनुरोध है कि GST के सरली करण और सुधारीकरण हेतु की जाने वाली उपरोक्त सम्मलेन के सूचना अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र/ चैनल द्वारा प्रमुखता से प्रचारित / प्रकाशित करने की कृपा करें | हमें आपको और अधिक जानकारी देने में ख़ुशी होगी | फेडरेशन के विषय में : फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापार मंडल ( सोसाइटी एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत) ,समस्त भारत के कारोबारियों के विभिन्न संगठनों के एक शीर्ष संस्था है और इसका प्रमुख उदैश्य कारोबारियों के मान , सम्मान ,सुरक्षा, सुविधा एवं नीति निर्धारण में कारोबारियों के सहभागिता सुनिश्चित करना है । फेडरेशन देश में चल रहे राष्ट्रीय स्तर , राज्य स्तर, प्रांतीय स्तर एवं जिला स्तर के विभिन्न व्यापारिक संगठन,ट्रेड एसोसिएशन एवं बाजार समितिओ को एक छतरी के नीचे ला कर , देश के व्यापारियोंको एक सशक्त मंच प्रदान करने की लिए प्रयत्न शील है ताकि देश के समस्त व्यापारी अपने हितो की रक्षा हेतु एक आवाज़ में अपना पक्ष रख सके । फेडरेशन का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है और एक कोर समिति, जिसमे व्यापारियों के अतिरिक्त प्रोफेशनल्स और अर्थशास्त्री भी सम्मिलित है , फेडरेशन का कार्यकाज देखती है ।
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