

यदि हानिकारक खाद्य पदार्थों पर, यह कहकर कि चेतावनी दर्ज की जाए कि इसमें एक सीमा से ज्यादाचीनी है, नमक है अथवा वसा है, तो उपभोक्ताओं को इनके दुष्प्रभावों के बारे में अधिक जानकारी मिल पाएगीऔर वे अपने खानपान के बारे में जानकारीपूर्ण निर्णय ले पाएंगे। यह सही है कि इन खाद्य पदार्थों को बनानेवाली कंपनियों को इस प्रावधान से नुकसान हो सकता है, क्योंकि उनकी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्रीघट जाएगी। लेकिन इससे आमजन के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकेगा, इसके बारे में कोई संदेह नहीं है।यह केवल सैद्धांतिक निष्कर्ष नहीं है, बल्कि अन्य देशों में ऐसा अनुभव भी किया गया है। इस विषय के महत्वको समझते हुए चिली, ब्राजील, इजराइल सहित कई मुल्कों ने खाद्य पैकेटों पर इस प्रकार की चेतावनी अंकितकरने का निर्णय किया। चिली ने तो इस संबंध में कानून बनाकर इन हानिकारक खाद्यों की अधिकतम सीमानिश्चित की और इसके बारे में चेतावनी देने के संबंध में कानून भी बनाया।