नई पेंशन योजना (NPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दुबारा लागू किया जाए

समस्या

कमला श्रीवास्तव जी ने अपनी ज़िंदगी के 10 साल अपने विद्यालय को दे दिया। उन्होंने पूरी ईमानदारी और लगन से अपना जीवन, बच्चों को शिक्षा देने में लगा दिया। पर जब वे रिटायर हुए तो उनके साथ भी वही हुआ, जो 2004 के बाद नियुक्त  सरकारी कर्मचारियों के साथ होते आ रहा है।

नई पेंशन योजना (NPS) के तहत उन्हें 1150 रुपए महीने की मामूली सी पेंशन मिलती है। 1150 में उन्हें अपना पेट भी भरना है, दवाई भी खरीदनी है और अन्य खर्चे भी देखने हैं। आप ही सोचिए कि आज की इस महंगाई के दौर में क्या 1150 रुपए में एक रिटायर्ड व्यक्ति अपना जीवन गुजार सकता है। 
 
जिस सरकारी कर्मचारी ने देश के लिए अपनी पूरी जवानी को लगा दिया हो, उसके बुढ़ापे में उसे इतना मजबूर कर देना किस तरह का न्याय है? ये केवल एक सरकारी कर्मचारी की कहानी नहीं है। ऐसे लाखों लोग एनपीएस के कारण प्रभावित होते हैं।
 
इसलिए हमने यह पेटीशन शुरू की है ताकि सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करें।अगर आप नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना चाहते हैं तो इस पेटीशन पर साइन कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.
 
आपको बता दें कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन के स्थान पर नई पेंशन योजना का प्रावधान किया गया। 
 
दरअसल इसका केवल नाम ही नई पेंशन योजना है जबकि हकीकत में यह एक म्यूचुअल फंड योजना है, जहां कर्मचारियों का पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है जहां पर निश्चित रिटर्न की कोई संभावना नहीं है। इससे कर्मचारियों का भविष्य, उनके परिवार का भविष्य और उनके बच्चों का भविष्य खतरे में है।
 
पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत मिलने वाला कोई भी लाभ नई पेंशन योजना में नहीं मिलता है। ना ही जीपीएफ की कोई सुविधा है, ना ही निश्चित पेंशन की कोई सुनिश्चित है और ना ही सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मौत पर उसके परिवार को कुछ मिलेगा।
 
पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत धन सरकार द्वारा दिया जाता है जबकि नई पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी को अपने वेतन का कुछ हिस्सा जमा करना पड़ता है। उसके बावजूद भी कोई आश्वासन नहीं है कि कर्मचारी को उसके द्वारा जमा किए गए धन मिल जाएगा या नहीं क्योंकि यह पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है जिसमें निश्चित रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।
 
कर्मचारी जो अपने जीवन के स्वर्ण काल ​​को देश की सेवा में अर्पित करता है किको रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित जीवन की सुनिश्चितता अपने नियोक्ता यानी सरकार की है। लेकिन कर्मचारियों से उनकी वृद्ध की लाठी उनकी पेंशन उनसे छीन ली गई है।
 
जहां एक और नेताओं के लिए पेंशन की व्यवस्था है, चाहे कोई एक दिन का एमपी हो, एमएलए रहे थेरो पेंशन है लेकिन कर्मचारियों के लिए पेंशन नहीं है। 
 
अगर कोई एमएलए से एमपी बनता है तो उसको डबल पेंशन और कुछ को तो तीन-तीन पेंशन लेकिन कर्मचारियों को उनका हक, उनकी पेंशन नहीं दी जा रही है।
 
से निवेदन है की इस पेटीशन पर ज्यादा से ज्यादा हस्ताक्षर करें ताकि कर्मचारी और उनके परिवार को उनका हक मिले।
 
#HamariPension

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Surender Singhपेटीशन स्टार्टर
कामयाबी
20,042 समर्थकों के साथ इस पेटीशन ने बदलाव लाया!

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कमला श्रीवास्तव जी ने अपनी ज़िंदगी के 10 साल अपने विद्यालय को दे दिया। उन्होंने पूरी ईमानदारी और लगन से अपना जीवन, बच्चों को शिक्षा देने में लगा दिया। पर जब वे रिटायर हुए तो उनके साथ भी वही हुआ, जो 2004 के बाद नियुक्त  सरकारी कर्मचारियों के साथ होते आ रहा है।

नई पेंशन योजना (NPS) के तहत उन्हें 1150 रुपए महीने की मामूली सी पेंशन मिलती है। 1150 में उन्हें अपना पेट भी भरना है, दवाई भी खरीदनी है और अन्य खर्चे भी देखने हैं। आप ही सोचिए कि आज की इस महंगाई के दौर में क्या 1150 रुपए में एक रिटायर्ड व्यक्ति अपना जीवन गुजार सकता है। 
 
जिस सरकारी कर्मचारी ने देश के लिए अपनी पूरी जवानी को लगा दिया हो, उसके बुढ़ापे में उसे इतना मजबूर कर देना किस तरह का न्याय है? ये केवल एक सरकारी कर्मचारी की कहानी नहीं है। ऐसे लाखों लोग एनपीएस के कारण प्रभावित होते हैं।
 
इसलिए हमने यह पेटीशन शुरू की है ताकि सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करें।अगर आप नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना चाहते हैं तो इस पेटीशन पर साइन कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें.
 
आपको बता दें कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन के स्थान पर नई पेंशन योजना का प्रावधान किया गया। 
 
दरअसल इसका केवल नाम ही नई पेंशन योजना है जबकि हकीकत में यह एक म्यूचुअल फंड योजना है, जहां कर्मचारियों का पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है जहां पर निश्चित रिटर्न की कोई संभावना नहीं है। इससे कर्मचारियों का भविष्य, उनके परिवार का भविष्य और उनके बच्चों का भविष्य खतरे में है।
 
पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत मिलने वाला कोई भी लाभ नई पेंशन योजना में नहीं मिलता है। ना ही जीपीएफ की कोई सुविधा है, ना ही निश्चित पेंशन की कोई सुनिश्चित है और ना ही सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मौत पर उसके परिवार को कुछ मिलेगा।
 
पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत धन सरकार द्वारा दिया जाता है जबकि नई पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी को अपने वेतन का कुछ हिस्सा जमा करना पड़ता है। उसके बावजूद भी कोई आश्वासन नहीं है कि कर्मचारी को उसके द्वारा जमा किए गए धन मिल जाएगा या नहीं क्योंकि यह पैसा शेयर बाजार में लगाया जाता है जिसमें निश्चित रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।
 
कर्मचारी जो अपने जीवन के स्वर्ण काल ​​को देश की सेवा में अर्पित करता है किको रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित जीवन की सुनिश्चितता अपने नियोक्ता यानी सरकार की है। लेकिन कर्मचारियों से उनकी वृद्ध की लाठी उनकी पेंशन उनसे छीन ली गई है।
 
जहां एक और नेताओं के लिए पेंशन की व्यवस्था है, चाहे कोई एक दिन का एमपी हो, एमएलए रहे थेरो पेंशन है लेकिन कर्मचारियों के लिए पेंशन नहीं है। 
 
अगर कोई एमएलए से एमपी बनता है तो उसको डबल पेंशन और कुछ को तो तीन-तीन पेंशन लेकिन कर्मचारियों को उनका हक, उनकी पेंशन नहीं दी जा रही है।
 
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फैसला लेने वाले

Nirmala Sitharaman
Defense Minister of India
Narendra Modi
Prime Minister Of India
Amit Shah
Home Minister
Minister of Personnel, Public Grievances and Pensions
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