#JusticeForBuddy: मासूम पिल्ले के साथ बर्बरता की हदें पार करने वालों के खिलाफ़ कार्रवाई हो


#JusticeForBuddy: मासूम पिल्ले के साथ बर्बरता की हदें पार करने वालों के खिलाफ़ कार्रवाई हो
समस्या
बडी। एक छोटा सा, मासूम कुत्ते का पिल्ला, जिसको आए दिन बुरी तरह मारा-पीटा जाता था। उसके साथ बर्बरता की हदें इतनी पार की गईं कि उसकी जाँघों पर गहरी चोट पहुँचाकर तोड़ा गया और उसके गुप्तांग को भी चोट पहुँचाई गई। वो शायद दुबारा ठीक से ना चल पाए।
जानते हैं उसकी गलती क्या थी? उसकी गलती ये थी कि वो एक बेज़ुबान जानवर है, जो एक ऐसे घर में है, जिसके मालिकों के दिल में दया और करुणा नाम की चीज़ नहीं।
इस मामले में पुलिस ने नोएडा के निवासी ऋषभ मेहरा के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है, जो बडी का मालिक है। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसने कथित रूप से पुलिस को घूस देने की कोशिश की। आरोपी अभी भी सलाखों के पीछे नहीं हैं।
मैंने ये पेटीशन सिर्फ़ दो मकसद के लिए शुरू की है:
1. बडी के साथ बर्बरता की हदें पार करने वालों के खिलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि ये घटना एक सबक बने उनके लिए जो बेज़ुबान जानवरों को नुकसान पहुँचाते हैं।
2. जानवरों के प्रति क्रूरता के लिए लगाया जाने वाले अधिकतम जुर्माने की रकम को बढ़ाया जाए। अभी हाल ये है कि आप किसी भी कुत्ते, बिल्ली या किसी भी जानवर को तड़पा सकते हैं और महज़ 10-50 रुपया देकर बच सकते हैं।
अभी पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960) के तहत पशुओं को नुकसान पहुँचाने का जुर्माना 10-50 रुपये के बीच ही है। क्या इसी को इंसाफ़ कहते हैं?
प्लीज़ मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें, इसे अपने सोशल मीडिया में पोस्ट करें ताकि मासूम बडी को इंसाफ़ मिले और किसी जानवर के साथ ऐसी बर्बरता ना हो, ऐसी हिंसा ना हो जो बडी के साथ हुई।
समस्या
बडी। एक छोटा सा, मासूम कुत्ते का पिल्ला, जिसको आए दिन बुरी तरह मारा-पीटा जाता था। उसके साथ बर्बरता की हदें इतनी पार की गईं कि उसकी जाँघों पर गहरी चोट पहुँचाकर तोड़ा गया और उसके गुप्तांग को भी चोट पहुँचाई गई। वो शायद दुबारा ठीक से ना चल पाए।
जानते हैं उसकी गलती क्या थी? उसकी गलती ये थी कि वो एक बेज़ुबान जानवर है, जो एक ऐसे घर में है, जिसके मालिकों के दिल में दया और करुणा नाम की चीज़ नहीं।
इस मामले में पुलिस ने नोएडा के निवासी ऋषभ मेहरा के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है, जो बडी का मालिक है। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसने कथित रूप से पुलिस को घूस देने की कोशिश की। आरोपी अभी भी सलाखों के पीछे नहीं हैं।
मैंने ये पेटीशन सिर्फ़ दो मकसद के लिए शुरू की है:
1. बडी के साथ बर्बरता की हदें पार करने वालों के खिलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि ये घटना एक सबक बने उनके लिए जो बेज़ुबान जानवरों को नुकसान पहुँचाते हैं।
2. जानवरों के प्रति क्रूरता के लिए लगाया जाने वाले अधिकतम जुर्माने की रकम को बढ़ाया जाए। अभी हाल ये है कि आप किसी भी कुत्ते, बिल्ली या किसी भी जानवर को तड़पा सकते हैं और महज़ 10-50 रुपया देकर बच सकते हैं।
अभी पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960) के तहत पशुओं को नुकसान पहुँचाने का जुर्माना 10-50 रुपये के बीच ही है। क्या इसी को इंसाफ़ कहते हैं?
प्लीज़ मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें, इसे अपने सोशल मीडिया में पोस्ट करें ताकि मासूम बडी को इंसाफ़ मिले और किसी जानवर के साथ ऐसी बर्बरता ना हो, ऐसी हिंसा ना हो जो बडी के साथ हुई।
पेटीशन बंद हो गई
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फैसला लेने वाले

30 नवंबर 2020 पर पेटीशन बनाई गई