पेटीशन अपडेटसरकारी बैंक या तो मुनाफा कमाने के साधन बनाए जाएं या सरकारी योजनाओं को घर घर पहुंचाने के

भारतीय पिछड़े और ग्रामीण समाज की मदद के लिए आगे आइये

SADDAM HUSSAIN DARSHBarmer, भारत
5 मार्च 2018
आपका हार्दिक अभिनंदन आपके कीमती साइन के लिए साथ ही आपके सपोर्ट की वजह से मिले और सहयोग के लिए और आज हम 1000 सिग्नेचर पार कर चुके हैं अतः दिल से शुक्रिया����� निसंदेह समस्त सब्सिडी और गैस बेनिफिट सीधे Bank खाते में जा रहे हैं इससे भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर बेहतरीन तरीके से नियंत्रण हो रहा है साथ ही भारतीय आबादी का एक बहुत बड़ा भाग या यूं कहें कि लगभग सभी लोग अपने उक्त फायदे सीधे बैंक खाते में चाहते हैं लेकिन साथ में यह भी चाहते हैं कि बैंकों में सेवा के नाम पर अंधाधुंध चार्ज की वसूली ना हो मिनिमम बैलेंस का बहाना लेकर यह संदेश भेजने का चार्ज का बहाना लेकर अथवा किसी और बहाने से उनके छोटी छोटी बचत ऊपर कोई डकैती ना डालें इसलिए जरूरी है कि बैंक अपनी कार्यप्रणाली इस तरह की रखें तथा किसी भी संस्था या सरकारी दबाव में ना आकर के ऐसी ऐसी योजना और कार्यशैली से काम करें अधिकतम समाज का अधिकतम कल्याण सुनिश्चित हो सके इसलिए जरूरी है कि हम सरकारी बैंकों का साथ दें क्योंकि निजी बैंक किस तरह से बहाने ढूंढ रहे होते हैं ग्राहकों की जेब पर डाका डालने का। आइए साथ दें भारत के गरीब मजदूर का खेतों में मेहनत कर रहे किसान का या फिर घरेलू कामकाज से छोटी-मोटी बचत कर लेने वाली कर्मठ महिलाओं का और 7 दिन सरकारी बैंक का इस याचिका पर साइन करें और साथ ही अपने दोस्तों और जयंत जान पहचान वालों तक पहुंचाएं ताकि निजी करण के डरावनी और एकमात्र मुनाफाखोरी के मकसद की तरफ चलने वाले हालात से निपट सके।
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