पेटीशन अपडेटसरकारी बैंक या तो मुनाफा कमाने के साधन बनाए जाएं या सरकारी योजनाओं को घर घर पहुंचाने के

भारत के सरकारी बैंक भारतीय समाज व्यवस्था की रीड है

SADDAM HUSSAIN DARSHBarmer, भारत
4 मार्च 2018
कुछ लोग भारत के सरकारी बैंक और उनके परफॉर्मेंस की तुलना भारत की निजी बैंकों से कर रहे हैं उनसे एक छोटा सा निवेदन है कि वह अपने आस पड़ोस के गरीब BPL धारी और विधवा पेंशन लेने वाले लोगों को नजदीकी HDFC Axis Bank ICICI Bank सिटीबैंक या कोई और निजी बैंक में ले जाएं और वहां जीरो बैलेंस का खाता खुलवाए तब मानेंगे कि आपकी बातों में दम है वही दूसरी तरफ सरकारी बैंक का 90% कार्य और सेवाए इसी पर चल रही है। दूसरी बात कि यह समस्त निजी बैंक अपने कामकाज का क्षेत्र अपना प्रॉफिट देखते हैं ना कि दूरदराज गांव में बसे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सुविधा आप एक ऐसा निजी बैंक बता दीजिए जिन्होंने गांव में लोगों की सेवा को ध्यान में रखते हुए अपनी शाखाएं खोली हो , अधिकांश शाखाए शहरी क्षेत्रों में होती है। आप से निवेदन है कि इस दोहरे मापदंड पर सरकारी बैंकों को ना तोलें और इन सरकारी बैंकों को बचाने के लिए इस याचिका पर साइन करें और आगे फॉरवर्ड करें धन्यवाद
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