Message aux signatairesसुपर-30 बायोपिक फ़िल्म की बुनियाद झूठी/गलत है, सुपर-30 फिल्म के निर्माण को तुरंत रोका जाए
श्री आनंद कुमार के स्वघोषित 'गणितज्ञ' का आधार, कथित शोध ही फर्जी

Hrishikesh SinghPatna, Inde

13 févr. 2018
अपने नाम के पूर्व स्वयं ही 'गणितज्ञ' लगाने वाले श्री आनंद कुमार ने गणित के शोध को जिन विदेश की पत्रिकाओं में प्रकाशित होने की बात प्रदेश एवं देश मे बतायी एवं फैलायी है, उनसे इस संदर्भ में संपर्क करने पर औपचारिक जवाब यह मिला की या तो यह मौलिक शोध नहीं है या फिर उन्हें श्री आनंद कुमार का कोई लेख नहीं मिला है।
इसकी सत्यता के लिए हम उन मैगज़ीन के जवाब की स्क्रीनशॉट संलग्न कर रहे है। हमारा ध्येय श्री आनंद कुमार को नीचा दिखाना नहीं बल्कि यह जताना और बताना है कि वो जिस ऊंचाई पर है उसकी बुनियाद ही झूठ, प्रपंच और उनके खुराफाती दिमाग की करामात है।
क्या इस समाज के लोगो ने उनसे ऐसा कुछ कहा की यहां शिक्षक होने के लिए आपके पास डिग्रियां एवं शोध अनिवार्य ही है? यदि आपको पाटलिपुत्रा या भारतवर्ष के शिष्य-गुरु-समाज का गौरवशाली इतिहास का पता होता तो यह भी पता होता कि शिक्षक त्याग और विशाल हृदय का स्वामी होता है, त्याग एवं आदर्श उसकी पहचान होती है, किन्तु अफसोस आपमें इन में से कोई भी गुण विद्यमान नहीं है, साथ ही आपने ढोंग एवं प्रपंच का सहारा लेते हुए, झूठी दलीलें पेश कर ख्याति बटोरी, बिना इस बात की चिंता किये हुए की सच कभी न कभी तो सामने आएगा ही। यह सब आपने बिना यह सोचे ही किया की जिस समाज ने आपको सर-आंखों पर बिठाकर रखा, उसकी भावनाएं कितनी आहत होंगी साथ ही उसका स्वाभिमान तो चूर-चूर ही हो जाएगा। आप गणित के शिक्षक बेशक हो सकते है किंतु इन सारी बातों से यह जरूर तय हो गया है कि आप एक अच्छे इंसान तो बिल्कुल ही नहीं है।
बिहार जैसी ज्ञान की धरती से उपजी असीमित संभावनाओं वाली सामाजिक क्रांति व बिहारी अस्मिता की पर्याय 'सुपर 30' की क़ामयाबी का श्रेय सिर्फ और सिर्फ आप खुद ही लेते है, जबकि यह उत्कृष्ट शिक्षकों के टीम व प्रतिभाशाली बच्चों की समंजन की कामयाबी है। क्यों नहीं कभी आपने इस नायाब पहल को शिक्षा के दूसरे क्षेत्रो में आजमाने की कोशिश की, मान लेते है कि आपकी संकीर्ण सोच में ऐसी वृहद धारणा आ ही नहीं सकती, तो कम से कम 'सुपर-30' के वर्तमान मापांक को देश के दूसरे अन्य स्थानों जहां पर शिक्षा का अभाव हो, गरीबी हो वहाँ पर पहल करने की कोशिश करते, लेकिन नहीं आपको तो एकछत्र स्वामित्त्व चाहिए, अपने समानांतर तो आप कुछ चाहते ही नहीं है। अगर आप ऐसा करते तो आप अमर हो जाते, किन्तु आपकी सतही सोच इस स्टार की हो भी नहीं सकती,आप तो सिर्फ ख्याति पाना चाहते है और उसके लिए आपने फर्जी व गलत जानकारी समाज को दिया।
इस समाज 'से और में' हमेशा सुना है कि ईश्वर के घर देर होती है अंधेर नही, अब इंतेज़ार है सिर्फ उस वक़्त का जब आपकी असलियत दुनिया के सामने आए।
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