URGENT NEED OF ELECTROL REFORM चुनाव प्रक्रिया मे बदलाव आवश्यक

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        TO MEET THE DREAM OF DEMOCRACY IN REALITY CARRY OUT URGENT REFORMS           IN  ELECTION SYSTEM .

लोकतंत्र /प्रजातंत्र / जनतंत्र के स्वप्नपूर्ती के लिए भारत में चुनाव प्रक्रिया में आमूलाग्र बदल की जरूरत :

  More than 90 % of Indian citizens are frustrated with the present election system. All political parties are forcing the candidates over voters; voters have no choice or role to select the candidate for election. Out of 130 crores citizens some few families and fixed candidates from all parties are the only choices before the voters. Irrespective of the elections citizens are forced to elect among these candidates only, by virtue of this they have taken for granted voters and democracy. This is one of the main reasons for low voter turnout in India. 

भारत में पिछले ७ दशकोंसे गणतंत्र है लेकिन वास्तव में उसकी प्रजातंत्र की स्वप्नपूर्ती अभी भी कोसो दूर है ऐसी धारणा देश के ९० प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओंकी हो गई है और इसका प्रमुख कारन है " आज की चुनाव पद्धाती " . आज मतदातोंके सामने "अच्छे उमेदवार " सेलेक्ट करनेकी संधी  ही नहीं है क्योंकि पुरे देश में सभी पार्टी द्वारा दिए जानेवाले उम्मीदवार लिमिटेड फैमिलीज़ से होती है।  मतदाता ओंको आज पार्टी द्वारा थोपे गए उम्मीदवारोमेसे किसी एक को चुननेकी मज़बूरी होती है।  

  Its high time to reform the OVERALL ELECTROL SYSTEM.  In India for recruitment of even a class four employee there is minimum qualification requirement,  whereas  its not applicable for any candidate willing to get nominated right from Grampanchayat to MLA /MP election .  70 %  of ALL PARTY ELECTED CANDIDATES have criminal background as voters have limited choice of choosing the  candidates forced by the political parties.  Limited scope of choice as most of the  candidates are repeated for years together for every election . 

TO OVERCOME THE DRAWBACK OF CURRENT ELECTROL SYSTEM , India needs overhaul reform in ELECTION PROCESS. 

EXPECTED REFORM IS AS :          2 PHASE ELECTION SYSTEM :

         Phase I:    Ask all candidates to file their nominations for different post right from grampanchayt member  to Member of parliament . In phase by giving voter “right “ to  vote for all willing candidates  to select and reject candidates .   ( Right now NOTA is the option but its not worth as is not get counted.)

  ALL THE CANDITAES WHO ARE REJECTED BY MORE THAN 50 % VOTERS SHOULD BE BAN  THROUGH OUT THE LIFE FOR ANY ELECTION  OR AT LEAST FOR NEXT 10 YEARS . THEN AND THEN ONLY OBJECTIVE   OF DEMOCRACY CAN BE MET.

 

·         PHASE II :  In second phase  political parties  can select Any  candidate qualified in PHASE I ,as a party candidate  or  qualified candidates may file their nomination as a independent candidate.  Then with current voting system final candidate can be chosen. 

स्वातंत्र्य पश्चात जिस प्रजातंत्र का सपना देखा था उसकी परिपूर्ती होने के लिए चुनाव पद्धतीमे बदलाव जरुरी है।  भविष्यमे चुनाव दो फेज में होनी चाहिए।  


फेजी I : ग्रामपंचायत से लेकर संसद सदस्य बननेकी की जिन -जिन उम्मीदवार की मनीषा है उन सबको अपना नामांकन दर्ज करनेके लिए संधी देना चाहिए।  एक बार उम्मीदवार तय हो गए तो मतदाता को हर एक कैंडिडेट्स को वोट देने की संधी होनी चाहिए।  मतदाता यह तय करेगा की यह उम्मीदवार चाहिए या नहीं।  अगर किसी उम्मीदवार को पचास फीसदी से ज्यादा मतदाओने नकारा तो उसे अगले १० साल में किसी भी चुनाव के लिए प्रतिबंध करना चाहिए।  ऐसा किया तो ही भारतीय लोकतंत्र को लगी घरनेशाही , क्रिमिनल ,करप्ट लोकप्रतिनिधिओंका जो ग्रहण लगा है वह ख़तम होगा।  वर्णा वर्तमान चुनाव पद्धतीसे इनका ही राज चलेगा क्योंकी सभी राजकीय पार्टीके उम्मीदवार वही वही होते है।  मतदातोंको उनमेसे एक को चुनना होता है।  अगर चुनाव में खड़े होनेवाले उम्मीदवार ही अच्छे नहीं होंगे तो मतदाता अच्छा उम्मीदवार कैसे चुन सकते है।  


फेज II : फेज II  में फेज I में जिन टॉप ३ लोगोंको मतदाता ओने चुना है ,वही उम्मीदावर अंतिम चुनाव में पात्र होने चाहिए।  

MOST IMP :  In current election system , for any election Rule must be framed that  ,  if percentage of NOTA Crosses 20 % of total votes  then all candidates contesting election must be banned either for 10 years or for life time . 

Thanks : SUDHIR DANI , MUMBAI  danisudhir@gmail.com