कोरोना वायरस: मास्क और सैनिटाइजर की कीमतों को रेगुलेट करें ताकि आम जनता भयभीत ना हो


कोरोना वायरस: मास्क और सैनिटाइजर की कीमतों को रेगुलेट करें ताकि आम जनता भयभीत ना हो
समस्या
दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस की दस्तक से यहाँ और पूरे देश में भय का माहौल है। लोग दहशत में हैं!
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ सावधानी बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है पर लोग अपने-अपने स्तर पर इलाज खोजने में लगे हैं। जबसे दिल्ली में इस वायरस के केस सामने आए हैं तबसे लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई है, क्योंकि लोगों में इसकी ख़रीददारी की होड़ सी मची हुई है।
मैंने दिल्ली एनसीआर में N95 फेस मास्क और हैंड सैनिटाइटर खरीदने के बारे में एक रिपोर्ट पढ़ी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि सर्जिकल मास्क, जो आमतौर पर 10 रुपये में बिकते हैं, 40 रुपये या उससे अधिक में बेचे जा रहे थे। और एन 95 मास्क, जो लगभग 150 रुपये में बिक रहे थे, 500 रुपये तक में बेचे जा रहे थे।
ये बड़ी बेसिक सी बात है: डिमांड और सप्लाई। पर जब लोगों के मन में डर घर कर लेता है तो बेसिक बातें भी हवा हो जाती हैं। कोरोना वायरस से ज्यादा मानो लालच का वायरस फैल रहा है। तभी तो जमाखोरी और मुनाफाखोरी धड़ल्ले से हो रही है। यह अब हर स्तर पर हो रहा है, थोक बाजार से लेकर रीटेल तक।
डर के मारे खरीददारी और मुनाफाखोरों द्वारा बढ़ाए गए दाम, ये दोनों मिलकर आम जनता को और भयभीत कर रहे हैं। ग्राहक डरा हुआ है, उसकी सेहत और जेब दोनों पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में स्वास्थ्य मंत्रालय को हस्तक्षेप कर के मास्क, इत्यादि की कीमत को नियंत्रित करना होगा। जब देश ऐसे माहौल से गुजर रहा हो, ऐसे समय में दुकानदारों का कीमतें बढ़ाना सरासर अनैतिकता है।
इसीलिए मैंने, मेरी दोस्त और महिला चेंजमेकर सीमा मिश्रा के साथ मिलकर ये पेटीशन शुरू की है। सीमा एक शिक्षक हैं। हमने ये साझा अभियान शुरू किया ताकि साथ मिलकर इस समस्या से लड़ा जा सके।
मैं ग्राहकों के हितों के लिए काम करने वाली एक कार्यकर्ता हूँ। मैंने खुद 10 दुकानों पर जाकर रेट पता किए हैं और पाया कि दुकानदार एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे ले रहे हैं। या फिर कहा जा रहा है कि उनके पास मास्क उपलब्ध नहीं है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सभी नागरिकों को सुरक्षित बनाने के लिए काम होना चाहिए तो उसकी जगह ब्लैकमार्केटिंग और मुनाफाखोरी, जमाखोरी हो रही है।
बहुत लोग नहीं जानते कि हमारी भारत सरकार एक महीने से अधिक समय से कोरोनवायरस को भारत में प्रवेश करने से रोकने पर काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दैनिक अपडेट के अनुसार, वे एक मजबूत आकस्मिक योजना के साथ तैयार हैं जिसमें 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग, संगरोध शिविर, समर्पित अस्पताल वार्ड और चिकित्सा भंडार शामिल हैं।
हमारा मानना है कि भारत इस संकट से निपटने लिए अच्छी तरह से तैयार है। अगर सरकार मास्क और सैनिटाइज़र की आपूर्ति, मूल्य निर्धारण और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए हस्तक्षेप करके एक कदम आगे बढ़ जाती है, तो इससे डर पर लगाम लगेगी।
Image Credit: Navbharat Times #CoronaKoDhona #CurbThePanic
समस्या
दिल्ली-एनसीआर में कोरोना वायरस की दस्तक से यहाँ और पूरे देश में भय का माहौल है। लोग दहशत में हैं!
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ सावधानी बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है पर लोग अपने-अपने स्तर पर इलाज खोजने में लगे हैं। जबसे दिल्ली में इस वायरस के केस सामने आए हैं तबसे लोगों में एक अलग ही बेचैनी देखने को मिली है। मेडिकल स्टोर्स में मास्क और सैनिटाइजर की कमी हो गई है, क्योंकि लोगों में इसकी ख़रीददारी की होड़ सी मची हुई है।
मैंने दिल्ली एनसीआर में N95 फेस मास्क और हैंड सैनिटाइटर खरीदने के बारे में एक रिपोर्ट पढ़ी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि सर्जिकल मास्क, जो आमतौर पर 10 रुपये में बिकते हैं, 40 रुपये या उससे अधिक में बेचे जा रहे थे। और एन 95 मास्क, जो लगभग 150 रुपये में बिक रहे थे, 500 रुपये तक में बेचे जा रहे थे।
ये बड़ी बेसिक सी बात है: डिमांड और सप्लाई। पर जब लोगों के मन में डर घर कर लेता है तो बेसिक बातें भी हवा हो जाती हैं। कोरोना वायरस से ज्यादा मानो लालच का वायरस फैल रहा है। तभी तो जमाखोरी और मुनाफाखोरी धड़ल्ले से हो रही है। यह अब हर स्तर पर हो रहा है, थोक बाजार से लेकर रीटेल तक।
डर के मारे खरीददारी और मुनाफाखोरों द्वारा बढ़ाए गए दाम, ये दोनों मिलकर आम जनता को और भयभीत कर रहे हैं। ग्राहक डरा हुआ है, उसकी सेहत और जेब दोनों पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में स्वास्थ्य मंत्रालय को हस्तक्षेप कर के मास्क, इत्यादि की कीमत को नियंत्रित करना होगा। जब देश ऐसे माहौल से गुजर रहा हो, ऐसे समय में दुकानदारों का कीमतें बढ़ाना सरासर अनैतिकता है।
इसीलिए मैंने, मेरी दोस्त और महिला चेंजमेकर सीमा मिश्रा के साथ मिलकर ये पेटीशन शुरू की है। सीमा एक शिक्षक हैं। हमने ये साझा अभियान शुरू किया ताकि साथ मिलकर इस समस्या से लड़ा जा सके।
मैं ग्राहकों के हितों के लिए काम करने वाली एक कार्यकर्ता हूँ। मैंने खुद 10 दुकानों पर जाकर रेट पता किए हैं और पाया कि दुकानदार एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे ले रहे हैं। या फिर कहा जा रहा है कि उनके पास मास्क उपलब्ध नहीं है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सभी नागरिकों को सुरक्षित बनाने के लिए काम होना चाहिए तो उसकी जगह ब्लैकमार्केटिंग और मुनाफाखोरी, जमाखोरी हो रही है।
बहुत लोग नहीं जानते कि हमारी भारत सरकार एक महीने से अधिक समय से कोरोनवायरस को भारत में प्रवेश करने से रोकने पर काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दैनिक अपडेट के अनुसार, वे एक मजबूत आकस्मिक योजना के साथ तैयार हैं जिसमें 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग, संगरोध शिविर, समर्पित अस्पताल वार्ड और चिकित्सा भंडार शामिल हैं।
हमारा मानना है कि भारत इस संकट से निपटने लिए अच्छी तरह से तैयार है। अगर सरकार मास्क और सैनिटाइज़र की आपूर्ति, मूल्य निर्धारण और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए हस्तक्षेप करके एक कदम आगे बढ़ जाती है, तो इससे डर पर लगाम लगेगी।
Image Credit: Navbharat Times #CoronaKoDhona #CurbThePanic
कामयाबी
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फैसला लेने वाले
5 मार्च 2020 पर पेटीशन बनाई गई