GST Late Fees माफ़ करें ताकि देश के व्यापारी राहत की सांस लें

समस्या

अगर देश के व्यापारी का जीवन पटरी पर नहीं आएगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर नहीं आएगी!

मैं एक चार्टेड अकाउंटेंट (CA) हूँ, मैं और मेरे जैसे कई CA एवं छोटे-बड़े व्यापारी काफी समय से Twitter पर हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी से और वित्तमंत्रालय से GST की भारी लेट फीस को माफ़ करने की गुहार लगा रहे हैं। इसके साथ ही GST कानून के कई प्रावधान जो सामान्य व्यापार के अनुसार व्यवहारिक नहीं है, उदाहरण के लिए GST की धारा 16(4) हो या नियम 36 (4), को समाप्त करने के लिए भी वित्तमंत्री जी से इस हेतु उचित निर्णय लेने के लिए निवेदन कर रहे हैं।

आज कोरोना के इस कठिन समय में जब MSME वर्ग के व्यवसाय बंद है| ऐसे कई व्यापारी जिनका अन्य कोई आय का स्त्रोत नहीं है, ऐसे MSME वर्ग के व्यापारियों से GST की लेट फीस वसूल करना कहाँ तक उचित है?

मेरी पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें ताकि लेट GST Fees माफ़ कर के सरकार देश के व्यापारियों को राहत दे।

GST लागु होने से आज तक GST पोर्टल में कई तकनीकी समस्याएं आती रही है चाहे वो पोर्टल का बार बार बंद होना हो या रिटर्न फाइल करने के लिए 150000 तक यूजर की संख्या सीमित होना। ऐसी कई तकनीकी खामियों के बारे में GST डिपार्टमेन्ट के अधिकारीयों, वित्तमंत्रालय एवं वित्तमंत्री को कई बार पत्र लिख कर अवगत कराया गया किन्तु अभी तक GST पोर्टल में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

GST के शुरुआती वर्षो में GST पोर्टल की तकनीकी खामियों की वजह से और GST के कई अव्यवहारिक धाराओं और नियमों के कारण कई व्यापारी अपनी GST return समय पर दाखिल नहीं कर पाए। रिटर्न पर लगने वाली भारी लेट फीस के कारण आगे के महीनो की भी रिटर्न नहीं भरी जा सकी।

सरकारी पोर्टल की खामियों का नतीजा ये रहा की MSME वर्ग के व्यापारियों पर भारी भरकम लेट फीस का बोझ आ पड़ा। कई व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल ना करना सरकार के GST Collection को प्रभावित करता है तथा सरकार निर्धारित GST Collection के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अन्य व्यापारियों को नोटिस देकर अकारण परेशान करती है।

अगर सरकार MSME वर्ग के व्यापारियों की अपील सुने और GST लेट फीस माफ़ कर एक अमेनेसटी स्कीम लाये जिसमे सभी व्यापारी अपनी बकाया रिर्टन दाखिल कर सके | इससे MSME वर्ग के व्यापारियों को एक राहत तो मिलेगी ही साथ ही सरकार को भी अच्छा GST Collection होगा।

इसीलिए मैंने यह याचिका शुरू की है, अगर आप भी मुझसे सहमत है और GST लेट फीस की मार से पीड़ित है तो इस याचिका पर हस्ताक्षर करे | ताकि हम सब एकजुट होकर अपनी आवाज़ वितमंत्री जी तक पहुंचा सके। संघटन में शक्ति का ये अप्रतिम उदहारण होगा।

सरकार ने फरवरी से लेकर मई 2020 की लेट GST Fees माफ़ कर दी है ऐसे में हमें उम्मीद है कि सरकार इससे पहले की अवधि की भी लेट GST Fees माफ़ कर के देश के व्यापारियों को बड़ी राहत देगी।

इस अपील में मेरा साथ दे और मेरी पेटीशन को जितना हो सके शेयर करें ताकि सरकार तक हमारी बात पहुँचे।

avatar of the starter
CA Pankaj Goyalपेटीशन स्टार्टरI am just trying to raise voice of MSME. I saw many MSME affected from heavy late fee of GST
यह पेटीशन 634 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

अगर देश के व्यापारी का जीवन पटरी पर नहीं आएगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर नहीं आएगी!

मैं एक चार्टेड अकाउंटेंट (CA) हूँ, मैं और मेरे जैसे कई CA एवं छोटे-बड़े व्यापारी काफी समय से Twitter पर हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी से और वित्तमंत्रालय से GST की भारी लेट फीस को माफ़ करने की गुहार लगा रहे हैं। इसके साथ ही GST कानून के कई प्रावधान जो सामान्य व्यापार के अनुसार व्यवहारिक नहीं है, उदाहरण के लिए GST की धारा 16(4) हो या नियम 36 (4), को समाप्त करने के लिए भी वित्तमंत्री जी से इस हेतु उचित निर्णय लेने के लिए निवेदन कर रहे हैं।

आज कोरोना के इस कठिन समय में जब MSME वर्ग के व्यवसाय बंद है| ऐसे कई व्यापारी जिनका अन्य कोई आय का स्त्रोत नहीं है, ऐसे MSME वर्ग के व्यापारियों से GST की लेट फीस वसूल करना कहाँ तक उचित है?

मेरी पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें ताकि लेट GST Fees माफ़ कर के सरकार देश के व्यापारियों को राहत दे।

GST लागु होने से आज तक GST पोर्टल में कई तकनीकी समस्याएं आती रही है चाहे वो पोर्टल का बार बार बंद होना हो या रिटर्न फाइल करने के लिए 150000 तक यूजर की संख्या सीमित होना। ऐसी कई तकनीकी खामियों के बारे में GST डिपार्टमेन्ट के अधिकारीयों, वित्तमंत्रालय एवं वित्तमंत्री को कई बार पत्र लिख कर अवगत कराया गया किन्तु अभी तक GST पोर्टल में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

GST के शुरुआती वर्षो में GST पोर्टल की तकनीकी खामियों की वजह से और GST के कई अव्यवहारिक धाराओं और नियमों के कारण कई व्यापारी अपनी GST return समय पर दाखिल नहीं कर पाए। रिटर्न पर लगने वाली भारी लेट फीस के कारण आगे के महीनो की भी रिटर्न नहीं भरी जा सकी।

सरकारी पोर्टल की खामियों का नतीजा ये रहा की MSME वर्ग के व्यापारियों पर भारी भरकम लेट फीस का बोझ आ पड़ा। कई व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल ना करना सरकार के GST Collection को प्रभावित करता है तथा सरकार निर्धारित GST Collection के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अन्य व्यापारियों को नोटिस देकर अकारण परेशान करती है।

अगर सरकार MSME वर्ग के व्यापारियों की अपील सुने और GST लेट फीस माफ़ कर एक अमेनेसटी स्कीम लाये जिसमे सभी व्यापारी अपनी बकाया रिर्टन दाखिल कर सके | इससे MSME वर्ग के व्यापारियों को एक राहत तो मिलेगी ही साथ ही सरकार को भी अच्छा GST Collection होगा।

इसीलिए मैंने यह याचिका शुरू की है, अगर आप भी मुझसे सहमत है और GST लेट फीस की मार से पीड़ित है तो इस याचिका पर हस्ताक्षर करे | ताकि हम सब एकजुट होकर अपनी आवाज़ वितमंत्री जी तक पहुंचा सके। संघटन में शक्ति का ये अप्रतिम उदहारण होगा।

सरकार ने फरवरी से लेकर मई 2020 की लेट GST Fees माफ़ कर दी है ऐसे में हमें उम्मीद है कि सरकार इससे पहले की अवधि की भी लेट GST Fees माफ़ कर के देश के व्यापारियों को बड़ी राहत देगी।

इस अपील में मेरा साथ दे और मेरी पेटीशन को जितना हो सके शेयर करें ताकि सरकार तक हमारी बात पहुँचे।

avatar of the starter
CA Pankaj Goyalपेटीशन स्टार्टरI am just trying to raise voice of MSME. I saw many MSME affected from heavy late fee of GST

फैसला लेने वाले

Nirmala Sitharaman
Finance Minister of India
GST Council
GST Council

पेटीशन अपडेट

पेटीशन को शेयर करें

9 मई 2020 पर पेटीशन बनाई गई