स्कूलों में फीस़ बढ़ोतरी को रोका जाए ताकि किसी आम आदमी पर खर्च का बोझ ना पड़े

समस्या

मैं भारत की एक आम नागरिक हूँ और दो बच्चों की माँ हूँ। वो दोनों स्कूल जाते हैं, पर पता नहीं कि मैं आगे उनकी पढ़ाई का खर्चा उठा भी पाऊँगी या नहीं। मेरा हर दिन इसी फिक्र से शुरू होता है कि कोरोना वायरस से होने वाली इस तबाही से हम कैसे बच पाएंगे?

मैं गुड़गाँव की रहने वाली हूँ और आप ही की तरह डर और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हूँ। मैं आशा करती हूँ कि हमारा देश इस बीमारी से लड़ लेगा पर मुझे डर है कि हम में से बहुत लोग इसके कारण फैली आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी से नहीं उबर पाएंगे।

एक तरफ़ जहाँ हम जैसे आम लोग हैं जो खाने-पीने, दवाई और आगे की मुश्किलों को सोचकर परेशान हो रहे हैं तो दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल वाले हैं, जिन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ याद है तो बस फीस बढ़ोतरी। तभी तो मेरे बच्चों के स्कूल की तरफ से मुझे फीस़ बढ़ोतरी का नोटिस मिला।

वो नोटिस देखकर मैं हैरान रह गई, चौंक सी गई। मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बढ़ी हुई ट्यूशन और ट्रांस्पोर्ट फीस़ भरूँगी।

एक ऐसे समय में कि जब पूरे देश में लॉकडाउन है, ना बच्चे स्कूल जा रहे और ना ही टीचर तो स्कूलों द्वारा फीस़ में बढ़ोतरी का कदम ना केवल गलत होगा बल्कि अमानवीय होगा।

मैं समझती हूँ की टीचर्स और स्कूल के अन्य कर्मचारियों की सैलरी इत्यादि के लिए फीस लेना ज़रूरी है, हम माता-पिता इससे कहाँ इनकार कर रहे हैं। हम तो बस इतना कह रहे हैं कि फीस़ बढ़ोतरी ना हो। साथ ही अगर कोरोना वायरस के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं तो हमसे ट्रांस्पोर्ट, मेंटेनेन्स, बिजली, इत्यादि की फीस भी ना ली जाए, केवल ट्यूशन फीस ली जाए।

इसलिए मैंने मानव संसाधन मंत्रालय के नाम ये पेटीशन शुरू की है ताकि देश के सभी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी ना होने पाए, साथ ही राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करें ताकि स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही लें।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि हर आम आदमी अपने बच्चों की फीस का खर्च उठा पाए और उसकी जेब पर बोझ ना पड़े।

avatar of the starter
​Amarpreet Kaurपेटीशन स्टार्टरHailing from Gurgaon, Dignity and safe work environment is what i am standing up for . Sexual harassment@ work is not acceptable. Awareness is Empowerment,help me spread the message and be with me...

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समस्या

मैं भारत की एक आम नागरिक हूँ और दो बच्चों की माँ हूँ। वो दोनों स्कूल जाते हैं, पर पता नहीं कि मैं आगे उनकी पढ़ाई का खर्चा उठा भी पाऊँगी या नहीं। मेरा हर दिन इसी फिक्र से शुरू होता है कि कोरोना वायरस से होने वाली इस तबाही से हम कैसे बच पाएंगे?

मैं गुड़गाँव की रहने वाली हूँ और आप ही की तरह डर और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हूँ। मैं आशा करती हूँ कि हमारा देश इस बीमारी से लड़ लेगा पर मुझे डर है कि हम में से बहुत लोग इसके कारण फैली आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी से नहीं उबर पाएंगे।

एक तरफ़ जहाँ हम जैसे आम लोग हैं जो खाने-पीने, दवाई और आगे की मुश्किलों को सोचकर परेशान हो रहे हैं तो दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल वाले हैं, जिन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ याद है तो बस फीस बढ़ोतरी। तभी तो मेरे बच्चों के स्कूल की तरफ से मुझे फीस़ बढ़ोतरी का नोटिस मिला।

वो नोटिस देखकर मैं हैरान रह गई, चौंक सी गई। मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बढ़ी हुई ट्यूशन और ट्रांस्पोर्ट फीस़ भरूँगी।

एक ऐसे समय में कि जब पूरे देश में लॉकडाउन है, ना बच्चे स्कूल जा रहे और ना ही टीचर तो स्कूलों द्वारा फीस़ में बढ़ोतरी का कदम ना केवल गलत होगा बल्कि अमानवीय होगा।

मैं समझती हूँ की टीचर्स और स्कूल के अन्य कर्मचारियों की सैलरी इत्यादि के लिए फीस लेना ज़रूरी है, हम माता-पिता इससे कहाँ इनकार कर रहे हैं। हम तो बस इतना कह रहे हैं कि फीस़ बढ़ोतरी ना हो। साथ ही अगर कोरोना वायरस के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं तो हमसे ट्रांस्पोर्ट, मेंटेनेन्स, बिजली, इत्यादि की फीस भी ना ली जाए, केवल ट्यूशन फीस ली जाए।

इसलिए मैंने मानव संसाधन मंत्रालय के नाम ये पेटीशन शुरू की है ताकि देश के सभी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी ना होने पाए, साथ ही राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करें ताकि स्कूल केवल ट्यूशन फीस ही लें।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि हर आम आदमी अपने बच्चों की फीस का खर्च उठा पाए और उसकी जेब पर बोझ ना पड़े।

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​Amarpreet Kaurपेटीशन स्टार्टरHailing from Gurgaon, Dignity and safe work environment is what i am standing up for . Sexual harassment@ work is not acceptable. Awareness is Empowerment,help me spread the message and be with me...

फैसला लेने वाले

Govind Singh Dotasra
Minister for Education (Independent Charge), Tourism & Devsthan, Government of Rajasthan
रिस्पोंस दिया गया
प्रिय देशवासियों, मैंने Change.org हिंदी पर श्रीमती अमरप्रीत कौर द्वारा शुरू की गई और अनेकों माता-पिता द्वारा समर्थित इस पेटीशन का संज्ञान लिया है। इस पेटीशन की मांग है कि राजस्थान सरकार प्राइवेट स्कूलों द्वारा फ़ीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर कदम उठाए। इस पेटीशन की तरह ही प्राइवेट स्कूलों के द्वारा फ़ीस बढ़ोतरी को लेकर हमें माता-पिता और अभिभावकों की कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मैं अमरप्रीत और उनकी पेटीशन के सभी समर्थकों को सूचित करना चाहता हूँ कि राजस्थान सरकार ने माता-पिता की राहत के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं: 1. सभी स्कूल अगले 3 महीने की फ़ीस को स्थगित करें और 2. कोई भी स्कूल फ़ीस ना भर पाने के कारण किसी भी छात्र को ऑनलाइन क्लास से नहीं निकालेंगे और स्कूल से उसका नाम नहीं काटेंगे। सरकार इन निर्देशों का पालन ना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही फ़ीस बढ़ोतरी और ऐसे तमाम मुद्दों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया है। यदि आपको इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो इसे सरकार तक पहुँचाए और हम निश्चित ही इसकी समीक्षा करेंगे। हम सब एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं और राजस्थान सरकार इस संकट की घड़ी में नागरिकों के साथ खड़ी है। हमारी कोशिश है कि बिना किसी दिक्कत के बच्चे शिक्षा और अन्य स्कूली गतिविधियों से जुड़े रहें। मुझे खुशी होगी यदि आप ट्विटर पर @GovindDotasra हैंडल फॉलो कर मेरे साथ जुड़ेगे और मेरे द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में अपडेटेड रहेंगे। धन्यवाद, गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन एवं देवस्थान राजस्थान सरकार
Manohar Lal Khattar
Manohar Lal Khattar
Chief Minister, Haryana
Shri Narendra Modi
Prime Minister of India
B V R C Purushottam
B V R C Purushottam
PS to Hon'ble Minister of HRD
Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
Minister of HRD

पेटीशन अपडेट