EPS 95 pension और पेंशनर्स के भविष्य के लिए, ऑनलाइन पिटिशन से करे समर्थन |

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पेंशन योजनाओ का भविष्य कैसा होंगा?

पेंशन हर व्यक्ति के जीवन मे एक अहेम भूमिका निभाता है| कर्मचारियो की बात करे तो जितना महत्व उनके लिए नौकरी काल मे वेतन का होता है उससे कई ज्यादा महत्व सेवानिव्रती के बाद पेंशन का होता है| आज के युग मे जहा कोई किसी का, बिना मतलब से सहयोगी नहीं होता ऐसे मे जब सेवानिव्रती के बाद कर्मचारी की उम्र 60 के पार हो जाती है, कही से आमदनी का जरिया नहीं होता है, ऐसे मे कर्मचारियो के लिए पेंशन ही एकमात्र सहारा होता है| और इसी तरह की मुसीबत से गुजर रहे देश के 64 लाख eps 95 pension धारको के लिए, पेंशन आज एक बड़ी जरूरत बन गई है|

वर्तमान मे भारत सरकार के द्वारा कई तरह की पेंशन योजनाओ के द्वारा लोगो को जोड़ा जा रहा है जैसे : प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के जरिए असंगठित छेत्र मे काम करने वाले लोगो को , कर्मयोगी मानधन योजना - दुकानदारो के लिए, "kisan pension yojana" किसानो के लिए और employee pension scheme (EPS) कर्मचारियो के लिए| ऐसे मे आज ये सवाल जरूर हर एक pensioners और EPFO मे अपना योगदान दे रहे EPF pension कर्मचारियो के मन मे होगा की आखिर क्या होंगा EPF pension योजना का भविष्य ?

क्योकि जबसे मोदी सरकार ने EPF pension योजना (eps 95 pension योजना मे) 2014 मे परिवर्तन किया है , कर्मचारी इस योजना मे किए गए परिवर्तन और इस योजना से खुश नजर नहीं आ रहे है | कुछ कर्मचारी इसका विरोध कर रहे है , कुछ उनका सहयोग , और कुछ अभी भी आस लगाए बैठे है की आगे eps95 पेंशन कर्मचारियो के लिए कुछ अच्छा जरूर होंगा | लेकिन पिछले चार सालो से कुछ नहीं हो पाया है जिससे कर्मचारी विरोध प्रदर्शन , आंदोलन कर रहे है | ऐसे मे EPS 95  pension योजना से जुड़े कर्मचारियो को अपने भविष्य की चिंता हो रही है की क्या होंगा ईपीएफ़ पेंशन योजना का भविष्य ?

EPF pension योजना सही से नहीं चलने पर भी सरकार की और नई पेंशन योजनाए जारी |


EPF पेंशन योजना मे कर्मचारियो को अपनी सेलरी (बेसिक + डीए ) का 12% पैसा EPFO मे जमा करवाना होता है । साथ ही उतना ही पैसा उस कंपनी के employer को भी जमा करवाना होता है जिस कंपनी मे वह कर्मचारी कार्यरत है । यानि की 12% employer भी जमा करेंगा, इस तरह से हर महीने employee provident fund organisation मे कर्मचारी के खाते मे 24% पैसा जमा होता है| जिसमे से employee की सेलरी (बेसिक + डीए ) का 12% पैसा EPF मे, और employer यानी उस कंपनी के द्वारा (जहा कर्मचारी कार्यरत है ) जमा किए गए 12% पैसे दो भागो मे बट जाते है जिसमे से 12% का 3.67% भी EPF मे ही जाता है , और बचा हुआ 8.33% पैसा EPS (employee pension scheme) यानि EPF पेंशन योजना मे जमा होते है | इस तरह से यह पेंशन योजना चलती है |

अब चार सालो से चल रहे पेंशन कर्मचारियो के आंदोलन , और विरोध प्रदर्शन से ये तो साफ हो जाता है की कही न कही EPF pension yojna मे कोई कमी है | और यह योजना ठीक से नहीं चल पा रही है | इसके बावजूद सरकार की ओर से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना व कर्मयोगी मानधन योजना, और किसान पेंशन योजना जारी की गई है जिसमे इनके दायरे मे आने वाले लोगो को 3,000/- रुपये प्रति महिना पेंशन का प्रावधान रखा गया है ऐसे मे यह सवाल उठना जायज है की इन पेंशन योजनाओ से जुडने वाले लोगो का भविष्य कैसा होगा |

भारत मे हर पाच साल मे चुनाव होता है और यदि सरकार बदलती है तो वह अपने हिसाब से कार्य करती है, नए नियम, नए कानून, नई योजनाए| ऐसे मे eps 95 pension योजना का हाल तो दिख ही रहा है जहा 60 से 85 साल के बुजुर्ग लोगो को अपनी मांगो को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा है| वही यदि अन्य पेंशन योजनाओ की बात करे (PMSYM, PMKPY, PMKYM) तो यदि कोई 18 साल का व्यक्ति आज से योजना सुरू करे तो उसे पेंशन उसकी 60 साल की उम्र होने पर मिलेंगी, यानि की 42 साल बाद, और जबतक क्या नियम होंगे, कौन सी सरकार होंगी, मंहगाई कितनी होंगी, आदि कई सवालो से पेंशन धारक घिरते चले जा रहे है|

क्यो ठीक से नहीं चल पा रही है ईपीएफ़ पेंशन योजना |

यह एक बड़ा सवाल है की क्यो EPF pension yojna सही से नहीं चल पा रही है |इसके लिए कुछ अलग अलग लोगो के अलग अलग तर्क है , जिनमे से कुछ प्रमुख बाते नीचे पंक्तिबद्ध की गई है |

  • EPFO के द्वारा कर्मचारियो के पैसो को जोखिमो के अधीन बाजार मे लगाना |
  • EPF pension के नियम बदलकर , बाजारो के अधीन करना |
  • कर्मचारियो को नियमो की सही समय पर सही जानकारी नहीं पाहुचना |
  • योजना मे किए गए वादो के हिसाब से कर्मचारियो को लाभ नहीं मिलना |
  • मंहगाई दर व जरूरत के हिसाब से कर्मचारियो को बहुत कम पेंशन मिलना |
  • अन्य पेंशन योजनाओ के हिसाब से EPF pension योजना मे ज्यादा योगदान लेना | ज्यादा योगदान लेने के बावजूद , अन्य योजनाओ के हिसाब मे कम पेंशन मिलना | जैसे 
  • किसान पेंशन योजना , PMSYM, आदि मे 100 /- के योगदान पर 3000 /- रुपये की पेंशन देने का प्रावधान है, लेकिन वही eps 95 pension धारको का 417 /- या 541 /- रुपये प्रति महीने योगदान होने पर भी उन्हे लगभग 200/- से लेकर 2800 /- रुपए तक ही पेंशन मिल रही है| 
  • पेंशन की गणना calculation की विधि सही नहीं होना |
  • सरकार व epfo की ओर से सही व सटीक जवाब नहीं देना |(न्यूनतम पेंशन बड़ोतरी , हायर पेंशन जैसे मामलो पर)
  • सुप्रीम कोर्ट , कोशियारी कमिटी , श्रमिक संगठनो के द्वारा लिए गए निर्णयो पर भी विचार विमर्श के लिए जरूरत से ज्यादा समय लेना |
  • कर्मचारियो का योजना के लाभ से खुश नहीं होना |

ईपीएस 95 पेंशन धारको की मांग क्या है ?

  • EPFO द्वारा जारी किया गया अन्तरिम पत्र दिनांक 31/05/2017 को रद्द कर माननीय सुप्रीम कोर्ट के अनुसार वास्तविक वेतन व मंहगाई पर पेंशन दी जाए |
  • कम से कम 7500 /- रुपये बेसिक व मंहगाई भत्ता दिया जाए |
  • सभी eps 95 पेंशन कर्मचारियों और उनके परिवार को फ्री मेडिकल सुविधा दी जाए |
  • जिन सेवानिव्रत कर्मचारियों को इस स्कीम मे सामील नहीं किया गया है उन्हे योजना का सदस्य बनाया जाए या 5000/- रुपये न्यूनतम पेंशन दी जाए |

कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर NAC राष्ट्रीय संघर्ष समिति और माननीय कमांडर अशोक राऊत जी ने नेत्रत्व मे, लगातार 240 दिनो से महाराष्ट्र बुलढाणा मे, अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल (आमरन अनसन) पर बैठे है| साथ ही कर्मचारियो की ओर से 9 अगस्त 2019 को दिल्ली EPFO मुख्यालय, इससे पहले जंतर - मंतर और देश के 80 से ज्यादा EPFO कार्यालयो पर धरना दिया है, माननीय श्रम मंत्री/ प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री जी को भी कई बार ज्ञापन दिया गया है लेकिन पेंशन धारको की सुनवाई पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है| 

EPS 95 pension के लिए मांग कर रहे सभी pensioners 60 से 85 वर्ष के सीनियर सिटीजन है, जिन्होने किसी न किसी रूप से देश के विकास मे अपना बहुमूल्य योगदान दिया है| लेकिन जब आज यह सीनियर सिटीजन सेवा निव्रत हो चुके है तो सरकार या ईपीएफ़ओ इनकी समस्याओ पर ध्यान नहीं दे रहा है| और इसलिए सभी ईपीएस 95 पेंशन धारको ने 7 दिसंबर 2019 दिल्ली में "रास्ता रोको"  आंदोलन करने का फैसला लिया है. आप सभी से निवेदन है की पिटिशन मे अपना मत देकर eps 95 पेंशन धारको की मांगो के लिए सहयोग प्रदान करे | ॥ धन्यवाद ॥