कोरोना वायरस से लड़ रहे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को सारे सुरक्षा उपकरण दें


कोरोना वायरस से लड़ रहे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को सारे सुरक्षा उपकरण दें
समस्या
कोरोना वायरस से लड़ने वाले असल सिपाहियों को हमारी बहुत ज़रुरत है। क्या आप उनको जानते हैं?
कोरोना वायरस को फैलने से बचने के लिए हर रोज़ हमारे डॉक्टर, नर्सें और स्वास्थ्य कर्मचारी दिन रात एक कर रहे हैं। जब हम वायरस से छिप रहे हैं तो वो बहादुरी से सीना ताने उसका सामना कर रहे हैं।
एयरपोर्ट और अस्पताल में लगातार मरीज़ों को देख रहे हैं और जांच कर रहे हैं। ये डॉक्टर और नर्सें बिना डरे, बिना अपनी जान की परवाह किए क्वरंटाइन सेंटरों में भी सेवा दे रहे हैं।
पर हमारे और कोरोना वायरस के बीच ढाल बनकर खड़े इन स्वास्थ्य कर्मचारियों की किसी को चिंता नहीं है। हमें और हमारे देश को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने वाले क्या स्वयं सुरक्षित हैं।
खबरों के अनुसार बहुत सारे स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। उनके मास्क भी हाई क्वालिटी के नहीं हैं। वो कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे में सेवाए दे रहे हैं।
दुनियाभर से ऐसी खबरे आ रही हैं कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की जान सुरक्षा उपकरण की कमी से दाँव पर है। हमारे देश में कर्नाटक में कोरोना वायरस के मरीज का इलाज कर रहे एक 63 वर्षीय डॉक्टर खुद इसकी चपेट में आ गए।
जब काफी संख्या में लोग अपने अपने घरों से काम कर रहे हैं और हर प्रकार की सामाजिक गतिविधियों से बच रहे हैं, ये डॉक्टर लोगों की जान बचने में लगे हैं। वो हमारे लिए इतना कुछ कर रहे हैं, कम से कम हम उतना कर सकते हैं कि सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम करें।
मेरी पेटीशन अभी साइन करें ताकि स्वास्थ्य मंत्रालय डॉक्टरों, नर्सों और हर सुरक्षा कर्मचारियों को निम्न साधन जल्द से जल्द उपलब्ध कराये:
- कारगर मास्क जो उनको इन्फेक्शन से बचाए
- फेस शील्ड या चश्मे
- प्लास्टिक के साफ़ गाउन और कोट
- दास्ताने
मेरी पेटीशन पर ज़्यादा से ज़्यादा साइन करें ताकि हमें और देश को सुरक्षित रखने वाले भी सुरक्षित रहें।

3,14,345
समस्या
कोरोना वायरस से लड़ने वाले असल सिपाहियों को हमारी बहुत ज़रुरत है। क्या आप उनको जानते हैं?
कोरोना वायरस को फैलने से बचने के लिए हर रोज़ हमारे डॉक्टर, नर्सें और स्वास्थ्य कर्मचारी दिन रात एक कर रहे हैं। जब हम वायरस से छिप रहे हैं तो वो बहादुरी से सीना ताने उसका सामना कर रहे हैं।
एयरपोर्ट और अस्पताल में लगातार मरीज़ों को देख रहे हैं और जांच कर रहे हैं। ये डॉक्टर और नर्सें बिना डरे, बिना अपनी जान की परवाह किए क्वरंटाइन सेंटरों में भी सेवा दे रहे हैं।
पर हमारे और कोरोना वायरस के बीच ढाल बनकर खड़े इन स्वास्थ्य कर्मचारियों की किसी को चिंता नहीं है। हमें और हमारे देश को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने वाले क्या स्वयं सुरक्षित हैं।
खबरों के अनुसार बहुत सारे स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। उनके मास्क भी हाई क्वालिटी के नहीं हैं। वो कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे में सेवाए दे रहे हैं।
दुनियाभर से ऐसी खबरे आ रही हैं कि स्वास्थ्य कर्मचारियों की जान सुरक्षा उपकरण की कमी से दाँव पर है। हमारे देश में कर्नाटक में कोरोना वायरस के मरीज का इलाज कर रहे एक 63 वर्षीय डॉक्टर खुद इसकी चपेट में आ गए।
जब काफी संख्या में लोग अपने अपने घरों से काम कर रहे हैं और हर प्रकार की सामाजिक गतिविधियों से बच रहे हैं, ये डॉक्टर लोगों की जान बचने में लगे हैं। वो हमारे लिए इतना कुछ कर रहे हैं, कम से कम हम उतना कर सकते हैं कि सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम करें।
मेरी पेटीशन अभी साइन करें ताकि स्वास्थ्य मंत्रालय डॉक्टरों, नर्सों और हर सुरक्षा कर्मचारियों को निम्न साधन जल्द से जल्द उपलब्ध कराये:
- कारगर मास्क जो उनको इन्फेक्शन से बचाए
- फेस शील्ड या चश्मे
- प्लास्टिक के साफ़ गाउन और कोट
- दास्ताने
मेरी पेटीशन पर ज़्यादा से ज़्यादा साइन करें ताकि हमें और देश को सुरक्षित रखने वाले भी सुरक्षित रहें।

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फैसला लेने वाले

18 मार्च 2020 पर पेटीशन बनाई गई