सड़कों पर इंसानों और पशुओं की सुरक्षा के लिए अत्यधिक तेज LED लाइट्स पर प्रतिबंध लगाएं!


समस्या क्या है?
वाहनों में अत्यधिक तेज सफेद, नीली LED हेडलाइट्स और अवैध रूफ-टॉप लाइट बार्स का उपयोग बहुत बढ़ गया है। यह रोशनी इतनी शक्तिशाली होती है कि सामने से आने वाले व्यक्ति को कुछ सेकंड के लिए पूरी तरह अंधा कर देती है
पशुओं और पैदल चलने वालों पर इसका असर:
बेजुबान पशुओं पर अत्याचार: सड़कों पर रहने वाले पशु (जैसे गाय, कुत्ते, बिल्ली) की आँखें इंसानों से ज्यादा संवेदनशील होती हैं। अचानक पड़ने वाली इस तेज रोशनी से वे डर जाते हैं, सड़क के बीच में ही जम जाते हैं या घबराकर भागने लगते हैं। इससे रोज़ाना भयानक सड़क हादसे हो रहे हैं।
पैदल यात्रियों के लिए खतरा: रात के समय फुटपाथ या सड़क किनारे चलने वाले लोगों को सामने आ रही गाड़ियों की लाइट के कारण आगे का रास्ता दिखना बंद हो जाता है, जिससे वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
हमारी सरकार से मांगें:
बाहर से लगवाई जाने वाली बिना नियम वाली तेज LED लाइट्स की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे।
केवल 'वार्म व्हाइट' (Warm White) या पीली लाइट्स को ही अनुमति दी जाए जो आँखों को न चुभें।
सभी वाहन निर्माताओं के लिए गाड़ियों में ऐसी 'एंटी-ग्लेयर' तकनीक या प्रोजेक्टर लेंस देना अनिवार्य किया जाए जिससे रोशनी सिर्फ सड़क पर नीचे रहे।