हमें इंसाफ़ चाहिए, गर्भवती हथिनी को तड़पाकर मारने वालों को कड़ी सज़ा हो!

समस्या

एक बेज़ुबान गर्भवती हथिनी के साथ सोच ना सकने वाला अत्याचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा होनी चाहिए!

मेरा दिल रो पड़ा जब मैंने खबर पढ़ी कि एक भूखी गर्भवती हथिनी को अनानास के बीच पटाखे डालकर खिला दिया गया, उसके मुंह में वो फटने से उसकी मौत हो गई।

जैसे ही उसने अनानास खाया वो उसके मुँह में फट गया और उसकी मौत हो गई। उस बेज़ुबान ने इंसानों की क्रूरता के आगे दम तोड़ दिया।

जो हुआ वो अमानवीय है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उस बेज़ुबान के साथ हुए अत्याचार पर बोलिए। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मुझे आप सबका साथ चाहिए, प्लीज़ मेरी पेटीशन साइन करिए और जितना हो सके शेयर करिए।

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Aparajita Sahaपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 21,99,390 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

एक बेज़ुबान गर्भवती हथिनी के साथ सोच ना सकने वाला अत्याचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा होनी चाहिए!

मेरा दिल रो पड़ा जब मैंने खबर पढ़ी कि एक भूखी गर्भवती हथिनी को अनानास के बीच पटाखे डालकर खिला दिया गया, उसके मुंह में वो फटने से उसकी मौत हो गई।

जैसे ही उसने अनानास खाया वो उसके मुँह में फट गया और उसकी मौत हो गई। उस बेज़ुबान ने इंसानों की क्रूरता के आगे दम तोड़ दिया।

जो हुआ वो अमानवीय है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उस बेज़ुबान के साथ हुए अत्याचार पर बोलिए। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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फैसला लेने वाले

Arif Mohammed Khan
Governor of Kerala
रिस्पोंस दिया गया
प्रिय नागरिकों, हमारे राज्य केरल में एक गर्भवती हथिनी की दुखद मृत्यु से मैं काफ़ी दुखी हूँ। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हर किसी को गहरा दुख दिया है और लोग नाराज़ हैं। इस नाराज़गी के कारण इस मुद्दे पर हज़ारों पेटीशन देखने को मिलीं। जनता का गुस्सा जायज़ है और इसे हर कोई समझता है। मैं आप सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि ये मुद्दा हमारी प्राथमिकता है। केरल के वन विभाग ने इसका संज्ञान लेकर वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही केरल पुलिस ने विस्फोटक अिधिनयम, 1884 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम 1960 के तहत भी केस दर्ज किया है। इन विभागों की दो उच्च स्तरीय टीम इस घटना की जांच कर रही हैं। मैंने पहले ही राज्य सरकार के समक्ष ये मुद्दा उठाया है और इस दुखद घटना पर उनसे अपनी पीड़ा ज़ाहिर की है। केरल सरकार इस मामले में पर्याप्त और कड़े कदम उठा रही है। दोषियों को कानून का सामना करना होगा, वो बख्शे नहीं जाएंगे। धन्यवाद, आरिफ़ मोहम्मद खान राज्यपाल, केरल
Shri. Pinarayi Vijayan
Shri. Pinarayi Vijayan
Chief Minister of Kerala
P.K. Kesavan IFS
P.K. Kesavan IFS
Principal Chief Conservator of Forests and Head of Forest Force
Maneka Gandhi
Member of Parliament, Sultanpur
Shri K Raju
Shri K Raju
Minister of Forests, Wildlife Protection, Animal husbandry, Kerala Legislative Assembly

पेटीशन अपडेट

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3 जून 2020 पर पेटीशन बनाई गई