

स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें
समस्या
सादर विदित हो कि पीडित केशरी जायसवाल पुत्र स्व0 हरिराम गुप्ता नि0 सा0 6/149 ए-4 जे.डी. नगर कालोनी अकथा पहडिया थाना लालपुर पाण्डेयपुर वाराणसी का पुत्र X जायसवाल उम्र 5 वर्ष कक्षा नर्सरी का छात्र है । पीडित का पुत्र सेरेन सोनी प्ले स्कूल काशी इंक्लेव अकथा थाना लालपुर पाण्डेयपुर वाराणसी मे पढता है । घटना दिनांक 24.07.2026 को स्कूल मे बाथरुम जाने को अपनी टीचर प्रीति कुशवाहा से कहा उन्होने मना किया तो बच्चे ने पैंट मे ही पेशाब कर दिया जिससे टीचर प्रीति कुशवाहा आग बबूला होकर बच्चे को दूसरे कमरे मे ले जाकर गैस जलाकर चाकू लाल करके बच्चे के प्राइवेट पार्ट लिंग को जला दिया और मारा पीटा व धमकी दिया कि अगर तुम दोबारा ऎसा गलती किया तो इससे भी ज्यादा बुरी हालत कर देंगे । पीडित पेशे से अधिवक्ता है जब पीडित घर आया तो बच्चे ने सारी बात पीडित से बताया तब पीडित ने क्लास टीचर को काल किया लेकिन काल रिसिव नही हुआ । पीडित की पत्नी ने भी फोन किया तो प्रिंसपल हेमलता सिंह ने धमकी दिया कि तुमको जो करना है कर लो कोई हम लोगो का कुछ ही बिगाड सकता । पीडित दिनांक 25.07.2026 को समय प्रात: स्कूल गया तो प्रिंसपल व प्रबंधक ने कहा कि हम आपका कोई सहयोग नही कर पायेंगे आपको जो करना है कर लो । अध्यापक के कृत्य से बच्चा काफी डरा व सहमा हुआ है । ज्ञात हो कि पीडित के द्वारा थाने पर शिकायत पत्र देने पर प्रभारी निरीक्षक द्वारा मामूली धाराओ मे प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी जबकि बालको बालिकाओ के लिए लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम पाक्सो कानून के तहत भी कार्यवाही करनी चाहिए थी । बावजूद इसके प्रभारी निरीक्षक थाना लालपुर पाण्डेयपुर द्वारा उक्त अधिनियम की धारा के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट नही दर्ज की गयी, जिससे विदित होता है कि स्कूल प्रबन्धन के प्रभाव मे उक्त धारा के तहत रिपोर्ट नही दर्ज की गयी । ऎसी स्थिति मे उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेटियल जांच कराया जाना व पीडित के बच्चे को समाज की मुख्य धारा से जोडने हेतु मनोचित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराया जाना व मुआवजा दिया जाना नितान्त आवश्यक है । अत: उक्त प्रकरण मे उचित कार्यवाही किये जाने का आदेश व निर्देश देने की महती कृपा करे । सादर
भवदीय
विशाल श्रीवास्तव ट्रस्टी
स्नेह फाउण्डेशन
सा0 18/188-के2
शिव विहार कालोनी सारंग तालाब
पहडिया वाराणसी
मो0 9554570801
मेरे बेटे के साथ हुई भयावह घटना ने मुझे गहराई से झकझोर दिया है, जो समाज से सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। घटना दिनांक 24.07.2026 को मेरे बेटे ने स्कूल में बाथरूम जाने के लिए अपनी टीचर प्रीति कुशवाहा से अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने उसे मना कर दिया। इस कारण मजबूर होकर उसे अपनी पैंट में ही पेशाब करना पड़ा। टीचर प्रीति कुशवाहा ने इस बात पर गुस्सा करते हुए एक भयानक कदम उठाया - बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर गैस का चूल्हा जलाया और चाकू को गर्म कर बच्चे के प्राइवेट पार्ट को जला दिया, साथ ही उसे मार-पीट और धमकी भी दी।
यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। ये स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ होने वाले बुरे व्यवहार की एक भयानक मिसाल है। इससे साफ होता है कि हमारे स्कूलों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों और निगरानी की आवश्यकता है।
हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करें। जिसमें शामिल हैं:
- शिक्षकों के लिए आचरण संबंधी कड़े दिशानिर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थापित करना।
- स्कूलों में निगरानी कैमरों की स्थापना और नियमित निरीक्षण।
- ऐसी घटनाओं के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण की स्थापना।
इस तरीके से हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि कोई भी बच्चा स्कूल में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक महसूस करें। इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और अपनी आवाज़ उठाएँ, ताकि हम मिलकर एक सुरक्षित और संवेदनशील स्कूल वातावरण बना सकें।

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समस्या
सादर विदित हो कि पीडित केशरी जायसवाल पुत्र स्व0 हरिराम गुप्ता नि0 सा0 6/149 ए-4 जे.डी. नगर कालोनी अकथा पहडिया थाना लालपुर पाण्डेयपुर वाराणसी का पुत्र X जायसवाल उम्र 5 वर्ष कक्षा नर्सरी का छात्र है । पीडित का पुत्र सेरेन सोनी प्ले स्कूल काशी इंक्लेव अकथा थाना लालपुर पाण्डेयपुर वाराणसी मे पढता है । घटना दिनांक 24.07.2026 को स्कूल मे बाथरुम जाने को अपनी टीचर प्रीति कुशवाहा से कहा उन्होने मना किया तो बच्चे ने पैंट मे ही पेशाब कर दिया जिससे टीचर प्रीति कुशवाहा आग बबूला होकर बच्चे को दूसरे कमरे मे ले जाकर गैस जलाकर चाकू लाल करके बच्चे के प्राइवेट पार्ट लिंग को जला दिया और मारा पीटा व धमकी दिया कि अगर तुम दोबारा ऎसा गलती किया तो इससे भी ज्यादा बुरी हालत कर देंगे । पीडित पेशे से अधिवक्ता है जब पीडित घर आया तो बच्चे ने सारी बात पीडित से बताया तब पीडित ने क्लास टीचर को काल किया लेकिन काल रिसिव नही हुआ । पीडित की पत्नी ने भी फोन किया तो प्रिंसपल हेमलता सिंह ने धमकी दिया कि तुमको जो करना है कर लो कोई हम लोगो का कुछ ही बिगाड सकता । पीडित दिनांक 25.07.2026 को समय प्रात: स्कूल गया तो प्रिंसपल व प्रबंधक ने कहा कि हम आपका कोई सहयोग नही कर पायेंगे आपको जो करना है कर लो । अध्यापक के कृत्य से बच्चा काफी डरा व सहमा हुआ है । ज्ञात हो कि पीडित के द्वारा थाने पर शिकायत पत्र देने पर प्रभारी निरीक्षक द्वारा मामूली धाराओ मे प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी जबकि बालको बालिकाओ के लिए लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम पाक्सो कानून के तहत भी कार्यवाही करनी चाहिए थी । बावजूद इसके प्रभारी निरीक्षक थाना लालपुर पाण्डेयपुर द्वारा उक्त अधिनियम की धारा के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट नही दर्ज की गयी, जिससे विदित होता है कि स्कूल प्रबन्धन के प्रभाव मे उक्त धारा के तहत रिपोर्ट नही दर्ज की गयी । ऎसी स्थिति मे उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय मजिस्ट्रेटियल जांच कराया जाना व पीडित के बच्चे को समाज की मुख्य धारा से जोडने हेतु मनोचित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराया जाना व मुआवजा दिया जाना नितान्त आवश्यक है । अत: उक्त प्रकरण मे उचित कार्यवाही किये जाने का आदेश व निर्देश देने की महती कृपा करे । सादर
भवदीय
विशाल श्रीवास्तव ट्रस्टी
स्नेह फाउण्डेशन
सा0 18/188-के2
शिव विहार कालोनी सारंग तालाब
पहडिया वाराणसी
मो0 9554570801
मेरे बेटे के साथ हुई भयावह घटना ने मुझे गहराई से झकझोर दिया है, जो समाज से सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। घटना दिनांक 24.07.2026 को मेरे बेटे ने स्कूल में बाथरूम जाने के लिए अपनी टीचर प्रीति कुशवाहा से अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने उसे मना कर दिया। इस कारण मजबूर होकर उसे अपनी पैंट में ही पेशाब करना पड़ा। टीचर प्रीति कुशवाहा ने इस बात पर गुस्सा करते हुए एक भयानक कदम उठाया - बच्चे को दूसरे कमरे में ले जाकर गैस का चूल्हा जलाया और चाकू को गर्म कर बच्चे के प्राइवेट पार्ट को जला दिया, साथ ही उसे मार-पीट और धमकी भी दी।
यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। ये स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ होने वाले बुरे व्यवहार की एक भयानक मिसाल है। इससे साफ होता है कि हमारे स्कूलों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियमों और निगरानी की आवश्यकता है।
हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करें। जिसमें शामिल हैं:
- शिक्षकों के लिए आचरण संबंधी कड़े दिशानिर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थापित करना।
- स्कूलों में निगरानी कैमरों की स्थापना और नियमित निरीक्षण।
- ऐसी घटनाओं के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण की स्थापना।
इस तरीके से हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि कोई भी बच्चा स्कूल में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक महसूस करें। इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और अपनी आवाज़ उठाएँ, ताकि हम मिलकर एक सुरक्षित और संवेदनशील स्कूल वातावरण बना सकें।

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