#YamunaBachao : यमुना नदी में गंदे नालों को गिरने से तुरन्त बिना किसी देरी के रोका जाये ।

समस्या

मान्यवर,

यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी बहुत से भारतीयों के लिए माँ के समान है। दुनियाभर में एक हमारा ही देश है जहाँ नदियों को माँ का दर्जा प्राप्त है। विडम्बना देखिए कि इस माँ के साथ अत्याचार हो रहा है उसका जल अधिक प्रदूषित जहरीला और विषैला हो गया हैं और हम आँख बंद कर के हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

आज यमुना माँ रो रही है । यमुना के जल की दयनीय स्थिति हैं । हमें इस माँ के आँसू पोंछने होंगे। इसे दुबारा से हँसाना होगा।

पहले नदी से नाले बनते थे आज गंदे नालों से नदी प्रवाहित हो रही है। इसी गंदे, विषैले एवं जहरीले जल से ही हमारी और आपकी पेयजलापूर्ति की जा रही है। हम, हमारे बच्चे ये गंदा पानी इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं, प्रायः नई बीमारियों का जन्म हो रहा है किंतु अब और नहीं ।

7 राज्यों में बहने वाली यमुना 5 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए जल का स्रोत है। देश विदेश के करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था एवं भावनाएं यमुना नदी से जुड़ी हुई है इसके बावजूद यमुना नदी का विनाश हो रहा है। इस माँ का गला घोंटा जा रहा है। ये साँस लेने की गुहार लगा रही है। जब नदी का जल वातावरण प्रदूषित होता है तब मानव सभ्यता का विनाश हो जाता हैं । हमें यमुना नदी को, इस माँ के जल को गंदगी से बचाना होगा। हमारी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

यमुना जल के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है गंदे नालों, अस्पतालों का ज़हरीला जल कचरा, अस्पतालों के विषैले अपशिष्ट एवं उद्योगों के हानिकारक केमिकल का बिना किसी रोकटोक के यमुना नदी में गिरना हैं ।

हमने ये पेटीशन शुरू किया है ताकि यमुना नदी में सैकड़ों गंदे नालों को गिरने से तुरंत, बिना किसी देरी के रोका जाए। हम समझते हैं कि इस कार्य मे समय लगेगा पर सरकारों को इस दिशा में अब काम करना ही होगा। कृपया हमारी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और यमुना नदी के जल को गंदगी से बचाने हेतु इस अभियान में अपना सहयोग दे ।आप सभी का सहयोग प्रषंसनीय होगा ।

हम 2005 से यमुना के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, आशा करते हैं कि अब बिना किसी देरी के हमारी आवाज़, यमुना माँ की आवाज़ सुनी जाएगी।

“विंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग”

देश के राष्ट्रगान में जिस नदी का उल्लेख हो, जिसको सुनकर हम बड़े हुए है देश की सँस्कृति का प्रतीक हैं उसके लिए आम जनता और सरकार को मिलकर काम करना ही होगा। ये अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक यमुना नदी का जल स्वच्छ और निर्मल नही होगा । यमुना माँ को भौतिक जगत में उसके जीने का अधिकार नहीं मिल जाता।

#YamunaBachao

मान्यवर,
आपको विदित होगा कि यमुना नदी को वैज्ञानिकों ने प्रायः मृत घोषित कर रखा है केंद्र सरकार ने विभिन्न सड़क एवं बैराजों का निर्माण करने से पहले क्षेत्रीय गंदे जल की निकासी हेतु कोई भी योजना आज तक तैयार नही की हैं । उत्तर प्रदेश में एक बूँद भी शुद्ध जल उपलब्ध नही है । मान्यवर यमुनोत्री से इलाहाबाद तक यमुना नदी 1365 किमी की दूरी तक सफ़र तय करती हैं । खेद हैं कि यमुना नदी में सैकड़ों गंदे नाले, अस्पतालों के जहरीले अपशिष्ट एवं उधोगो का केमिकल युक्त विषैला जल सीधे यमुना नदी में गिर रहा है । पहले नदी से नाले बनते थे आज गंदे नालो से नदी प्रवाहित हो रही हैं और गंदे जहरीले एवं विषैले जल से ही जनता को पेयजलापूर्ति की जा रही है जो जनस्वाथ्य के साथ साथ जलचर प्राणियों को भी घातक सिद्ध हो रहा हैं मछलियां मर रही है और कछुवे प्रायः लुप्त हो गए है । प्रायः नई बीमारियों का उदय हो रहा हैं ।
मान्यवर केंद्र एवं राज्य सरकारों ने जिस सीवर ट्रीटमेंट प्लांटो पर भरोसा जताया हैं वो फ़ालतु एवं बेकार हैं । सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों की जल को शोधन करने की क्षमता भी अधिक नही हैं केवल 40% जल को ही शोधित कर पाते है उसमें भी अधिकांश प्लांट बंद एवं फेल पड़े रहते है उसके बाद जल में भी गुडवत्ता नही रहती केवल 25% जल ही पीने के काम मे आता है और शेष जल कृषि सिंचाई एवं उधोगो में प्रयोग किया जाता है । "विरद" विगत 15 बर्षो से यमुना किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल को रीसाइकल कर अन्यत्र प्रयोग की माँग सरकार से उठाता रहा हैं ।
मान्यवर तीर्थ जनपद मथुरा श्रीकृष्ण का घर है और यमुनाजी उनकी पटरानी वेदों में बर्णित है । देश विदेश के करोड़ो श्रद्धालुओं का मथुरा जनपद में प्रायः आगमन होता हैं श्रद्धालु आँखों के सामने गंदे जल को सीधे यमुना में गिरते देखते हैं तब उनकी आस्था एवं भावनाओं पर गहरा आघात पहुँचता हैं ।
मान्यवर आपसे अनुरोध हैं कि श्रद्धालु एवं जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए यमुना नदी के किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल का अन्यत्र प्रयोग किया जाना चाहिए । सरकार 5000 किमी की दूरी से पाईपलाइन के माध्यम से पेट्रोल डीजल आदि तो लाती हैं किंतु यमुना किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल को रीसाइकल कर अन्यत्र नही ले जाती है । सरकार दोहरी नीति का अनुपालन कर रही हैं । मान्यवर उपरोक्त कार्य मे आपका सहयोग प्रषंसनीय होगा ।
विजय चतुर्वेदी (अध्यक्ष)
विश्वधर्म रक्षक दल
यमुना लाओ बृज बचाओ
मथुरा-उ.प्र.-281001
दूरभाष : 9897090180

 

avatar of the starter
विश्वधर्म रक्षक दल यमुना बचाओ आंदोलन चतुर्वेदीपेटीशन स्टार्टरमैं विजय चतुर्वेदी 15 सालों से यमुना नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त कराने हेतु सभी मंत्रालयों एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीजी स्थानीय सांसद विधायक आदि से नदी में सैकड़ो गंदे नालो को सीधे यमुना में गिरने से रोकने के कार्य मे प्रायसरत हूँ ।
यह पेटीशन 3,510 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

मान्यवर,

यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना नदी बहुत से भारतीयों के लिए माँ के समान है। दुनियाभर में एक हमारा ही देश है जहाँ नदियों को माँ का दर्जा प्राप्त है। विडम्बना देखिए कि इस माँ के साथ अत्याचार हो रहा है उसका जल अधिक प्रदूषित जहरीला और विषैला हो गया हैं और हम आँख बंद कर के हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

आज यमुना माँ रो रही है । यमुना के जल की दयनीय स्थिति हैं । हमें इस माँ के आँसू पोंछने होंगे। इसे दुबारा से हँसाना होगा।

पहले नदी से नाले बनते थे आज गंदे नालों से नदी प्रवाहित हो रही है। इसी गंदे, विषैले एवं जहरीले जल से ही हमारी और आपकी पेयजलापूर्ति की जा रही है। हम, हमारे बच्चे ये गंदा पानी इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हैं, प्रायः नई बीमारियों का जन्म हो रहा है किंतु अब और नहीं ।

7 राज्यों में बहने वाली यमुना 5 करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए जल का स्रोत है। देश विदेश के करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था एवं भावनाएं यमुना नदी से जुड़ी हुई है इसके बावजूद यमुना नदी का विनाश हो रहा है। इस माँ का गला घोंटा जा रहा है। ये साँस लेने की गुहार लगा रही है। जब नदी का जल वातावरण प्रदूषित होता है तब मानव सभ्यता का विनाश हो जाता हैं । हमें यमुना नदी को, इस माँ के जल को गंदगी से बचाना होगा। हमारी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

यमुना जल के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है गंदे नालों, अस्पतालों का ज़हरीला जल कचरा, अस्पतालों के विषैले अपशिष्ट एवं उद्योगों के हानिकारक केमिकल का बिना किसी रोकटोक के यमुना नदी में गिरना हैं ।

हमने ये पेटीशन शुरू किया है ताकि यमुना नदी में सैकड़ों गंदे नालों को गिरने से तुरंत, बिना किसी देरी के रोका जाए। हम समझते हैं कि इस कार्य मे समय लगेगा पर सरकारों को इस दिशा में अब काम करना ही होगा। कृपया हमारी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और यमुना नदी के जल को गंदगी से बचाने हेतु इस अभियान में अपना सहयोग दे ।आप सभी का सहयोग प्रषंसनीय होगा ।

हम 2005 से यमुना के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, आशा करते हैं कि अब बिना किसी देरी के हमारी आवाज़, यमुना माँ की आवाज़ सुनी जाएगी।

“विंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग”

देश के राष्ट्रगान में जिस नदी का उल्लेख हो, जिसको सुनकर हम बड़े हुए है देश की सँस्कृति का प्रतीक हैं उसके लिए आम जनता और सरकार को मिलकर काम करना ही होगा। ये अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक यमुना नदी का जल स्वच्छ और निर्मल नही होगा । यमुना माँ को भौतिक जगत में उसके जीने का अधिकार नहीं मिल जाता।

#YamunaBachao

मान्यवर,
आपको विदित होगा कि यमुना नदी को वैज्ञानिकों ने प्रायः मृत घोषित कर रखा है केंद्र सरकार ने विभिन्न सड़क एवं बैराजों का निर्माण करने से पहले क्षेत्रीय गंदे जल की निकासी हेतु कोई भी योजना आज तक तैयार नही की हैं । उत्तर प्रदेश में एक बूँद भी शुद्ध जल उपलब्ध नही है । मान्यवर यमुनोत्री से इलाहाबाद तक यमुना नदी 1365 किमी की दूरी तक सफ़र तय करती हैं । खेद हैं कि यमुना नदी में सैकड़ों गंदे नाले, अस्पतालों के जहरीले अपशिष्ट एवं उधोगो का केमिकल युक्त विषैला जल सीधे यमुना नदी में गिर रहा है । पहले नदी से नाले बनते थे आज गंदे नालो से नदी प्रवाहित हो रही हैं और गंदे जहरीले एवं विषैले जल से ही जनता को पेयजलापूर्ति की जा रही है जो जनस्वाथ्य के साथ साथ जलचर प्राणियों को भी घातक सिद्ध हो रहा हैं मछलियां मर रही है और कछुवे प्रायः लुप्त हो गए है । प्रायः नई बीमारियों का उदय हो रहा हैं ।
मान्यवर केंद्र एवं राज्य सरकारों ने जिस सीवर ट्रीटमेंट प्लांटो पर भरोसा जताया हैं वो फ़ालतु एवं बेकार हैं । सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों की जल को शोधन करने की क्षमता भी अधिक नही हैं केवल 40% जल को ही शोधित कर पाते है उसमें भी अधिकांश प्लांट बंद एवं फेल पड़े रहते है उसके बाद जल में भी गुडवत्ता नही रहती केवल 25% जल ही पीने के काम मे आता है और शेष जल कृषि सिंचाई एवं उधोगो में प्रयोग किया जाता है । "विरद" विगत 15 बर्षो से यमुना किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल को रीसाइकल कर अन्यत्र प्रयोग की माँग सरकार से उठाता रहा हैं ।
मान्यवर तीर्थ जनपद मथुरा श्रीकृष्ण का घर है और यमुनाजी उनकी पटरानी वेदों में बर्णित है । देश विदेश के करोड़ो श्रद्धालुओं का मथुरा जनपद में प्रायः आगमन होता हैं श्रद्धालु आँखों के सामने गंदे जल को सीधे यमुना में गिरते देखते हैं तब उनकी आस्था एवं भावनाओं पर गहरा आघात पहुँचता हैं ।
मान्यवर आपसे अनुरोध हैं कि श्रद्धालु एवं जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए यमुना नदी के किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल का अन्यत्र प्रयोग किया जाना चाहिए । सरकार 5000 किमी की दूरी से पाईपलाइन के माध्यम से पेट्रोल डीजल आदि तो लाती हैं किंतु यमुना किनारे पाईपलाइन विच्छवा कर प्रदूषित जल को रीसाइकल कर अन्यत्र नही ले जाती है । सरकार दोहरी नीति का अनुपालन कर रही हैं । मान्यवर उपरोक्त कार्य मे आपका सहयोग प्रषंसनीय होगा ।
विजय चतुर्वेदी (अध्यक्ष)
विश्वधर्म रक्षक दल
यमुना लाओ बृज बचाओ
मथुरा-उ.प्र.-281001
दूरभाष : 9897090180

 

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विश्वधर्म रक्षक दल यमुना बचाओ आंदोलन चतुर्वेदीपेटीशन स्टार्टरमैं विजय चतुर्वेदी 15 सालों से यमुना नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त कराने हेतु सभी मंत्रालयों एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीजी स्थानीय सांसद विधायक आदि से नदी में सैकड़ो गंदे नालो को सीधे यमुना में गिरने से रोकने के कार्य मे प्रायसरत हूँ ।

फैसला लेने वाले

Shri Yogi Adityanath
Shri Yogi Adityanath
Chief Minister OF Uttar Pradesh
सेंट्रल मिनिस्ट्री
सेंट्रल मिनिस्ट्री
जल शक्ति मंत्रालय एवं जल संसाधन मंत्रालय रिवर डवलपमेंट एंड गंगा रिजूवनेशन
Shri Gajendra Singh Shekhawat
Shri Gajendra Singh Shekhawat
Minister of Jal Shakti
Shrimati Hema Malini
Shrimati Hema Malini
Mathura/ Member Of Parliament
Shri Shrikant Sharma
Shri Shrikant Sharma
Mathura/ Member Of the Legislative Assembly
पेटीशन अपडेट