

राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को रद्द करने की अपील
The Issue
सेवा में, माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया, भारत गणराज्य, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
विषय: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP के रूप में आए नाम दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति निरस्त करने एवं उसकी सीबीआई जाँच शरू करने की अपील ।
महामहिम महोदया,
सविनय निवेदन है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हृदयविदारक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और राजनीतिक प्रभावशाली व्यक्तियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। इस मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं और जनता आज भी इस प्रकरण के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जाँच तथा पूर्ण न्याय की माँग कर रही है।
ऐसे संवेदनशील मामले में कथित VIP के रूप में सार्वजनिक चर्चाओं में रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने की खबरों से न्याय की माँग कर रहे लोगों में गहरी चिंता और असंतोष है। यदि किसी व्यक्ति को लेकर गंभीर सार्वजनिक आरोप मौजूद हैं, तो उसकी पारदर्शी एवं निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्यपाल जैसा संवैधानिक पद उच्च नैतिक मूल्यों, निष्पक्षता और सार्वजनिक विश्वास का प्रतीक है। ऐसे पद पर नियुक्ति के संबंध में उठने वाली आशंकाओं को गंभीरता से लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP व्यक्तियों का शामिल होना एक गंभीर मुद्दा है, इसको लेकर 9 महीने पहले सीबीआई जाँच की संतुस्ती हो चुकी है लेकिन अभी तक सीबीआई द्वारा जाँच शुरू नहीं हुई है I अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम भाजपा के ही पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी पत्नी उर्मिला सनावर के बीच फोन वार्ता में सामने आया है I अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भी दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP के तौर पर लिया है और इस विषय में जाँच एजेंसियों द्वारा दुष्यंत गौतम की जाँच की माँग की है I ऐसे व्यक्ति जिसके ऊपर अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP होने का आरोप है उसको राज्यपाल बनाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है I
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार से संबंधित नियुक्ति के आधार और उससे जुड़े तथ्यों पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह करें। साथ ही, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका से संबंधित सभी अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने तथा जाँच के निष्कर्षों को कानून के दायरे में सार्वजनिक करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएँ। संवैधानिक पदों की गरिमा और जनता के न्याय पर विश्वास को बनाए रखने के लिए इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए और दुष्यंत गौतम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति तो तुरंत निरस्त किया जाए I
अंकिता भंडारी को न्याय मिलना केवल एक परिवार की माँग नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, कानून के शासन और लोकतंत्र में जनता के विश्वास का प्रश्न है I
आशा है कि महामहिम इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगी और न्याय की माँग को उचित महत्व देंगी।
सादर,
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच
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सेवा में, माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया, भारत गणराज्य, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
विषय: अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP के रूप में आए नाम दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति निरस्त करने एवं उसकी सीबीआई जाँच शरू करने की अपील ।
महामहिम महोदया,
सविनय निवेदन है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हृदयविदारक घटना ने महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और राजनीतिक प्रभावशाली व्यक्तियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए। इस मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं और जनता आज भी इस प्रकरण के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जाँच तथा पूर्ण न्याय की माँग कर रही है।
ऐसे संवेदनशील मामले में कथित VIP के रूप में सार्वजनिक चर्चाओं में रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने की खबरों से न्याय की माँग कर रहे लोगों में गहरी चिंता और असंतोष है। यदि किसी व्यक्ति को लेकर गंभीर सार्वजनिक आरोप मौजूद हैं, तो उसकी पारदर्शी एवं निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्यपाल जैसा संवैधानिक पद उच्च नैतिक मूल्यों, निष्पक्षता और सार्वजनिक विश्वास का प्रतीक है। ऐसे पद पर नियुक्ति के संबंध में उठने वाली आशंकाओं को गंभीरता से लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP व्यक्तियों का शामिल होना एक गंभीर मुद्दा है, इसको लेकर 9 महीने पहले सीबीआई जाँच की संतुस्ती हो चुकी है लेकिन अभी तक सीबीआई द्वारा जाँच शुरू नहीं हुई है I अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP के तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम भाजपा के ही पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी पत्नी उर्मिला सनावर के बीच फोन वार्ता में सामने आया है I अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भी दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP के तौर पर लिया है और इस विषय में जाँच एजेंसियों द्वारा दुष्यंत गौतम की जाँच की माँग की है I ऐसे व्यक्ति जिसके ऊपर अंकिता भंडारी हत्याकांड में VIP होने का आरोप है उसको राज्यपाल बनाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है I
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार से संबंधित नियुक्ति के आधार और उससे जुड़े तथ्यों पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह करें। साथ ही, अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका से संबंधित सभी अनुत्तरित सवालों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने तथा जाँच के निष्कर्षों को कानून के दायरे में सार्वजनिक करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएँ। संवैधानिक पदों की गरिमा और जनता के न्याय पर विश्वास को बनाए रखने के लिए इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए और दुष्यंत गौतम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति तो तुरंत निरस्त किया जाए I
अंकिता भंडारी को न्याय मिलना केवल एक परिवार की माँग नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, कानून के शासन और लोकतंत्र में जनता के विश्वास का प्रश्न है I
आशा है कि महामहिम इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगी और न्याय की माँग को उचित महत्व देंगी।
सादर,
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच
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Petition created on 14 October 2026