पिटीशन को साइन करने के लिए आपका आभार अपने मित्रों का भी साइन करवाएं

*मोतिहारी,चकिया,मोतीपुर,मढौरा,हथुआ,वारिसलिगज,सकरी,लोहट,बनमनखी,गोरौल और गुरारु इनमें से कोई भी चीनी मिल ओम प्रकाश धनुका नहीं चला रहा था और सभी बंद हुए*, मिल केबल और केबल सरकार की गलत नीतियों के कारण बंद हो रहे हैं
*बिहार में कुल 29 चीनी मिल जिसमें लगभग दर्जनों मिल बंद हो चुके*
सरकार और सत्ता में बैठे नेता अपनी कमियों की तरफ से ध्यान *भटकाने के लिए जानबूझकर केवल मिल प्रबंधन को दोषी साबित कर देते हैं*
जबकि *नीति निर्धारक और उत्पाद चीनी खरीदने का अधिकार तो सरकार के पास है*
तमाम मिल बारी-बारी से बंद कराने का यह सरकारी कुचक्र के खिलाफ हम सब को *एकजुट होना होगा*
क्षेत्र की शान *रीगा मिल को बचाना होगा*
#सरकार *अति शीघ्र अपने तिजोरी में बंद रखे अनुदान की अब तक की बकाया राशि पेमेंट करें* और वो भी सीधे किसान के खाते में
#केंद्र *सरकार द्वारा स्वीकृत 40 करोड़ के सॉफ्ट लोन को राज्य सरकार गारंटी आधार पर रिलीज करें वह भी सीधे किसान के खाते में*
#मिल के साथ जुड़े *व्यवसाय रोजगार आदि को देखते हुए सर्वाइवल के लिए बेलआउट पैकेज अनाउंस करें और वह भी किसान के खाते में ट्रांसफर हो*
#आप मैनेजमेंट पर *सरकार एक नहीं दर्जनों f.i.r. करो लेकिन पेमेंट का क्या कुल मिलाकर डूबा ने की प्रक्रिया चल रही है रीगा चीनी मिल को जिसे बचाना होगा*
*संजय संघर्ष सिंह*
Sudhir Kumar Singh