पेटीशन अपडेटकृपया रेलवे के अग्रिम अारक्षण की समयसीमा को 120 दिन से घटा कर 30 दिन करें।
गाड़ी छूटने के चार घंटा पहले टिकट रद्द कराने पर कोई भी पैसा वापस नहीं मिलेगा

विधि जैन Vidhi Jainनवी मुम्बई, भारत
11 दिस॰ 2015
रेलवे पहले जैसा नहीं रहा, सबकुछ बदल रहा है। जिसमें रेल सेवा पर कम ... आमदनी बढ़ाने पर अधिक ध्यान है। टिकट रद्द करने का शुल्क दो से तीन गुना बढ़ाने से लेकर बच्चों का पूरा किराया वसूलने तक के सरफरनामे की तस्वीर सामने आ गई है। आरक्षण चार्ट जारी करने की प्रणाली को भी बदल दिया है। लेकिन, यात्री सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं । न तो त्वरित खिड़की खोलने में तत्परता और न ही बिना टिकट ट्रेन में चढऩे वालों को टीटीई द्वारा टिकट दिए जाने की व्यवस्था की गई। केवल कारोबार बढ़ाने वाले परिवर्तिन को ही जल्दी-जल्दी लागू किया जा रहा है।
पहले : कोई भी ट्रेन छूटने के बाद टिकट रद्द कराने पर आधी रकम वापस की जाती थी। जबकि चार घंटा पहले तक 25 प्रतिशत रद्दकरण शुल्क काटा जाता था।
अब : एसी से लेकर शयनयान तक आरक्षण रद्द कराने का शुल्क दो से तीन गुना काटा जा रहा हैा यहां तक गाड़ी छूटने के चार घंटा पहले टिकट रद्द कराने पर कोई भी पैसा वापस नहीं मिलेगा।
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