चूल्ला पावर प्रोजेक्ट की सीबीआई जांच

समस्या

जोगिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लड-भडोल तहसील में पावर प्रोजेक्ट में हुए घोटाले की सीबीआई से जांच करवाई जाए यह प्रोजेक्ट 2004 में बनना शुरू हुआ था तब इसकी अनुमानित लागत 410 करोड थी जो अब बढ़कर 1800 करोड़ से पार हो चुकी है लेकिन अब भी इसका कार्य पूरा नहीं हुआ है तथा ट्रायल के दौरान अभी मई महीने में इस पावर प्रोजेक्ट में घटिया क्वालिटी के सामान के कारण ब्लास्ट हो गया जिसमें 20 लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचा पाए ।अगर सीबीआई इस मामले की जांच करती है तो यहां हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। 15 साल से अधिक  बीत जाने पर भी यह प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो सका है तथा इसके डैम में  leakage की दिक्कत बीच-बीच में आ रही है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है  इसके साथ ही एक बहुत बड़ी इंसानी बस्ती रहती है जिन्हें इस डैम से हमेशा खतरा बना हुआ है।

यह प्रोजेक्ट इसके निर्माण के लिए निर्धारित समय में भी पूरा नहीं हो पाया है बार-बार इस पावर प्रोजेक्ट की जांच की मांग स्थानीय लोग करते रहे हैं लेकिन अब तक इसकी जांच नहीं हो पाई है अगर इसकी जांच करवाई जाती है तो यहां पर 1000 करोड़ से भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है इसलिए इस मामले की सीबीआई या कोई स्वतंत्र एजेंसी जांच करें।  उच्चतम न्यायालय इस मामले पर संज्ञान लेता है तो किसी सेटिंग जज से इस प्रोजेक्ट की इंक्वायरी करवाई जाए तो  इसप्रोजेक्ट के निर्माण में हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

   

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जोगिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लड-भडोल तहसील में पावर प्रोजेक्ट में हुए घोटाले की सीबीआई से जांच करवाई जाए यह प्रोजेक्ट 2004 में बनना शुरू हुआ था तब इसकी अनुमानित लागत 410 करोड थी जो अब बढ़कर 1800 करोड़ से पार हो चुकी है लेकिन अब भी इसका कार्य पूरा नहीं हुआ है तथा ट्रायल के दौरान अभी मई महीने में इस पावर प्रोजेक्ट में घटिया क्वालिटी के सामान के कारण ब्लास्ट हो गया जिसमें 20 लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचा पाए ।अगर सीबीआई इस मामले की जांच करती है तो यहां हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। 15 साल से अधिक  बीत जाने पर भी यह प्रोजेक्ट तैयार नहीं हो सका है तथा इसके डैम में  leakage की दिक्कत बीच-बीच में आ रही है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है  इसके साथ ही एक बहुत बड़ी इंसानी बस्ती रहती है जिन्हें इस डैम से हमेशा खतरा बना हुआ है।

यह प्रोजेक्ट इसके निर्माण के लिए निर्धारित समय में भी पूरा नहीं हो पाया है बार-बार इस पावर प्रोजेक्ट की जांच की मांग स्थानीय लोग करते रहे हैं लेकिन अब तक इसकी जांच नहीं हो पाई है अगर इसकी जांच करवाई जाती है तो यहां पर 1000 करोड़ से भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है इसलिए इस मामले की सीबीआई या कोई स्वतंत्र एजेंसी जांच करें।  उच्चतम न्यायालय इस मामले पर संज्ञान लेता है तो किसी सेटिंग जज से इस प्रोजेक्ट की इंक्वायरी करवाई जाए तो  इसप्रोजेक्ट के निर्माण में हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

   

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फैसला लेने वाले

उच्चतम न्यायालय भारत
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Supreme court of India
सीबीआई
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