प्रवर्तित करें योग के लिए स्थाई रोजगार के कानून
प्रवर्तित करें योग के लिए स्थाई रोजगार के कानून
The Issue
वर्ष 2014 से पहले स्पेशल एजुकेशन शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग में कोई भी स्थाई पद नहीं थे। लेकिन 2014 के बाद दिल्ली के शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेशन के सभी विद्यालयों में स्थाई पदों की स्थापना की। इसके चलते शिक्षकों को स्थाई नौकरियाँ प्राप्त हुईं। अब यही सकारात्मक बदलाव योग शिक्षकों के लिए आना चाहिए।
पिछले 15-20 वर्षों से योग शिक्षक आर्थिक ठगी का सामना कर रहे हैं। मेहनत के बावजूद योग में डिग्री-डिप्लोमा करने वाले शिक्षकों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में किसी व्यक्ति को B.Ed या डिप्लोमा करने के बाद सभी सरकारी स्थाई टीचिंग की नौकरियों के लिए पात्र माना जाता है, परंतु योग में ऐसी ही योग्यताओं के बावजूद स्थाई पदों का अभाव है।
योग को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने से शिक्षा का स्तर ऊँचा होगा और योग शिक्षकों को भी स्थाई नियुक्तियाँ प्राप्त होंगी। योग शिक्षकों को उनकी असली पहचान और अधिकार देने का यही सही समय है।
इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, योग शिक्षकों के लिए स्थाई नियोक्ताओं की स्थापना की जाए और विकलांग योग शिक्षकों के लिए विशेष आरक्षण की व्यवस्था की जाए। यह पहल योग शिक्षकों को उनके हक का हक़दार बनाएगी।
हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस पहल का समर्थन करें और इस जनांदोलन का हिस्सा बने। आपका समर्थन योग शिक्षकों की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाएगा और उनके भविष्य को सुरक्षित करेगा।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और योग शिक्षकों की इस मुहिम को सफल बनाएं।

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वर्ष 2014 से पहले स्पेशल एजुकेशन शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग में कोई भी स्थाई पद नहीं थे। लेकिन 2014 के बाद दिल्ली के शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेशन के सभी विद्यालयों में स्थाई पदों की स्थापना की। इसके चलते शिक्षकों को स्थाई नौकरियाँ प्राप्त हुईं। अब यही सकारात्मक बदलाव योग शिक्षकों के लिए आना चाहिए।
पिछले 15-20 वर्षों से योग शिक्षक आर्थिक ठगी का सामना कर रहे हैं। मेहनत के बावजूद योग में डिग्री-डिप्लोमा करने वाले शिक्षकों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में किसी व्यक्ति को B.Ed या डिप्लोमा करने के बाद सभी सरकारी स्थाई टीचिंग की नौकरियों के लिए पात्र माना जाता है, परंतु योग में ऐसी ही योग्यताओं के बावजूद स्थाई पदों का अभाव है।
योग को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने से शिक्षा का स्तर ऊँचा होगा और योग शिक्षकों को भी स्थाई नियुक्तियाँ प्राप्त होंगी। योग शिक्षकों को उनकी असली पहचान और अधिकार देने का यही सही समय है।
इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, योग शिक्षकों के लिए स्थाई नियोक्ताओं की स्थापना की जाए और विकलांग योग शिक्षकों के लिए विशेष आरक्षण की व्यवस्था की जाए। यह पहल योग शिक्षकों को उनके हक का हक़दार बनाएगी।
हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस पहल का समर्थन करें और इस जनांदोलन का हिस्सा बने। आपका समर्थन योग शिक्षकों की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाएगा और उनके भविष्य को सुरक्षित करेगा।
कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें और योग शिक्षकों की इस मुहिम को सफल बनाएं।

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Petition created on 8 February 2026