सभी जातियों की जातिगत जनगणना हो

समस्या

माननीय प्रधानमंत्री महोदय , महामहिम राष्ट्रपति महोदय , माननीय चीफ जस्टिस उच्चतम न्यायालय।

आपको अवगत होगा कि 1931 की जाति जनगणना के बाद से भारत में पुनः जाति जनगणना नहीं हुई है। 1931 कि जनगणना के आंकड़े 52% अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आधार पर ही OBC के लिए मंडल कमीशन ने 27% आरक्षण की सिफारिश की थी। 1931 कि जाति जनगणना गुलाम भारत में हुई थी किन्तु 74 साल के आजाद भारत मे जाति जनगणना कराना आवश्यक नहीं समझा गया। 2011 में अरबों रुपये खर्च करके कराई गई जाति जनगणना के आंकड़े भी छुपा लिए गए। बिशेष रुप से OBC जनगणना को सिरे से खारिज कर दिया गया। देश में कुत्ता , बिल्ली  , गधा , घोड़ों की संख्या कितनी है जनता व सरकार को पता है किंतु OBC जातियों में आने बाले लोगों की जनसंख्या कितनी है न जनता को पता है न सरकार को पता है। क्या OBC समाज के स्त्री - पुरुषों को सरकार जानवरों से भी निम्न स्तर का मानती है जो उन जातियों के इंसानों की जनगणना नहीं करा रही है? देश में किसी भी वर्ग के उत्थान के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन उनकी संख्या के अनुसार होता है। ऐसे में देश मे रह रही सभी जातियों के इंसानों की जनसंख्या , उनकी शैक्षणिक , आर्थिक , सामाजिक , राजनैतिक , व्यवसायिक व स्वास्थ्य स्तर संबंधित आँकड़े सरकार के पास न होने से जरूरतमन्द , वंचित वर्ग के लिए किसी भी लाभकारी योजना को बनाकर सही रुप से संचालित कर पाना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि असंभव है। तमाम आंकड़े न होने की बजह से जनता में भृम व आपसी फूट की स्थिति है। देश को समृद्ध , विकसित व शक्तिशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि सभी जाति /  वर्ग के स्त्री - पुरुषों को शैक्षणिक , आर्थिक , सामाजिक , राजनीतिक , व्यवसायिक रूप से सामान मजबूती व बराबरी मिले। सभी को समान हक व सम्मान मिले। और ये तभी संभव है जब केंद्र व राज्य सरकारों के पास सभी जाति / वर्ग के स्त्री - पुरुषों की जनसंख्या व सामाजिक , आर्थिक , व्यवसायिक , राजनैतिक आँकड़े मौजूद हों। ताकि उनकी स्थिति , जरूरत व जनसंख्या के अनुसार योजनाएं संचालित की जा सकें उनको बिशेष अवसर उपलब्ध करा आगे बढ़ाया जा सके।अतः अति आवश्यक है कि सभी जातियों की जनगणना करा आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए , ताकि देश की जनता को सच पता चल सके। सरकार व देश की आम जनता इस सच को जान सके कि देश में कौन सी जाति / वर्ग दूसरों का हिस्सा खा रही है व कौन सी जाति / वर्ग अपने हक / अधिकारों से वंचित है व उसे बिशेष अवसर मुहैय्या कराए जाने की जरूरत है। 

अतः मंडल आर्मी आपसे 2022 ओबीसी व अन्य सभी जातियों की जाति जनगणना कराए जाने की मांग करती है।

सादर : 

मंडल आर्मी सामाजिक न्याय मिशन 

Contact : 07253991760

avatar of the starter
Mandal Armyपेटीशन स्टार्टरA OBC Organization. Mandal Army Samajik Nyay Mission (Reg.) 42/4/2020. Struggling for Social Justice, Constitutional Rights and Mandal Commission.
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समस्या

माननीय प्रधानमंत्री महोदय , महामहिम राष्ट्रपति महोदय , माननीय चीफ जस्टिस उच्चतम न्यायालय।

आपको अवगत होगा कि 1931 की जाति जनगणना के बाद से भारत में पुनः जाति जनगणना नहीं हुई है। 1931 कि जनगणना के आंकड़े 52% अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आधार पर ही OBC के लिए मंडल कमीशन ने 27% आरक्षण की सिफारिश की थी। 1931 कि जाति जनगणना गुलाम भारत में हुई थी किन्तु 74 साल के आजाद भारत मे जाति जनगणना कराना आवश्यक नहीं समझा गया। 2011 में अरबों रुपये खर्च करके कराई गई जाति जनगणना के आंकड़े भी छुपा लिए गए। बिशेष रुप से OBC जनगणना को सिरे से खारिज कर दिया गया। देश में कुत्ता , बिल्ली  , गधा , घोड़ों की संख्या कितनी है जनता व सरकार को पता है किंतु OBC जातियों में आने बाले लोगों की जनसंख्या कितनी है न जनता को पता है न सरकार को पता है। क्या OBC समाज के स्त्री - पुरुषों को सरकार जानवरों से भी निम्न स्तर का मानती है जो उन जातियों के इंसानों की जनगणना नहीं करा रही है? देश में किसी भी वर्ग के उत्थान के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन उनकी संख्या के अनुसार होता है। ऐसे में देश मे रह रही सभी जातियों के इंसानों की जनसंख्या , उनकी शैक्षणिक , आर्थिक , सामाजिक , राजनैतिक , व्यवसायिक व स्वास्थ्य स्तर संबंधित आँकड़े सरकार के पास न होने से जरूरतमन्द , वंचित वर्ग के लिए किसी भी लाभकारी योजना को बनाकर सही रुप से संचालित कर पाना न सिर्फ मुश्किल है बल्कि असंभव है। तमाम आंकड़े न होने की बजह से जनता में भृम व आपसी फूट की स्थिति है। देश को समृद्ध , विकसित व शक्तिशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि सभी जाति /  वर्ग के स्त्री - पुरुषों को शैक्षणिक , आर्थिक , सामाजिक , राजनीतिक , व्यवसायिक रूप से सामान मजबूती व बराबरी मिले। सभी को समान हक व सम्मान मिले। और ये तभी संभव है जब केंद्र व राज्य सरकारों के पास सभी जाति / वर्ग के स्त्री - पुरुषों की जनसंख्या व सामाजिक , आर्थिक , व्यवसायिक , राजनैतिक आँकड़े मौजूद हों। ताकि उनकी स्थिति , जरूरत व जनसंख्या के अनुसार योजनाएं संचालित की जा सकें उनको बिशेष अवसर उपलब्ध करा आगे बढ़ाया जा सके।अतः अति आवश्यक है कि सभी जातियों की जनगणना करा आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए , ताकि देश की जनता को सच पता चल सके। सरकार व देश की आम जनता इस सच को जान सके कि देश में कौन सी जाति / वर्ग दूसरों का हिस्सा खा रही है व कौन सी जाति / वर्ग अपने हक / अधिकारों से वंचित है व उसे बिशेष अवसर मुहैय्या कराए जाने की जरूरत है। 

अतः मंडल आर्मी आपसे 2022 ओबीसी व अन्य सभी जातियों की जाति जनगणना कराए जाने की मांग करती है।

सादर : 

मंडल आर्मी सामाजिक न्याय मिशन 

Contact : 07253991760

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Mandal Armyपेटीशन स्टार्टरA OBC Organization. Mandal Army Samajik Nyay Mission (Reg.) 42/4/2020. Struggling for Social Justice, Constitutional Rights and Mandal Commission.

फैसला लेने वाले

मुख्य न्यायाधीश
मुख्य न्यायाधीश

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16 फ़रवरी 2021 पर पेटीशन बनाई गई