
सबलोकनि सं आग्रह जे पेटिसन साइन करी आ मित्र लोकनि स सेहो अनुरोध करी। जागु मैथिल जागु।
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पृथक मिथिला राज्य क निर्माण कियक - एक संक्षिप्त पृष्ठभूमि:
१.स्वतंत्रता पूर्व ईस्ट इंडिया कंपनी १८१६ में नेपाली गोरखा राजा के साथ मिलकय मिथिला के लुट के माल समझि कय दू दो भाग में बाँटि लगभग पाँच हज़ार वर्ग मील सुगैली संधि के तहत नेपाल के दय देलक। एहि प्रकार मिथिला के ह्रदय दू भाग भय गेल।
२.स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मिथिला लगातार सरकारी उपेक्षा और उदासीनता के शिकार रहल अछी।
३.जल प्रबंधन के अभाव में प्रति वर्ष मिथिला बाढ़िक विनाशलीला के झेलि रहल अछी या सुखार स पीड़ित रहैत अछी।जान माल के भारी क्षति होयत छैक। कृषि उद्योग समाप्ति के कगार पर छैक । मज़दूर और किसान पलायन के लेल मजबूर अछी।
४.मिथिला में उद्योग शून्य पर अछी । चीनी मील , पेपर मील , जुट मील , लघु एवम कुटीर उद्योग बंद अछी । रोज़गारक संभावना नगण्य अछी।
५.विहार के ३८ ज़िला में स लगभग २१ ज़िला मिथिला क्षेत्र स अबैत अछी हालाँकि एकौटा उच्च तकनीकी संस्थान ( IIT,IIM,AIMS) ओहिठाम नहि अछी । शिक्ष। , स्वास्थ्य क्षेत्र क हालत बद स बदतर अछी। लोग देश के कोना कोना में भटकय लेल मजबूर छथि।
६.शिक्षा,स्वास्थ्य एवम रोज़गार क लेल देश के दोसर भाग मे पलायन के लेल मजबूर छथि। उपेक्षाक दंश झेलबाक लेल विवश छथि।
७.भारतक प्राचीनतम भाषा में स एक मैथिली, जनक नंदनी सीता क भाषा मैथिली, विश्वक पचास सर्वाधिक बाजय वला भाषा मे शामिल मैथिली, साहित्य अकादमी में १९६५ ई. स प्रतिष्ठित मैथिली,संविधान के अष्टम अनुसूची में २००३ ई. स शामिल मैथिली, ज्योतिश्वर ठाकुर
,विदयापति , चन्दा झा, मणिपदम , लोरिक, सलेहेस , दिनाभदरी, दुलरादयाल , नैका वंजारा, नागार्जुन , फजलुर रहमान हाशमी क भाषा मैथिली, लगभग छह करोड़ स अधिक मैथिलक भाषा मैथिली, किसान , मज़दूर और ग्रामीण माय बहिनक एकमात्र भाषा मैथिली आइ विहार में द्वितीय राजभाषा के रूप में शामिल नहि अछी।मैथिली प्राथमिक शिक्षा क माध्यम नहि अछी। भाषा विकास एवम लिपि संरक्षण , संवर्धन क कोनो व्यवस्था नहि छैक। एकरा बादो शांति के पुजारी मैथिल मौन छैथि , स्तब्ध छैथि, नि:शब्द छथि । उपेक्षा, निराशा, हताशा के एहि स पैघ उदाहरण कि भय सकैत अछि?
अत: मिथिलाक आर्थिक , सांस्कृतिक , राजनीतिक एवम भाषायी अस्तित्व , अस्मिता क संरक्षण और संवर्धन के लेल एकमात्र विकल्प :
“ पृथक मिथिला राज्यक निर्माण “
हमरा लोकनिक लक्ष्य : -
१. एकमात्र संकल्प ध्यान में , मिथिला राज्य
हो संविधान में ।
२. भीख नहि अधिकार चाही , हमरा
मिथिला राज्य चाही।
३. हमरा चाही अपन ताज , हमरा
चाही अपन राज्य।
निवेदन :
१.समस्त मैथिल, मिथिला-मैथिली सेवी संस्था स निवेदन जे
अपन व्यक्तिगत , संस्थागत एवम
राजनीतिक आकांक्षा के बिसरि कय एकबेर
मिथिला और मैथिली के लेल एकजुट होई।
२.मिथिला राज्य के निर्माण के लेल शुरू कयल गेल ओनलाइन पेटिसन के क्लिक करी एवम हस्ताक्षर कए समर्थन करी।
३.आशा नहि पूर्ण विश्वास अछी कि यदि सबलोग समर्थन करताह त संख्या लाखों में पहुँचि सकैत अछी।
आऊ हमसब मिलकए मिथिला क दशा एवम दिशा बदलबा मे सहभागी बनी और अपन योगदान दी।
( जय मिथिला जय मैथिली जय मैथिल )