Обновление к петицииनिर्विकल्प गुरुकुल शिक्षा (Mandatory Gurukul Education )हमने और हमारे पूर्वजों मुफ्त शिक्षा पाई है। पर क्या ये गुरुकुल प्रथा आज मुफ्त में संभव है?
GURUKUL KRANTIИндия
20 дек. 2023 г.

*प्रश्न -*

 हमने और हमारे पूर्वजों मुफ्त शिक्षा पाई है। पर क्या अपनी ये गुरुकुल प्रथा आज मुफ्त में सभी को देना मुमकिन है? यदि मुमकिन है तो हम इस कार्य में आपका संपूर्ण सहयोग करना चाहेंगे।

���� जय हिंद ����

 

*उत्तर :* *मां भारती के सपूतों को सादर नमन*।

यह गुरुकुल शिक्षा प्रणाली *पूर्णतया निशुल्क* ही होगी।

सहकारिता की भावना से यह कार्य संभव हो सकेगा।

 आपने वह उदाहरण कथा तो अवश्य सुनी होगी, जिसमें प्रजापति ने देवों और दानवों को सशर्त भोज पर बुलाया था, और बांहों में डंडियां बांध दी गई, जिससे कोहनी ना मुड़ सके। तब दानवों ने तो गंदगी मचाई, खा कुछ भी नहीं सके।

 परंतु देवों ने आमने-सामने बैठकर प्रेम से एक दूसरे को खिलाया और तृप्त होकर आशीर्वाद देते हुए गए।

 

इसी तरह से देवों की शैली से गुरुकुल व्यवस्था भी चलेगी।

प्रत्येक गांव के लगभग 500 परिवारों की दो गुरुकुल संस्था होंगी, एक बेटियों का गुरुकुल और एक बेटों का गुरुकुल। 

ये सभी परिवार अपने अन्य सभी कार्यों को करते हुए भी, प्रत्येक परिवार में से प्रतिदिन, दो-दो घंटे का सेवा समय अनिवार्य रूप से, गुरुकुल के मुख्य आचार्य के निर्देशन में, गुरुकुल को देंगे।

 पति एक घंटा बेटों के गुरुकुल में, और पत्नी एक घंटा बेटियों के गुरुकुल में। इस प्रकार से प्रत्येक गुरुकुल के हर 24 घंटों के लिए, सेवा के 500 घंटे समाज से उपलब्ध हो जाएंगे।

वे सब अपनी अपनी योग्यता के अनुसार, अध्यापन से लेकर, व्यवस्थाओं तक जैसे भोजन बनाना, खेत में काम करना आदि सभी सेवाकार्य संभालेंगे।

 परंतु उनके गुरुकुल में, उनके ही बच्चे, नहीं पढेंगे। बल्कि उनके बच्चे पड़ोस के गांव में गुरुकुल में जाकर रहेंगे और पढेंगे तथा पड़ोस के गांव के बच्चे उनके गांव में गुरुकुल में आकर रहेंगे और पढेंगे। 

क्योंकि स्वयं माता-पिता अपने बच्चों के लिए आचार्य नहीं हो सकते, बल्कि जिसमें माता-पिता व्यवस्था करते हों उसमें भी बच्चों का रहना ठीक नहीं। इसका कारण यह है कि बच्चों से राग के कारण, प्रायः माता-पिता ही बच्चों को बिगाड़ते हैं।

 

आज हर कोई अपने बच्चों को अच्छे से अच्छा पहना और खिला पिला रहा है अच्छी से अच्छी रहने और अध्ययन की व्यवस्था कर रहा है।

बस यही कार्य तब भी करते रहना है, परंतु अपने बच्चों के लिए नहीं बल्कि पड़ोस के गांव के बच्चों के लिए।

यही है देवों की संस्कृति।

इस प्रकार ना एक पैसा लेना और ना एक पैसा देना।

पूर्णतया निशुल्क व्यवस्था समाज और सरकार के सहयोग से होगी।

विद्या से जब धन का संबंध ना रहेगा तो सभी बच्चों को सामान शिक्षा और सुविधा प्राप्त होगी

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https://chng.it/f64RbxktpJ

 

कृपया इस लिंक पर जाकर पैटीशन पढ़ें और *भारत में निर्विकल्प गुरुकुल शिक्षा* का समर्थन करने के लिए *ऑनलाइन "पेटीशन साइन करें"* ✍️ एवं इसका समर्थन करने के आग्रह पूर्वक, इस लिंक को अधिक से अधिक शेयर करने की कृपा करें।

 

*निवेदक* �

गुरुकुल क्रांति न्यास

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