

अंबरनाथ, महाराष्ट्र का सबसे बड़ा हाउसिंग घोटाला: एक विस्तृत शिकायत 🚨
हाल ही में अंबरनाथ हाउसिंग घोटाला सामने आया है, जिसमें एक विशाल धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। 😡 इसमें नगरपालिका अधिकारी, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बैंक और सरकारी एजेंसियां भी शामिल हैं। यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा हाउसिंग घोटाला है। 🏚️
मुख्य खिलाड़ी और उनके रोल 🕵️♂️
अंबरनाथ नगरपालिका परिषद के कई अधिकारी इस घोटाले में शामिल हैं:
प्रशांत रासल, मुख्य अधिकारी
श्रद्धार पटंकर, मुख्य अधिकारी
देविदास पवार, मुख्य अधिकारी
भालचंद्र गोसावी, मुख्य अधिकारी
विवेक गौतम, नगर योजनाकार
प्रकाश मुळे, नगर योजनाकार
विद्यासागर चव्हाण, नगर योजनाकार
इन अधिकारियों ने मोहान नैनो एस्टेट्स, मोहान सबर्बिया, और मोहान गैलरिया जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए झूठे प्रमाण पत्र जारी किए। 🏠⚠️
अवैध प्रमाण पत्र जारी करना 🚫
Mohan Group, Mohan Lifespaces LLP और Architect Thorat Mathew and Associates जैसे डेवलपर्स ने नगरपालिका अधिकारियों से कई प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करवाए, जिनमें:
प्रोजेक्ट का नाम, बिल्डिंग के नाम का उल्लेख नहीं था
पर्यावरण स्वीकृति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया था
आग विभाग का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट गायब था 🔥🚨
सबसे बड़ी धोखाधड़ी यह थी कि कब्जा प्रमाण पत्र में दावा किया गया कि निर्माण 2016 में पूरा हुआ था, जबकि असल में निर्माण 2019-2021 के बीच हुआ था। 🕵️♂️
हाउसिंग सोसाइटी और कोऑपरेटिव रजिस्टार की संलिप्तता 📜
सुरेश आढारे और रामचंद्र लोखंडे ने बिना उचित प्रमाण पत्रों के हाउसिंग सोसाइटी पंजीकरण किया। इससे यह घोटाला और भी बढ़ा।
महाRERA की विफलता 🏛️
महाRERA ने धोखाधड़ी प्रमाण पत्रों के आधार पर 31 बिल्डिंग्स को पंजीकरण दे दिया। यह एक बहुत बड़ी चूक थी, जिससे घोटाला और अधिक बढ़ा।
बैंकिंग संस्थाओं की संलिप्तता 💸
कई बैंकों ने धोखाधड़ी दस्तावेजों पर लोन स्वीकृत किए, जिससे यह घोटाला और भी बड़े पैमाने पर फैल गया। इन बैंकों ने बिना किसी उचित जांच के लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की।
कानून प्रवर्तन में निष्क्रियता ⚖️
अंबरनाथ पुलिस और EOW पर आरोप है कि उन्होंने इस घोटाले को नजरअंदाज किया या इसमें सहयोग किया। क्या यह सच है कि इतने बड़े घोटाले को बिना किसी कार्रवाई के बढ़ने दिया गया?
तत्काल कार्रवाई की अपील🚨
अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर इस घोटाले की सच्चाई सामने लाएं।
धोखाधड़ी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों की तुरंत जांच होनी चाहिए और उन पर जुर्माना लगाया जाए
बैंकों को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए
पुलिस और EOW को सक्रिय होकर इस मामले की जांच करनी चाहिए
निष्कर्ष 🏘️
यह घोटाला महाराष्ट्र के सबसे बड़े रियल एस्टेट घोटालों में से एक बन चुका है, जिसमें भ्रष्ट अधिकारियों, डेवलपर्स, बैंकों और नियामक निकायों का नेटवर्क है। न्याय की स्थापना के लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। ⚖️
Palvinder Singh