

उरी के शहीदों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिले
समस्या
उरी में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे अब किसे पापा कहेंगे ?
किनसे वे कहेंगे कि पापा जब छुट्टी पर घर अाना तो ‘मेरे लिए खिलौने अौर नए कपड़े लाना?’
उरी के शहीदों के परिवारों के रोजी-रोटी कमाने वाले सदस्य ने देश की सुरक्षा करते हुए अपनी जान दे दी।
उनके परिवारों के सामने गंभीर संकट है।
खास कर उनके बच्चों के भविष्य के सामने।
उनकी पढ़ाई का क्या होगा? उनके पापा ने अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कई सपने देखे होंगे। शहीद के वे सपने कैसे पूरे होंगे?
केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शहीदों के इन बच्चों की मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करें।
भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इन बच्चों की मुफ्त शिक्षा की पहल करे।
मेरे उठाए इस मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में हस्ताक्षर करें ताकि इन बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित हो सके।
उरी के शहीदों को हमारी यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पेटीशन बंद हो गई
समस्या
उरी में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे अब किसे पापा कहेंगे ?
किनसे वे कहेंगे कि पापा जब छुट्टी पर घर अाना तो ‘मेरे लिए खिलौने अौर नए कपड़े लाना?’
उरी के शहीदों के परिवारों के रोजी-रोटी कमाने वाले सदस्य ने देश की सुरक्षा करते हुए अपनी जान दे दी।
उनके परिवारों के सामने गंभीर संकट है।
खास कर उनके बच्चों के भविष्य के सामने।
उनकी पढ़ाई का क्या होगा? उनके पापा ने अपने बच्चों के भविष्य को लेकर कई सपने देखे होंगे। शहीद के वे सपने कैसे पूरे होंगे?
केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शहीदों के इन बच्चों की मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करें।
भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इन बच्चों की मुफ्त शिक्षा की पहल करे।
मेरे उठाए इस मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में हस्ताक्षर करें ताकि इन बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित हो सके।
उरी के शहीदों को हमारी यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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27 सितंबर 2016 पर पेटीशन बनाई गई