पेटीशन अपडेटसामान्य नागरिकों को न्याय मिल पाएगा ?

क्या तीस्ता जैसी सुनवाई सामान्य नागरिक की हो सकती है सुप्रीम कोठे में???

Lalit Ravalभारत
2 जुल॰ 2023

परम आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया,

आज भारत वर्ष में लगभग लाखो गरीब, वंचित नागरिक न्याय की अपेक्षा में दशकों से तकलीफदेह परिस्थिति में आर्थिक , मानसिक और शारीरिक यातना भुगत रहे है और दूसरी तरफ रसूखदार, भ्रष्ट नेतागण, देशद्रोही और अलगाववादी त्रासवादी आतंकवादी आरोपियों के लिए सुप्रीम कोठे के बिकाऊ ठेकेदार दल्ले भड़वे वकीलों की सांठगांठ करके सुवर्णमुद्रा की खनक पर या कम्युनिस्ट मालिको के आदेश पर या मजहबी जेहादियों के भाईजान बनकर वेकेशन के दौरान, शनिवार, रविवार की छुट्टी के दिन, देर रात में भी उठकर नाचने लगते है अपना कोठा सजाके ।

ऐसी व्यवस्था में सामान्य नागरिक न्याय की गुहार किस से लगाए??? एक ही उम्मीद दिखती है माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदया आपसे की आप स्वयं संज्ञान लेकर इन न्यायद्रोहि, बिकाऊ, दल्ले, वामपंथियों की नाजायज औलादे और कॉलेजियम सिस्टम की हरामी पैदाइश जैसे " माय लॉर्डो " को योग्य कार्यवाही करके सुप्रीम कोठे को सामान्य जन को न्याय प्राप्ति लायक बनादे यही कामना है ।

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