चुनाव आयोग: सभी आगामी चुनावों को तुरंत पोस्टपोन करें ताकि कोरोना और ना फैले

समस्या

अधिकांश भारतीयों की तरह मैं भी अपने देश के हालात पर घबरा रही हूँ- कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं, अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा और श्मशान घाट में मुर्दों को जलाने के लिए भी लाइन लगी है।

एक तरफ़ आम नागरिक के लिए हर तरह के नियम हैं, जिनके लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा। दूसरी ओर नेता लोग हैं, जिनके लिए कोरोना का कोई नियम लागू नहीं। चुनाव दर चुनाव, हमारे जन-प्रतिनिधियों और उनके समर्थकों की लापरवाही के आगे हमारा देश कोरोना के खिलाफ़ लड़ाई में एकदम असहाय सा दिख रहा है।

चुनाव आयोग के अनगिनत दिशा-निर्देशों और अपील के बावजूद रोड-शो हो रहे हैं, रैलियों में भीड़ जुट रही है और चुनाव प्रचार में बहुत कम लोग ही मास्क लगा रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो मैं नहीं जानती कि हमारा भारत कब कोरोना केस के पहाड़ को झुका पाएगा।

लेकिन अगर हम सब एकजुट होकर बोलेंगे तो हमारे नेता और अन्य लोग कोरोना को चुनाव से ज़्यादा गंभीरता से लेंगे। अभी मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि चुनाव आयोग सभी आगामी चुनावों को बिना किसी देरी के पोस्टपोन करे।

चाहे वो यूपी के पंचायत चुनाव हों या राज्यों के उपचुनाव या नगर निगम के चुनाव, अगर हमने अभी चुनावों पर पॉज़ बटन नहीं दबाया तो आगे स्थिति और गंभीर होगी। ऐसी संभावना है कि इन चुनावों के कारण कोरोना और फैलेगा, खासकर छोटे शहरों और गाँवों में।

नेताओं और वोटरों को कोरोना के नियम का पालन कराने से आसान है चुनावों को पोस्टपोन करना। तभी तो गुजरात के चुनाव आयोग ने 18 अप्रैल को होने वाले गांधीनगर नगर निगम के चुनावों को कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोस्टपोन कर दिया।

ये फैसला हर राज्य में लिया जाना चाहिए। चुनावों में राज्य के सभी संसाधनों को झोंकने से कहीं अच्छा है कि उन्हीं संसाधनों को कोरोना से लड़ाई और लोगों की जान बचाने में लगाया जाए।

आइये साथ मिलकर पूरे देश से कहें कि जान बचाना, चुनाव जीतने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। मैं आप सभी भारतीयों से अनुरोध करती हूँ कि इस अभियान का हिस्सा बनें और चुनाव आयोग से कहें कि पूरे भारत में आगामी चुनावों को पोस्टपोन करें।

#PauseElections जबतक हमारा देश कोरोना के खतरे से बाहर ना आ जाए।

प्रतिकात्मक चित्र

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Sujitha Sपेटीशन स्टार्टर
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अधिकांश भारतीयों की तरह मैं भी अपने देश के हालात पर घबरा रही हूँ- कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं, अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा और श्मशान घाट में मुर्दों को जलाने के लिए भी लाइन लगी है।

एक तरफ़ आम नागरिक के लिए हर तरह के नियम हैं, जिनके लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा। दूसरी ओर नेता लोग हैं, जिनके लिए कोरोना का कोई नियम लागू नहीं। चुनाव दर चुनाव, हमारे जन-प्रतिनिधियों और उनके समर्थकों की लापरवाही के आगे हमारा देश कोरोना के खिलाफ़ लड़ाई में एकदम असहाय सा दिख रहा है।

चुनाव आयोग के अनगिनत दिशा-निर्देशों और अपील के बावजूद रोड-शो हो रहे हैं, रैलियों में भीड़ जुट रही है और चुनाव प्रचार में बहुत कम लोग ही मास्क लगा रहे हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो मैं नहीं जानती कि हमारा भारत कब कोरोना केस के पहाड़ को झुका पाएगा।

लेकिन अगर हम सब एकजुट होकर बोलेंगे तो हमारे नेता और अन्य लोग कोरोना को चुनाव से ज़्यादा गंभीरता से लेंगे। अभी मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि चुनाव आयोग सभी आगामी चुनावों को बिना किसी देरी के पोस्टपोन करे।

चाहे वो यूपी के पंचायत चुनाव हों या राज्यों के उपचुनाव या नगर निगम के चुनाव, अगर हमने अभी चुनावों पर पॉज़ बटन नहीं दबाया तो आगे स्थिति और गंभीर होगी। ऐसी संभावना है कि इन चुनावों के कारण कोरोना और फैलेगा, खासकर छोटे शहरों और गाँवों में।

नेताओं और वोटरों को कोरोना के नियम का पालन कराने से आसान है चुनावों को पोस्टपोन करना। तभी तो गुजरात के चुनाव आयोग ने 18 अप्रैल को होने वाले गांधीनगर नगर निगम के चुनावों को कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोस्टपोन कर दिया।

ये फैसला हर राज्य में लिया जाना चाहिए। चुनावों में राज्य के सभी संसाधनों को झोंकने से कहीं अच्छा है कि उन्हीं संसाधनों को कोरोना से लड़ाई और लोगों की जान बचाने में लगाया जाए।

आइये साथ मिलकर पूरे देश से कहें कि जान बचाना, चुनाव जीतने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। मैं आप सभी भारतीयों से अनुरोध करती हूँ कि इस अभियान का हिस्सा बनें और चुनाव आयोग से कहें कि पूरे भारत में आगामी चुनावों को पोस्टपोन करें।

#PauseElections जबतक हमारा देश कोरोना के खतरे से बाहर ना आ जाए।

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Sujitha Sपेटीशन स्टार्टर
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14 अप्रैल 2021 पर पेटीशन बनाई गई