

We support CAA and NRC.
समस्या
CAA (नागरिकता संशोधन कानून, 2019) को भारतीय संसद में 11 दिसंबर, 2019 को पारित किया गया, जिसमें 125 मत पक्ष में थे और 105 मत विरुद्ध। यह बिल पास हो गया और इस विधेयक को 12 दिसंबर को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल गई।कई लोगो है का कहना है की NRC और CAA से देश टूट रहा है और ये देश के संविधान के खिलाफ है तो भाई पहले बात सही नहीं है क्योकि दोनों बिल भारत सर्कार ने संविधान के दायरे में रहकर पास करवाए है ,फिर भारत में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है , और लोगो को इसका विरोध करना चाहिए पर वो भी संविधानिक तरीके से पर ऐसा नहीं हो रहा है लोग हमारे ही टैक्स के पैसे से बनाई गई सम्पति को नुकसान पहुंचाया जा रहा जबकि CAA (नागरिकता संशोधन कानून, 2019) को भारतीय संसद में 11 दिसंबर, 2019 को पारित किया गया, जिसमें 125 मत पक्ष में थे और 105 मत विरुद्ध। यह बिल पास हो गया और इस विधेयक को 12 दिसंबर को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल गई। अगर किसी को लगता है की ये गलत है तो लोगो को कोर्ट में जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए न की पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया जाये। इस सब में सभी विपक्षी पार्टी भी लोगो को गुमराह कर रही है की इस बिल से मुस्लिमो को देश से निकाला जायेगा जो की गलत है सभी जानकर लोग सही जानकारी अपने आस -पास के लोगो को समझाए अफवाह न फैलने दे इससे यदि हम यह सोचते है की हम जो भी नुकसान पंहुचा रहे है वो भारत सरकार को पंहुचा रहे है तो ये गलत है सरकार हमी है और इसका हर्जाना भी हमें ज्यादा टैक्स चुकाकर देना पड़ेगा । धन्यवाद।

पेटीशन बंद हो गई
समस्या
CAA (नागरिकता संशोधन कानून, 2019) को भारतीय संसद में 11 दिसंबर, 2019 को पारित किया गया, जिसमें 125 मत पक्ष में थे और 105 मत विरुद्ध। यह बिल पास हो गया और इस विधेयक को 12 दिसंबर को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल गई।कई लोगो है का कहना है की NRC और CAA से देश टूट रहा है और ये देश के संविधान के खिलाफ है तो भाई पहले बात सही नहीं है क्योकि दोनों बिल भारत सर्कार ने संविधान के दायरे में रहकर पास करवाए है ,फिर भारत में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है , और लोगो को इसका विरोध करना चाहिए पर वो भी संविधानिक तरीके से पर ऐसा नहीं हो रहा है लोग हमारे ही टैक्स के पैसे से बनाई गई सम्पति को नुकसान पहुंचाया जा रहा जबकि CAA (नागरिकता संशोधन कानून, 2019) को भारतीय संसद में 11 दिसंबर, 2019 को पारित किया गया, जिसमें 125 मत पक्ष में थे और 105 मत विरुद्ध। यह बिल पास हो गया और इस विधेयक को 12 दिसंबर को राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिल गई। अगर किसी को लगता है की ये गलत है तो लोगो को कोर्ट में जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए न की पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया जाये। इस सब में सभी विपक्षी पार्टी भी लोगो को गुमराह कर रही है की इस बिल से मुस्लिमो को देश से निकाला जायेगा जो की गलत है सभी जानकर लोग सही जानकारी अपने आस -पास के लोगो को समझाए अफवाह न फैलने दे इससे यदि हम यह सोचते है की हम जो भी नुकसान पंहुचा रहे है वो भारत सरकार को पंहुचा रहे है तो ये गलत है सरकार हमी है और इसका हर्जाना भी हमें ज्यादा टैक्स चुकाकर देना पड़ेगा । धन्यवाद।

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20 दिसंबर 2019 पर पेटीशन बनाई गई