#VaccineForYoungistaan : कोरोना के टीकाकरण के लिए उम्र सीमा को घटाया जाए

समस्या

“भारत में 24 घंटे में कोरोना के 1.15 लाख नए केस, टूटे अब तक के सारे रिकॉर्ड!”

ये खबर सुनकर मेरा दिल एकदम बैठ गया। मैं प्रार्थना कर रही हूँ कि हमारा देश और सभी देशवासी सुरक्षित हों। पर इसके साथ-साथ हम सबको मिलकर आवाज़ उठानी होगी ताकि नीतियां बनाने वालों की नींद टूटे!

कोरोना की दूसरी लहर साफ़ तौर पर पहले से ज़्यादा भयावह है। ऐसा लगता है कि वायरस के पास और ज़्यादा शक्ति आ गई है। इस बार इसके निशाने पर भारत के युवा भी हैं, जो पहले से अधिक संख्या में कोरोना से जूझ रहे हैं।

पर विडंबना देखिए कि भारत के युवा अभी तक कोरोना की वैक्सीन के लिए योग्य नहीं हैं। 29 साल* की माध्यिका आयु वाले हमारे देश में एक बड़ी आबादी कोरोना से नहीं बच पाएगी अगर उन्हें वैक्सीन से वंचित रखा जाएगा।

सरकार को तुरंत टीकाकरण की योग्यता की आयु को 45 साल से घटाकर 18 साल करने का फैसला लेना चाहिए। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस फैसले को कम से कम उन राज्यों/शहरों में लागू किया जाए जहाँ सबसे ज़्यादा केस आ रहे हैं और कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि युवा भारत को भी कोरोना की वैक्सीन मिले और वो भी एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी सकें।

यही नहीं, आखिर उन युवाओं का क्या होगा जिन्हें पहले से कोई बीमारी है? इंडियन कैंसर सोसाइटी के अनुसार देश में हर साल कैंसर के मरीज़ों में लगभग 50,000 मरीज़ 19 साल से कम उम्र के होते हैं।

यही नहीं देश में 45 साल से कम लोगों की एक बड़ी आबादी है जो टीबी, डायबटीज़, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी, इत्यादि से जूझते हैं।

इन युवाओं के पास वैक्सीन की सुरक्षा नहीं लेकिन अपनी बीमारी के चलते वो कोरोना के सबसे बड़े शिकार हो सकते हैं। क्या ये कहीं से भी न्यायपूर्ण है?

मानव संसाधन हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है, जिसका बड़ा हिस्सा युवाओं से ही बनता है। भारत के युवा देश की आर्थिक प्रगति की नींव हैं। नौकरी, स्वरोज़गार इत्यादि से हमारे देश को आगे बढ़ाने में युवाओं को अहम योगदान है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से गुहार लगाई है कि वो कोरोना के टीकेकरण की रफ्तार को बढ़ाएं और 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को वैक्सीन की अनुमति दें।

दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी टीकाकरण में आयु सीमा को कम किए जाने की अनुमति मांगी है। एक सर्वे में सामने आया कि लगभग 75% भारतीय टीकाकरण को 18 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए खोले जाने के पक्ष में हैं।

अगर हम आम नागरिक और देश की जनता मिलकर आवाज़ उठाए तो कोरोना की रोकथाम की नीति बनाने वालों तक ज़रूर हमारी बात पहुँचेगी। कृपया ये पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें ताकि युवा भारत कोरोना की वैक्सीन से दूर ना हो।

*(World Population Prospects 2020)

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Rinki Sharmaपेटीशन स्टार्टर
कामयाबी
22,913 समर्थकों के साथ इस पेटीशन ने बदलाव लाया!

समस्या

“भारत में 24 घंटे में कोरोना के 1.15 लाख नए केस, टूटे अब तक के सारे रिकॉर्ड!”

ये खबर सुनकर मेरा दिल एकदम बैठ गया। मैं प्रार्थना कर रही हूँ कि हमारा देश और सभी देशवासी सुरक्षित हों। पर इसके साथ-साथ हम सबको मिलकर आवाज़ उठानी होगी ताकि नीतियां बनाने वालों की नींद टूटे!

कोरोना की दूसरी लहर साफ़ तौर पर पहले से ज़्यादा भयावह है। ऐसा लगता है कि वायरस के पास और ज़्यादा शक्ति आ गई है। इस बार इसके निशाने पर भारत के युवा भी हैं, जो पहले से अधिक संख्या में कोरोना से जूझ रहे हैं।

पर विडंबना देखिए कि भारत के युवा अभी तक कोरोना की वैक्सीन के लिए योग्य नहीं हैं। 29 साल* की माध्यिका आयु वाले हमारे देश में एक बड़ी आबादी कोरोना से नहीं बच पाएगी अगर उन्हें वैक्सीन से वंचित रखा जाएगा।

सरकार को तुरंत टीकाकरण की योग्यता की आयु को 45 साल से घटाकर 18 साल करने का फैसला लेना चाहिए। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस फैसले को कम से कम उन राज्यों/शहरों में लागू किया जाए जहाँ सबसे ज़्यादा केस आ रहे हैं और कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि युवा भारत को भी कोरोना की वैक्सीन मिले और वो भी एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी सकें।

यही नहीं, आखिर उन युवाओं का क्या होगा जिन्हें पहले से कोई बीमारी है? इंडियन कैंसर सोसाइटी के अनुसार देश में हर साल कैंसर के मरीज़ों में लगभग 50,000 मरीज़ 19 साल से कम उम्र के होते हैं।

यही नहीं देश में 45 साल से कम लोगों की एक बड़ी आबादी है जो टीबी, डायबटीज़, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी, इत्यादि से जूझते हैं।

इन युवाओं के पास वैक्सीन की सुरक्षा नहीं लेकिन अपनी बीमारी के चलते वो कोरोना के सबसे बड़े शिकार हो सकते हैं। क्या ये कहीं से भी न्यायपूर्ण है?

मानव संसाधन हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है, जिसका बड़ा हिस्सा युवाओं से ही बनता है। भारत के युवा देश की आर्थिक प्रगति की नींव हैं। नौकरी, स्वरोज़गार इत्यादि से हमारे देश को आगे बढ़ाने में युवाओं को अहम योगदान है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से गुहार लगाई है कि वो कोरोना के टीकेकरण की रफ्तार को बढ़ाएं और 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को वैक्सीन की अनुमति दें।

दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी टीकाकरण में आयु सीमा को कम किए जाने की अनुमति मांगी है। एक सर्वे में सामने आया कि लगभग 75% भारतीय टीकाकरण को 18 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए खोले जाने के पक्ष में हैं।

अगर हम आम नागरिक और देश की जनता मिलकर आवाज़ उठाए तो कोरोना की रोकथाम की नीति बनाने वालों तक ज़रूर हमारी बात पहुँचेगी। कृपया ये पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें ताकि युवा भारत कोरोना की वैक्सीन से दूर ना हो।

*(World Population Prospects 2020)

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Rinki Sharmaपेटीशन स्टार्टर

फैसला लेने वाले

Priyanka Chaturvedi
Member of Parliament, Rajya Sabha and Deputy Leader of Shiv Sena
रिस्पोंस दिया गया
प्रिय नागरिकों, मैं रिंकी शर्मा की इस Change.org पेटीशन का पूरा समर्थन करती हूँ। इस पेटीशन में उठाए गए मुद्दे के विषय पर मैंने पहले ही माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन जी को लिखा है। मैंने उन्हें ये संदेश भेजा है: माननीय महोदय, भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की कोरोना वैक्सीन पर मांग के जवाब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए “ज़रूरत(Need)” और “इच्छा(Want)” वाले आश्चर्यजनक बयान को सुनना काफी चौंकाने वाला था। मैं आशा करती हूँ कि आप इस बयान का समर्थन नहीं करते होंगे। चाहे वो किसी राज्य से हों, किसी उम्र के हों, भारत के लोगों की ज़रूरत और इच्छा पूरी तरह वास्तविक है। ये ज़रूरत इसलिए उत्पन्न हो रही है ताकि कोरोना के कहर को कम किया जा सके। कई देश पहले ही युद्ध स्तर पर अपने सभी व्यस्क नागरिकों का टीकाकरण कर रहे हैं, ताकि सब कोरोना से सुरक्षित हों। भारत में 18-45 साल की उम्र के लोगों की एक बहुत बड़ी आबादी है, जिसे वैक्सीन की ज़रूरत है। कोई भारतीय इस डर में नहीं जीना चाहता कि वो घर बैठे या घर से बाहर निकलने पर कोरोना का शिकार हो। वैक्सीन हर भारतीय का अधिकार है, खासकर उनका जो मेहनत कर के अपना परिवार चलाते हैं पर उन्हें घर बैठने के लिए विवश होना पड़ रहा है क्योंकि वो संक्रमित हो सकते हैं और अपने परिवार को भी संक्रमित कर सकते हैं। मैं आपसे विनम्र अनुरोध करती हूँ कि स्वास्थ्य मंत्रालय इसपर विचार करे और 45 साल से कम, 18 साल तक के भारतीयों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराए ताकि सबको सुरक्षित रूप से जीने और काम करने का अवसर मिले। इसके साथ ही महोदय, हमारा राज्य महाराष्ट्र टीकाकरण की सूचि में पहले स्थान पर है। टीकाकरण की रफ्तार का नतीजा है कि कई ज़िलो मे वैक्सीन की कमी हो गई है। माननीय मुख्यमंत्री, श्री उद्धव ठाकरे जी ने ने माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी को महाराष्ट्र को और वैक्सीन दिए जाने का अनुरोध किया है। टेस्टिंग और रिपोर्टिंग के सबसे पारदर्शी तरीकों के कारण हमारे यहाँ कोरोना केसों के संख्या बहुत अधिक है और राज्य अपने स्तर पर सबकुछ संभाल रहा है। हम केंद्र से अनुरोध करते हैं कि वो महाराष्ट्र को और ज़्यादा वैक्सीन मुहैया कराए ताकि हम भारत सरकार के ज़्यादा से ज़्यादा भारतीयों को सुरक्षित करने का लक्ष्य पूरा कर सकें। मैं आशा करती हूँ कि भारत सरकार हमारी इन दोनों माँगों पर विवेक के साथ फैसला करेगी। धन्यवाद, प्रियंका चतुर्वेदी सांसद, राज्य सभा महाराष्ट्र
Supriya Sule
MP, Nationalist Congress Party
रिस्पोंस दिया गया
कोरोना की दूसरी लहर हम सबके लिए बेहद चिंताजनक है। खासकर मेरे राज्य महाराष्ट्र के लिए, जहाँ आए दिन कोरोना के केस तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में आवश्यकता है कि सरकार सभी राज्यों एवं हर आयु के लोगों के लिए पर्याप्त वैक्सीन मुहैया कराए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। केंद्र सरकार सभी राज्यों को विशेषकर उन राज्यों में जहाँ कोरोना के अधिक केस हैं जैसा कि महाराष्ट्र, वहाँ सभी व्यस्क नागरिकों को कोरोना के टीकाकरण का अधिकार दे। रिंकी शर्मा की ये पेटीशन टीकाकरण की उम्र सीमा को 45 से घटाकर 18 वर्ष करने का अनुरोध कर के उस मांग को दोहरा रही है। मैं इस पेटीशन को अपना पूरा समर्थन देती हूँ। एक सांसद होने के नाते सभी भारतीयों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग को मैंने भी उठाया है, और इस विषय पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से सवाल भी पूछा है। देश के युवाओं को तुरंत कोरोना की वैक्सीन की ज़रूरत है ताकि वो अपनी नौकरी, शिक्षा, इत्यादि से भारत की प्रगति में अपना योगदान दे सकें। इसमें होने वाली देरी हमारे देश और देशवासियों का नुकसान कर रही है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं केंद्र सरकार से सभी राज्यों में कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता और सभी नागरिकों को वैक्सीन दिए जाने का मुद्दा उठाती रहूँगी। मैं आपको आमंत्रित करती हूँ कि मेरे सोशल मीडिया से जुड़कर मेरे द्वारा किये जा रहे कामों के बारे में आप अपडेटेड रहें। Facebook, Twitter पर जुड़ें- @Supriya_sule Instagram पर जुड़ें- @supriyasule धन्यवाद, सुप्रिया सुले सांसद, महाराष्ट्र भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
Narendra Modi
Prime Minister of India
Dr.Harsh Vardhan
Dr.Harsh Vardhan
Minister of Health and Family Welfare

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7 अप्रैल 2021 पर पेटीशन बनाई गई