#VaccineForYoungistaan : कोरोना के टीकाकरण के लिए उम्र सीमा को घटाया जाए

कामयाबी

#VaccineForYoungistaan : कोरोना के टीकाकरण के लिए उम्र सीमा को घटाया जाए

22,963 समर्थकों के साथ इस पेटीशन ने बदलाव लाया!
Rinki Sharma ने Dr.Harsh Vardhan (Minister of Health and Family Welfare) और को संबोधित करके ये पेटीशन शुरू किया

“भारत में 24 घंटे में कोरोना के 1.15 लाख नए केस, टूटे अब तक के सारे रिकॉर्ड!”

ये खबर सुनकर मेरा दिल एकदम बैठ गया। मैं प्रार्थना कर रही हूँ कि हमारा देश और सभी देशवासी सुरक्षित हों। पर इसके साथ-साथ हम सबको मिलकर आवाज़ उठानी होगी ताकि नीतियां बनाने वालों की नींद टूटे!

कोरोना की दूसरी लहर साफ़ तौर पर पहले से ज़्यादा भयावह है। ऐसा लगता है कि वायरस के पास और ज़्यादा शक्ति आ गई है। इस बार इसके निशाने पर भारत के युवा भी हैं, जो पहले से अधिक संख्या में कोरोना से जूझ रहे हैं।

पर विडंबना देखिए कि भारत के युवा अभी तक कोरोना की वैक्सीन के लिए योग्य नहीं हैं। 29 साल* की माध्यिका आयु वाले हमारे देश में एक बड़ी आबादी कोरोना से नहीं बच पाएगी अगर उन्हें वैक्सीन से वंचित रखा जाएगा।

सरकार को तुरंत टीकाकरण की योग्यता की आयु को 45 साल से घटाकर 18 साल करने का फैसला लेना चाहिए। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस फैसले को कम से कम उन राज्यों/शहरों में लागू किया जाए जहाँ सबसे ज़्यादा केस आ रहे हैं और कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि युवा भारत को भी कोरोना की वैक्सीन मिले और वो भी एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी सकें।

यही नहीं, आखिर उन युवाओं का क्या होगा जिन्हें पहले से कोई बीमारी है? इंडियन कैंसर सोसाइटी के अनुसार देश में हर साल कैंसर के मरीज़ों में लगभग 50,000 मरीज़ 19 साल से कम उम्र के होते हैं।

यही नहीं देश में 45 साल से कम लोगों की एक बड़ी आबादी है जो टीबी, डायबटीज़, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी, इत्यादि से जूझते हैं।

इन युवाओं के पास वैक्सीन की सुरक्षा नहीं लेकिन अपनी बीमारी के चलते वो कोरोना के सबसे बड़े शिकार हो सकते हैं। क्या ये कहीं से भी न्यायपूर्ण है?

मानव संसाधन हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है, जिसका बड़ा हिस्सा युवाओं से ही बनता है। भारत के युवा देश की आर्थिक प्रगति की नींव हैं। नौकरी, स्वरोज़गार इत्यादि से हमारे देश को आगे बढ़ाने में युवाओं को अहम योगदान है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से गुहार लगाई है कि वो कोरोना के टीकेकरण की रफ्तार को बढ़ाएं और 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को वैक्सीन की अनुमति दें।

दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी टीकाकरण में आयु सीमा को कम किए जाने की अनुमति मांगी है। एक सर्वे में सामने आया कि लगभग 75% भारतीय टीकाकरण को 18 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए खोले जाने के पक्ष में हैं।

अगर हम आम नागरिक और देश की जनता मिलकर आवाज़ उठाए तो कोरोना की रोकथाम की नीति बनाने वालों तक ज़रूर हमारी बात पहुँचेगी। कृपया ये पेटीशन साइन करें और जितना हो सके शेयर करें ताकि युवा भारत कोरोना की वैक्सीन से दूर ना हो।

*(World Population Prospects 2020)

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