हाथरस की दलित लड़की के लिए न्याय, पुलिस ने क्यों उसका दाह संस्कार किया


हाथरस की दलित लड़की के लिए न्याय, पुलिस ने क्यों उसका दाह संस्कार किया
समस्या
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाथरस में एक दलित लड़की के साथ बर्बरता हुई, आरोप है कि उसकी जुबान काटी गई, गर्दन और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई। वो केवल 19 साल की थी। वो तो ज़िंदगी की जंग हार गई पर हमें उसको न्याय दिलाने की लड़ाई लड़नी है और जीतनी है।
कृपया ये पेटीशन साइन करें और शेयर करें ताकि हाथरस घटना की शिकार लड़की को जल्द से जल्द न्याय मिले।
हर मिनट भारत में किसी लड़की के साथ रेप होता है। हम ख़बरें सुनते हैं, कुछ दिन बोलते हैं, इंसाफ़ की माँग करते हैं। कभी इंसाफ़ मिलता है और कभी नहीं भी मिलता है।आज हाथरस की वो लड़की शिकार हुई, कल हम में से कोई भी शिकार हो सकता है।
कई मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि पुलिस ने बिना परिवार की इजाज़त के लड़की के शव का दाह संस्कार कर दिया। अब कहा जा रहा है कि रेप हुआ ही नहीं। इस सड़े हुए सिस्टम का खेल ऐसे ही चलता रहेगा अगर हम भारत के लोग अपनी बेटियों के लिए नहीं खड़े हुए।
पुलिस को जवाब देना होगा कि उसे किसने शव को चिता के हवाले करने की इजाज़त दी। हमें जवाब चाहिए! हमें हाथरस की दलित बेटी के लिए न्याय चाहिए!
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समस्या
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाथरस में एक दलित लड़की के साथ बर्बरता हुई, आरोप है कि उसकी जुबान काटी गई, गर्दन और रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई। वो केवल 19 साल की थी। वो तो ज़िंदगी की जंग हार गई पर हमें उसको न्याय दिलाने की लड़ाई लड़नी है और जीतनी है।
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हर मिनट भारत में किसी लड़की के साथ रेप होता है। हम ख़बरें सुनते हैं, कुछ दिन बोलते हैं, इंसाफ़ की माँग करते हैं। कभी इंसाफ़ मिलता है और कभी नहीं भी मिलता है।आज हाथरस की वो लड़की शिकार हुई, कल हम में से कोई भी शिकार हो सकता है।
कई मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि पुलिस ने बिना परिवार की इजाज़त के लड़की के शव का दाह संस्कार कर दिया। अब कहा जा रहा है कि रेप हुआ ही नहीं। इस सड़े हुए सिस्टम का खेल ऐसे ही चलता रहेगा अगर हम भारत के लोग अपनी बेटियों के लिए नहीं खड़े हुए।
पुलिस को जवाब देना होगा कि उसे किसने शव को चिता के हवाले करने की इजाज़त दी। हमें जवाब चाहिए! हमें हाथरस की दलित बेटी के लिए न्याय चाहिए!
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फैसला लेने वाले
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30 सितंबर 2020 पर पेटीशन बनाई गई