Uber, OIa, Rapido: अपने ड्राइवरों को विकलांग व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील बनाएँ


Uber, OIa, Rapido: अपने ड्राइवरों को विकलांग व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील बनाएँ
समस्या
हाल ही में, एक कैब ड्राइवर ने मेरी राइड इसलिए कैंसिल कर दी क्यूँकि वो एक विकलांग व्यक्ति की ‘ज़िम्मीदारी’ नहीं लेना चाहता था! मैं लगभग हर दिन इन ऐप्स के माध्यम से कैब बुक करता हूं। लेकिन मेरी यात्रा कभी मुश्किलों से ख़ाली नहीं होती। मैं दृष्टिबाधित हूँ, और इस कारण मेरे साथ भेदभाव भी हुआ है। मैं जानता हूं कि ये भेदभाव सिर्फ़ मेरे साथ नहीं बल्कि और सैंकड़ों विकलांग व्यक्तियों के साथ भी किया जा रहा है।
इसलिए मैंने ये पेटीशन शुरू की है, ताकि कैब कंपनियाँ अपने ड्राइवरों को जागरूक करें जिससे हमें इस तरह की असंवेदनशील बातें सहनी न पड़े। अगर ये बदलाव होगा तो विकलांग व्यक्तियों को, चाहे इमरजेंसी हो या दैनिक आवागमन, राइड बुक करने में झिझक महसूस नहीं होगी।
कुछ महीने पहले जब मैंने अपने ऑफ़िस से घर जाने के लिए कैब बुक की थी, तो ड्राइवर ने मुझसे फ़ोन कर के ये पूछा था कि क्या मुझे "कोई व्यक्तिगत समस्या" है। उसे मेरे लॉगिन पेज से ये पता चला कि मुझे कोई "शारीरिक समस्याएं" हैं। सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। मैं ये बात जानकर घबरा गया कि ड्राइवर को मेरे लॉगिन पेज से मेरी निजी डिटेल्ज़ के बारे में पता चल रहा है। अगर ड्राइवरों को विकलांग व्यक्तियों की ज़रूरतों के प्रति जागरूक किया जाता है, और हमें सुलभ कैब सेवा उपलब्ध कराई जाती है तो हमें रोज़ इस तरह का सदमा नहीं झेलना पड़ेगा।
दुख की बात है कि विकलांग व्यक्तियों के खिलाफ भेदभाव आम बात हो गई है। ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स ने अतीत में विकलांग व्यक्तियों को ख़ास सहायता प्रदान की है; चाहे वो चुनाव के दौरान हो, उन्हें रोजगार देना हो या सुलभ वाहनों को उपलब्ध कराना हो। लाखों भारतीय हर महीने ऐप-बेस्ड कैब का इस्तेमाल करते हैं। सोचिए हर रोज़ कितने हज़ारों विकलांग व्यक्ति इस सुविधा का उपयोग करते होंगे। ये एक कदम, देश के लाखों विकलांग व्यक्तियों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा।
कृपया मेरी पेटीशन साइन करें ताकि Uber, Ola और Rapido इस मुद्दे पर ध्यान दें, विकलांग व्यक्तियों के लिए कैब बुक करना आसान बनाए और अपने ड्राइवर पार्टनर्स को संवेदनशील बनाए ताकि किसी भी विकलांग व्यक्ति के साथ फिर ऐसा भेदभाव न हो।

समस्या
हाल ही में, एक कैब ड्राइवर ने मेरी राइड इसलिए कैंसिल कर दी क्यूँकि वो एक विकलांग व्यक्ति की ‘ज़िम्मीदारी’ नहीं लेना चाहता था! मैं लगभग हर दिन इन ऐप्स के माध्यम से कैब बुक करता हूं। लेकिन मेरी यात्रा कभी मुश्किलों से ख़ाली नहीं होती। मैं दृष्टिबाधित हूँ, और इस कारण मेरे साथ भेदभाव भी हुआ है। मैं जानता हूं कि ये भेदभाव सिर्फ़ मेरे साथ नहीं बल्कि और सैंकड़ों विकलांग व्यक्तियों के साथ भी किया जा रहा है।
इसलिए मैंने ये पेटीशन शुरू की है, ताकि कैब कंपनियाँ अपने ड्राइवरों को जागरूक करें जिससे हमें इस तरह की असंवेदनशील बातें सहनी न पड़े। अगर ये बदलाव होगा तो विकलांग व्यक्तियों को, चाहे इमरजेंसी हो या दैनिक आवागमन, राइड बुक करने में झिझक महसूस नहीं होगी।
कुछ महीने पहले जब मैंने अपने ऑफ़िस से घर जाने के लिए कैब बुक की थी, तो ड्राइवर ने मुझसे फ़ोन कर के ये पूछा था कि क्या मुझे "कोई व्यक्तिगत समस्या" है। उसे मेरे लॉगिन पेज से ये पता चला कि मुझे कोई "शारीरिक समस्याएं" हैं। सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। मैं ये बात जानकर घबरा गया कि ड्राइवर को मेरे लॉगिन पेज से मेरी निजी डिटेल्ज़ के बारे में पता चल रहा है। अगर ड्राइवरों को विकलांग व्यक्तियों की ज़रूरतों के प्रति जागरूक किया जाता है, और हमें सुलभ कैब सेवा उपलब्ध कराई जाती है तो हमें रोज़ इस तरह का सदमा नहीं झेलना पड़ेगा।
दुख की बात है कि विकलांग व्यक्तियों के खिलाफ भेदभाव आम बात हो गई है। ऐप-आधारित कैब एग्रीगेटर्स ने अतीत में विकलांग व्यक्तियों को ख़ास सहायता प्रदान की है; चाहे वो चुनाव के दौरान हो, उन्हें रोजगार देना हो या सुलभ वाहनों को उपलब्ध कराना हो। लाखों भारतीय हर महीने ऐप-बेस्ड कैब का इस्तेमाल करते हैं। सोचिए हर रोज़ कितने हज़ारों विकलांग व्यक्ति इस सुविधा का उपयोग करते होंगे। ये एक कदम, देश के लाखों विकलांग व्यक्तियों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा।
कृपया मेरी पेटीशन साइन करें ताकि Uber, Ola और Rapido इस मुद्दे पर ध्यान दें, विकलांग व्यक्तियों के लिए कैब बुक करना आसान बनाए और अपने ड्राइवर पार्टनर्स को संवेदनशील बनाए ताकि किसी भी विकलांग व्यक्ति के साथ फिर ऐसा भेदभाव न हो।

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7 दिसंबर 2022 पर पेटीशन बनाई गई