Atualização do abaixo-assinadoTrancperency & Personal Accountability Policy"समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याल, जो तटस्थ है समय लिखेगा उनका भी अपराध "
Vimlesh Chandra JoshiJaipur, Índia
25 de nov. de 2019

आदरणीय,


वर्तमान सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और सता के दुरुपयोग को रोकने के लिये वर्ष 2014 में पारदर्शिता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी नीति घोषित की गई थी ।
मेरे द्वारा माननीय प्रधानमंत्रीजी को दिनांक 30 जून 2018 को उक्त नीति के तहत बैंक ऑफ इंडिया में ग्राहक शिकायत निवारण प्रणाली की जांच हेतु प्रार्थना की गई थी ।
मेरे द्वारा प्रेषित पत्राचार को सरकार द्वारा पंजीकृत कर आगे आवश्यक कार्यवाही हेतु दिनांक 10 जुलाई 2018 को  सचिव ( आर्थिक सेवा) को प्रेषित किये जाने की सूचना प्रदान की थी किन्तु आज दिनांक तक जांच प्रारंभ नहीं की गई है ।
 मेरे द्वारा बैंक ऑफ इंडिया उच्च प्रबन्धन द्वारा अपनी ही घोषित नीतियो की अवहेलना किये जाने सम्बंधित शिकायत सरकार द्वारा नामित अधिकारी श्री सुनील पंत उप निदेशक ग्राहक शिकायत निवारण निदेशालय को प्रेषित कर विषय में त्वरित एवम् सार्थक कार्यवाही हेतु बार-बार निवेदन किया गया है और निदेशालय द्वारा केवल विषय को पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही हेतु वित्तीय सचिव को प्रेषित किये जाने की सूचना प्रदान कर अपनी जिम्मेदारी पूर्ण करने का प्रयास किया है ।
महोदय इस विषय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रेषित पत्र दिनांक 30 जून 2018 पर आज तक की गई कार्यवाही सरकार के द्वारा गठित पोर्टल के गठन की सार्थकता पर ही प्रश्न खड़े करती हैं ।
प्रार्थी द्वारा उक्त विषय में पंजीकृत शिकायतों को सम्बंधित बैंक को प्रेषित किया गया है और सम्बंधित बैंक अधिकारियों द्वारा बार-बार आंचलिक कार्यालय जयपुर के पत्राचार को ही संलग्न कर सरकार को प्रेषित कर दिया गया है ।
बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आँचलिक प्रबंधक जयपुर की शिकायत पर त्वरित एवम् सार्थक कार्यवाही करने के स्थान पर अधीनस्थ अधिकारियों के दस्तावेजों को ही संलग्न किया गया है जोकि निश्चित ही प्रतिस्थापित नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है ।
प्रार्थी द्वारा उक्त विषय में उच्च अधिकारियों की संवेदनहीनतापूर्ण कार्यवाही सम्बंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के बावजूद भी आज  तक किसी भी प्रकार जांच प्रारंभ किये जाने की सूचना प्रदान नहीं की गई है ।जोकि निश्चित ही जांच का विषय है ।     अतः सरकारी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की निराकरण प्रणाली की समीक्षा किये जाने की आवश्यकता है ।
माननीय मेरे द्वारा पंजीकृत शिकायतों पर सम्बंधित विभाग द्वारा प्रेषित जवाब की सरकार द्वारा घोषित पारदर्शिता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी नीति के प्रावधानों के अनुसार जांच की अति आवश्यकता है ताकि सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत उच्च अधिकारियों की आम उपभोक्ताओ के प्रति संवेदनहीनता सामने आ सके ।
प्रस्तुत प्रकरण में बैंक द्वारा की गई कार्यवाही संगठित कर्मचारियों/ अधिकारियों द्वारा असंगठित उपभोक्ताओं को उनके मूलभूत सुविधाओं और अधिकारो से वंचित करने का स्पष्ट प्रमाण हैं ।
अतः मेरी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आप व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करतेहुए विषय की निष्पक्ष जांच के आदेश शीघ्र प्रदान करने की कृपा करें ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके और पार्दशिता एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी नीति की सार्थकता सिद्ध हो सके ।
श्रृध्दा एवम् विश्वास के साथ ।


प्रार्थी, 
विमलेश चन्द्र जोशी 
(Vimlesh Chandra Joshi )
E -456
Bank Colony 
Murlipura Scheme 
Jaipur-302039 
( Rajasthan)
दिनांक:- 26 नवम्बर 2019

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