सबके लिए मुफ्त हो कोरोना की वैक्सीन

समस्या

भारत इस समय एक भयावह महामारी से संघर्ष कर रहा है। हर दिन 3 लाख से भी अधिक कोरोना के केस आ रहे हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और बेगुनाह नागरिकों की जान जा रही है।

इस आपदा से निकलने का एक ही रास्ता है, वो है जल्द से जल्द भारत के करोड़ों नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन देकर उन्हें सुरक्षित करना। पर हमारी वैक्सीन नीति समझ के परे है। सरकार ने 18 साल के ऊपर के लोगों के लिए वैक्सीन को खोला पर उसकी ज़िम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लिया।

अभी तक कि वैक्सीन नीति से यही लग रहा है कि 18-44 साल के नागरिकों को वैक्सीन के लिए खुद पैसे देने होंगे। सरकार के अनुसार 18-44 साल के भारतीयों को 1 मई से प्राइवेट सेंटरों पर वैक्सीन मिलेगी। 23 अप्रैल को सभी राज्यों को लिखे पत्र में हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा, “18 से 44 साल के नागरिक, किसी भी प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर पर भुगतान के बाद, वैक्सीन पाने के योग्य होंगे।”

यदि 18-44 साल की उम्र वालों की वैक्सीन के लिए राज्य व्यवस्था नहीं करते तो इसका मतलब होगा कि वो प्राइवेट सेंटरों पर ही वैक्सीन पाने के लिए मजबूर होंगे। जिसके लिए उन्हें भारी कीमत देनी पड़ेगी। प्राइवेट अस्पतालों को कोवीशील्ड की एक डोज़ 600 रूपये तो कोवैक्सीन की 1200 रुपये में मिलेगी।

यदि प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन इतनी महंगी मिलेगी तो सोचिए वो नागरिकों को उसे देने के लिए कितने पैसे लेंगे। हालांकि कुछ राज्यों ने वैक्सीन मुफ्त में देने की घोषणा की है पर इसके बाद भी वैक्सीन को लेकर जो नीति है वो नागरिकों के हित में नहीं।

इसलिए मैं भारत सरकार से हाथ जोड़़कर विनती करता हूँ कि चाहे वो देश के किसी हिस्से से आते हों, देश के नागरिकों को वैक्सीन के लिए केवल इतने रुपये देने चाहिए: 0 रुपया।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि सरकार वैक्सीन को लेकर हर तरह के कैप, रेट, इत्यादि में उलझने के बजाए भारत के हर नागरिक को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन दे।

अगर हमें कोरोना को हराना है तो हमें युद्धस्तर पर अपने नागरिकों को वैक्सीनेट करना होगा, जो कि तभी संभव होगा जब हम सब मिलकर मुफ्त वैक्सीन के लिए आवाज़ उठाएंगे।

मेरा साथ दें ताकि सबको मिले फ्री वैक्सीन।

आभार,
राहुल कपूर

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Rahul Kapoorपेटीशन स्टार्टरI am a social worker and I work for humanity.
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भारत इस समय एक भयावह महामारी से संघर्ष कर रहा है। हर दिन 3 लाख से भी अधिक कोरोना के केस आ रहे हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और बेगुनाह नागरिकों की जान जा रही है।

इस आपदा से निकलने का एक ही रास्ता है, वो है जल्द से जल्द भारत के करोड़ों नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन देकर उन्हें सुरक्षित करना। पर हमारी वैक्सीन नीति समझ के परे है। सरकार ने 18 साल के ऊपर के लोगों के लिए वैक्सीन को खोला पर उसकी ज़िम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लिया।

अभी तक कि वैक्सीन नीति से यही लग रहा है कि 18-44 साल के नागरिकों को वैक्सीन के लिए खुद पैसे देने होंगे। सरकार के अनुसार 18-44 साल के भारतीयों को 1 मई से प्राइवेट सेंटरों पर वैक्सीन मिलेगी। 23 अप्रैल को सभी राज्यों को लिखे पत्र में हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा, “18 से 44 साल के नागरिक, किसी भी प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर पर भुगतान के बाद, वैक्सीन पाने के योग्य होंगे।”

यदि 18-44 साल की उम्र वालों की वैक्सीन के लिए राज्य व्यवस्था नहीं करते तो इसका मतलब होगा कि वो प्राइवेट सेंटरों पर ही वैक्सीन पाने के लिए मजबूर होंगे। जिसके लिए उन्हें भारी कीमत देनी पड़ेगी। प्राइवेट अस्पतालों को कोवीशील्ड की एक डोज़ 600 रूपये तो कोवैक्सीन की 1200 रुपये में मिलेगी।

यदि प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन इतनी महंगी मिलेगी तो सोचिए वो नागरिकों को उसे देने के लिए कितने पैसे लेंगे। हालांकि कुछ राज्यों ने वैक्सीन मुफ्त में देने की घोषणा की है पर इसके बाद भी वैक्सीन को लेकर जो नीति है वो नागरिकों के हित में नहीं।

इसलिए मैं भारत सरकार से हाथ जोड़़कर विनती करता हूँ कि चाहे वो देश के किसी हिस्से से आते हों, देश के नागरिकों को वैक्सीन के लिए केवल इतने रुपये देने चाहिए: 0 रुपया।

मेरी पेटीशन साइन और शेयर करें ताकि सरकार वैक्सीन को लेकर हर तरह के कैप, रेट, इत्यादि में उलझने के बजाए भारत के हर नागरिक को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन दे।

अगर हमें कोरोना को हराना है तो हमें युद्धस्तर पर अपने नागरिकों को वैक्सीनेट करना होगा, जो कि तभी संभव होगा जब हम सब मिलकर मुफ्त वैक्सीन के लिए आवाज़ उठाएंगे।

मेरा साथ दें ताकि सबको मिले फ्री वैक्सीन।

आभार,
राहुल कपूर

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