भारत में एडवेंचर टूरिज़्म को सुरक्षित बनाएँ!


भारत में एडवेंचर टूरिज़्म को सुरक्षित बनाएँ!
समस्या
इस पेटीशन के माध्यम से मैं हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर टुरिज़म की व्यवस्थाओं के कारण, नागरिकों की सुरक्षा में हो रही चूक पर सभी का ध्यान लाना चाहता हूँ। 22 दिसंबर 2021 को, इसी तरह की एक चूक के कारण, हमने हमारे 12 साल के बेटे, आद्विक को हमेशा के लिए खो दिया!
मैं बैंगलोर में एक आईटी कम्पनी में काम करता हूं। मैंने अपने परिवार के साथ छुट्टी पर हिमाचल प्रदेश जाने का निर्णय लिया था। 22 दिसंबर को हमने बीर बिलिंग क्षेत्र में, जो कि हिमाचल के एक प्रमुख टुरिस्ट स्पॉट के रूप में जाना जाता है, पैराग्लाइडिंग करने का फैलसा किया। पहुँचने पर, हमें एक वेवर फॉर्म पर साइन करने के लिए कहा गया और सूचित किया गया कि हमें पैराग्लाइडर की एक गाड़ी से टेक-ऑफ साइट तक पहुँचाया जाएगा। यह सवारी बस कुछ मिंटो की होने वाली थी जिसके लिए हम एक खुली जीप में बैठ गए।
यात्रा के दौरान, ड्राइवर की लापरवाही के कारण, हमारी गाड़ी एक स्कूटी से जा टकराई, ड्राइवर गाड़ी का नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधा खाई में जा गिरी। मुझे और मेरी पत्नी को गंभीर चोटें आईं, पर अब हम खतरे से बाहर हैं। लेकिन इस एक लापरवाही के कारण हमने अपने प्यारे आद्विक को खो दिया। आद्विक सिर्फ़ 12 साल का था और एक उज्जवल भविष्य के सपने देखता था! दुर्घटना के बाद ड्राइवर और पाइलेट दोनो फ़रार हो गए और पैराग्लाइडिंग टीम से ना कोई दुर्घटना स्थल पर आया, ना किसी ने अस्पताल में मदद के लिए मेरे परिवार से संपर्क किया।
इस पूरी कहानी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें -
- पैराग्लाइडिंग और एडवेंचर टुरिज़म का सेक्टर असंगठित और अनियंत्रित मालूम होता है। इसे सुरक्षित और आज्ञाकारी तरीके से प्रबंधित करने के लिए कोई केंद्रीय संगठन या नीति नहीं है। बिना किसी नीति या नियम के यह केवल कुछ व्यक्तियों द्वारा चलाया जाता है।
- ग्राहकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की इन्हें कोई चिंता नहीं है। ग्राहकों को एक वेवर फॉर्म पर साइन करने के लिए कहा जाता है जो पैराग्लाइडर को सभी जिम्मेदारियों और जवाबदेही से मुक्त कर देता है। सच तो ये है कि हम अपनी सुरक्षा को उनके हवाले करते हैं इस भरोसे के साथ कि वे इस क्षेत्र के एक्स्पर्ट हैं।
- ऐसी किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए बीमा की कोई अवधारणा नहीं है।
- पूरी प्रक्रिया का कोई भी जवाबदेह नहीं है।
- साइट या साइट के नज़दीक कोई एम्बुलेंस या चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
रीसर्च करने पर हमने पाया कि पहले भी, एडवेंचर टुरिज़म के समय, अलग अलग जगहों पर, कई ऐसी दुर्घटनाएँ घट चुकी हैं, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गवाई है।
भारत का एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते, मैंने देश के प्रधान मंत्री, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को संभोधित कर ये पेटीशन शुरू की है, और मैं उनसे भारत में एडवेंचर टुरिज़म की व्यवस्थाओं को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने का अनुरोध कर रहा हूँ।
मेरी आप सभी से अपील है, निम्नलिखित माँगो के साथ शुरू की गई मेरी पेटीशन पर साइन करें-
1. पैराग्लाइडिंग, रोपवे, वाटर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग, या अन्य समान एडवेंचर टुरिज़म के कंपनियों व एजेंटों के लिए सुरक्षा सुविधाओं में सुधार और सख्त दिशानिर्देश लागू करना।
2. सरकारी अधिकारियों की पर्यवेक्षण में लोकेशन पर स्थायी ट्रॉमा केयर एम्बुलेंस स्थित हो और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध हो। ग्राहकों को बीमा प्रदान करना अनिवार्य हो।
3. एडवेंचर टुरिज़म के सेक्टर को संगठित करना। एडवेंचर टूरिज़्म से जुड़ना चाह रही कंपनियों के लिए योग्यता व पात्रता का उल्लेख करना। एडवेंचर टुरिज़म से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं के प्रबंधन के लिए निर्देश तैयार करना, जिनमें किसी भी संभावित दुर्घटना के मामले में क्या करना है, यह भी शामिल हो।
4. ऐसी सेवाएँ दे रही कम्पनियों/एजेंटों की जवाबदेही होना और उनके उपकरणों का मानकीकरण करना। ऐसे सभी संगठनों का समय पर ऑडिट होना महत्वपूर्ण है, और किसी भी चूक के लिए लाइसेंस रद्द/निलंबित किया जाना चाहिए।
हम जानते हैं कि चाहकर भी हम अपने अद्विक को वापस नहीं ला सकते। पर हम इस पेटिशन द्वारा यह ज़रूर सुनिस्चित कर सकते हैं कि कोई और परिवार ऐसी घटना में अपने आद्विक को ना खोए। हर एक जान मायने रखती है। मेरी पेटीशन साइन व शेयर करें, ताकि साकार, एडवेंचर टुरिज़म को हम सभी के लिए और सुरक्षित बनाए।

समस्या
इस पेटीशन के माध्यम से मैं हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग जैसे एडवेंचर टुरिज़म की व्यवस्थाओं के कारण, नागरिकों की सुरक्षा में हो रही चूक पर सभी का ध्यान लाना चाहता हूँ। 22 दिसंबर 2021 को, इसी तरह की एक चूक के कारण, हमने हमारे 12 साल के बेटे, आद्विक को हमेशा के लिए खो दिया!
मैं बैंगलोर में एक आईटी कम्पनी में काम करता हूं। मैंने अपने परिवार के साथ छुट्टी पर हिमाचल प्रदेश जाने का निर्णय लिया था। 22 दिसंबर को हमने बीर बिलिंग क्षेत्र में, जो कि हिमाचल के एक प्रमुख टुरिस्ट स्पॉट के रूप में जाना जाता है, पैराग्लाइडिंग करने का फैलसा किया। पहुँचने पर, हमें एक वेवर फॉर्म पर साइन करने के लिए कहा गया और सूचित किया गया कि हमें पैराग्लाइडर की एक गाड़ी से टेक-ऑफ साइट तक पहुँचाया जाएगा। यह सवारी बस कुछ मिंटो की होने वाली थी जिसके लिए हम एक खुली जीप में बैठ गए।
यात्रा के दौरान, ड्राइवर की लापरवाही के कारण, हमारी गाड़ी एक स्कूटी से जा टकराई, ड्राइवर गाड़ी का नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधा खाई में जा गिरी। मुझे और मेरी पत्नी को गंभीर चोटें आईं, पर अब हम खतरे से बाहर हैं। लेकिन इस एक लापरवाही के कारण हमने अपने प्यारे आद्विक को खो दिया। आद्विक सिर्फ़ 12 साल का था और एक उज्जवल भविष्य के सपने देखता था! दुर्घटना के बाद ड्राइवर और पाइलेट दोनो फ़रार हो गए और पैराग्लाइडिंग टीम से ना कोई दुर्घटना स्थल पर आया, ना किसी ने अस्पताल में मदद के लिए मेरे परिवार से संपर्क किया।
इस पूरी कहानी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें -
- पैराग्लाइडिंग और एडवेंचर टुरिज़म का सेक्टर असंगठित और अनियंत्रित मालूम होता है। इसे सुरक्षित और आज्ञाकारी तरीके से प्रबंधित करने के लिए कोई केंद्रीय संगठन या नीति नहीं है। बिना किसी नीति या नियम के यह केवल कुछ व्यक्तियों द्वारा चलाया जाता है।
- ग्राहकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की इन्हें कोई चिंता नहीं है। ग्राहकों को एक वेवर फॉर्म पर साइन करने के लिए कहा जाता है जो पैराग्लाइडर को सभी जिम्मेदारियों और जवाबदेही से मुक्त कर देता है। सच तो ये है कि हम अपनी सुरक्षा को उनके हवाले करते हैं इस भरोसे के साथ कि वे इस क्षेत्र के एक्स्पर्ट हैं।
- ऐसी किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए बीमा की कोई अवधारणा नहीं है।
- पूरी प्रक्रिया का कोई भी जवाबदेह नहीं है।
- साइट या साइट के नज़दीक कोई एम्बुलेंस या चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
रीसर्च करने पर हमने पाया कि पहले भी, एडवेंचर टुरिज़म के समय, अलग अलग जगहों पर, कई ऐसी दुर्घटनाएँ घट चुकी हैं, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों ने अपनी जान गवाई है।
भारत का एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते, मैंने देश के प्रधान मंत्री, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को संभोधित कर ये पेटीशन शुरू की है, और मैं उनसे भारत में एडवेंचर टुरिज़म की व्यवस्थाओं को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने का अनुरोध कर रहा हूँ।
मेरी आप सभी से अपील है, निम्नलिखित माँगो के साथ शुरू की गई मेरी पेटीशन पर साइन करें-
1. पैराग्लाइडिंग, रोपवे, वाटर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग, या अन्य समान एडवेंचर टुरिज़म के कंपनियों व एजेंटों के लिए सुरक्षा सुविधाओं में सुधार और सख्त दिशानिर्देश लागू करना।
2. सरकारी अधिकारियों की पर्यवेक्षण में लोकेशन पर स्थायी ट्रॉमा केयर एम्बुलेंस स्थित हो और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध हो। ग्राहकों को बीमा प्रदान करना अनिवार्य हो।
3. एडवेंचर टुरिज़म के सेक्टर को संगठित करना। एडवेंचर टूरिज़्म से जुड़ना चाह रही कंपनियों के लिए योग्यता व पात्रता का उल्लेख करना। एडवेंचर टुरिज़म से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं के प्रबंधन के लिए निर्देश तैयार करना, जिनमें किसी भी संभावित दुर्घटना के मामले में क्या करना है, यह भी शामिल हो।
4. ऐसी सेवाएँ दे रही कम्पनियों/एजेंटों की जवाबदेही होना और उनके उपकरणों का मानकीकरण करना। ऐसे सभी संगठनों का समय पर ऑडिट होना महत्वपूर्ण है, और किसी भी चूक के लिए लाइसेंस रद्द/निलंबित किया जाना चाहिए।
हम जानते हैं कि चाहकर भी हम अपने अद्विक को वापस नहीं ला सकते। पर हम इस पेटिशन द्वारा यह ज़रूर सुनिस्चित कर सकते हैं कि कोई और परिवार ऐसी घटना में अपने आद्विक को ना खोए। हर एक जान मायने रखती है। मेरी पेटीशन साइन व शेयर करें, ताकि साकार, एडवेंचर टुरिज़म को हम सभी के लिए और सुरक्षित बनाए।

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23 जनवरी 2022 पर पेटीशन बनाई गई