

DainikBhaskar, खरगोन, 28.06.19, http://bit.ly/2Yl84hI
11 साल पहले... सर्वे में कई खामियां मिली थी
खंडवा से दाहोद व्हाया, खरगोन-बड़वानी, धार रेल लाइन के लिए कई सालों से मांग की जा रही है। इसके लिए दो दशक से रेल की मांग कर रहे बड़वानी जिले के प्रोफेसर डॉ. ओपी खंडेलवाल ने कई बार रेल मंत्री व पीएम को पत्र लिखे थे। साथ ही लोगों ने मांग की थी। इसके चलते सर्वे हुआ था। इसमें कई खामियां मिली थी। 20255.5 करोड़ के प्रोजेक्ट में खामियों के कारण प्रोफेसर ने 2008 में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका लगाई गई। इसके चलते तत्कालीन रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव ने इसके सर्वे को हरी झंडी दी थी। इसके लिए 28 लाख का बजट भी स्वीकृत हुआ, लेकिन जो सर्वे हुआ उसकी रिपोर्ट में कई खामियां दर्शाई गई। इसके बाद रेल का सपना अधूरा ही रह गया।
दो साल पहले... जनचेतना यात्रा हुई थी
दो साल पहले जनचेतना समिति ने रेल लाओ अभियान शुरू किया था। इसके लिए समिति के संयोजक केबी मंसारे, कृष्णपालसिंह, गोपाल मोरे ने खंडवा से जनचेतना की शुरूआत की थी। यात्रा भीकनगांव-खरगोन से होकर बड़वानी पहुंचकर पीएम व रेल मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था।