हिमाचल में जाने वाले सभी टूरिस्ट्स की सुरक्षा के लिए पेटीशन

समस्या

एक भारी मन से मैं इंदरबीर सिंह सोबती, अमनदीप सिंह सोबती का पिता ये पेटीशन लिख रहा हूँ ताकि दुनिया को अपने बेटे के दुर्भाग्य के बारे में बता सकूँ। मेरे बेटे को जब मेडिकल सहायता की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी तो वो उसे नहीं मिल सकी और उसकी जान चली गई।

अमनदीप अपने अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने मनाली गया था। मनाली की सोलांग वैली में पैराग्लाईडिंग ऑपरेटरों की लापरवाही से मेरे बेटे की जान चली गई। मेरा बेटा बस 23 साल का था और एक सफल उद्यमी था।

18 मई, 2019 को मेरा बेटा सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग के लिए गया। उसके साथ दुर्घटना हुई, वो पैराग्लाइडिंग करते वक्त नीचे गिर गया और उसकी पसलियां टूट गईं पर वो ज़िंदा था।

पायलट को भी चोटें आई थीं पर सबसे दुखद और चौंकाने वाली बात ये थी कि मौके पर कोई भी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। सबसे पास में जहाँ प्राथमिक उपचार मिलता वो जगह 10 किलोमीटर दूर थी। अस्पताल के रास्ते में ही मेरे बेटे नें चोट के चलते दम तोड़ दिया।

इससे पहले भी पैराग्लाइडिंग के समय बहुत सारे हादसों में बहुत सारे मासूम लोगों को अपनी जान खोनी पड़ी है।

भारत का एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, हिमाचल के मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, इत्यादि से निवेदन करता हूँ कि वो मनाली के सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग स्थानों पर इमरजेंसी मेडिकल सुविधाएं और ट्रॉमा सेंटर मुहैया कराएं।

साथ ही मैं मांग करता हूँ कि वो बार-बार होने वाले ऐसे हादसों के कारण की जांच करें और इन हादसों को कम करने के लिए कड़े कदम उठाएं।

मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ कि मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और मांग करें कि:

1. सुरक्षा बढ़ाई जाए और पैराग्लाइडिंग, रोपवे और ऐसे ही एडवेंचर स्पोर्ट कराने वाले एजेंटों के लिए कड़े निर्देश जारी हों।
2. मैनेजमेंट द्वारा इमरजेंसी मेडिकल सुविधाएं, एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और प्राथमिक उपचार की सेवाएं दी जाएं, जो की सरकार के निर्देशानुसार हो।
3. प्रशिक्षित पायलटों को नौकरी दी जाए, आमतौर पर ये ठेके पर रखे गए होते हैं और इनके पास पर्याप्त अनुभव भी नहीं होता।
4. ग्लाइडिंग एजेंटों की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित की जाए और उनके उपकरणों के लिए तय मानक दिए जाएं।

मैं नहीं चाहता कि दुनिया का कोई भी परिवार उस दर्द और तकलीफ से गुज़रे, जिससे हम गुज़रे हैं।
सोलांग वैली में अपनी जान खोने वालों को तो हम दोबारा नहीं लौटा सकते पर हम कोशिश तो कर सकते हैं कि आगे से किसी और की जान ना जाए।

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INDERBIR SINGH SOBTIपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 2,63,232 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

एक भारी मन से मैं इंदरबीर सिंह सोबती, अमनदीप सिंह सोबती का पिता ये पेटीशन लिख रहा हूँ ताकि दुनिया को अपने बेटे के दुर्भाग्य के बारे में बता सकूँ। मेरे बेटे को जब मेडिकल सहायता की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी तो वो उसे नहीं मिल सकी और उसकी जान चली गई।

अमनदीप अपने अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने मनाली गया था। मनाली की सोलांग वैली में पैराग्लाईडिंग ऑपरेटरों की लापरवाही से मेरे बेटे की जान चली गई। मेरा बेटा बस 23 साल का था और एक सफल उद्यमी था।

18 मई, 2019 को मेरा बेटा सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग के लिए गया। उसके साथ दुर्घटना हुई, वो पैराग्लाइडिंग करते वक्त नीचे गिर गया और उसकी पसलियां टूट गईं पर वो ज़िंदा था।

पायलट को भी चोटें आई थीं पर सबसे दुखद और चौंकाने वाली बात ये थी कि मौके पर कोई भी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। सबसे पास में जहाँ प्राथमिक उपचार मिलता वो जगह 10 किलोमीटर दूर थी। अस्पताल के रास्ते में ही मेरे बेटे नें चोट के चलते दम तोड़ दिया।

इससे पहले भी पैराग्लाइडिंग के समय बहुत सारे हादसों में बहुत सारे मासूम लोगों को अपनी जान खोनी पड़ी है।

भारत का एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार, हिमाचल के मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, इत्यादि से निवेदन करता हूँ कि वो मनाली के सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग स्थानों पर इमरजेंसी मेडिकल सुविधाएं और ट्रॉमा सेंटर मुहैया कराएं।

साथ ही मैं मांग करता हूँ कि वो बार-बार होने वाले ऐसे हादसों के कारण की जांच करें और इन हादसों को कम करने के लिए कड़े कदम उठाएं।

मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ कि मेरी पेटीशन पर हस्ताक्षर करें और मांग करें कि:

1. सुरक्षा बढ़ाई जाए और पैराग्लाइडिंग, रोपवे और ऐसे ही एडवेंचर स्पोर्ट कराने वाले एजेंटों के लिए कड़े निर्देश जारी हों।
2. मैनेजमेंट द्वारा इमरजेंसी मेडिकल सुविधाएं, एंबुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और प्राथमिक उपचार की सेवाएं दी जाएं, जो की सरकार के निर्देशानुसार हो।
3. प्रशिक्षित पायलटों को नौकरी दी जाए, आमतौर पर ये ठेके पर रखे गए होते हैं और इनके पास पर्याप्त अनुभव भी नहीं होता।
4. ग्लाइडिंग एजेंटों की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित की जाए और उनके उपकरणों के लिए तय मानक दिए जाएं।

मैं नहीं चाहता कि दुनिया का कोई भी परिवार उस दर्द और तकलीफ से गुज़रे, जिससे हम गुज़रे हैं।
सोलांग वैली में अपनी जान खोने वालों को तो हम दोबारा नहीं लौटा सकते पर हम कोशिश तो कर सकते हैं कि आगे से किसी और की जान ना जाए।

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फैसला लेने वाले

Jai Ram Thakur
Jai Ram Thakur
Chief Minister, Himachal Pradesh
Pratibha Virbhadra Singh
Lok Sabha Member of Parliament, Mandi, Himachal Pradesh, Indian National Congress
Arvind Singh
Arvind Singh
Secretary, Tourism, Government of India
G. Kishan Reddy
G. Kishan Reddy
Minister of Tourism, Government of India
Rakesh Kumar Verma
Rakesh Kumar Verma
Additional Secretary, Tourism, Government of India

पेटीशन अपडेट

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1 जून 2019 पर पेटीशन बनाई गई