केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए कानून बने जिससे राज्य पुलिस उन पर गलत कार्यवाही न कर सके

समस्या

हाल ही में बेलगावी के कोबरा कमांडो सचिन सावंत पर की गई कर्नाटक पुलिस की कार्यवाही चर्चा में रही

किस प्रकार पुलिस ने उल्टा केस बनाकर उसको जेल में बंद किया, उसके साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय था,ऐसा व्यवहार किसी भी आम आदमी के साथ भी पुलिस का नही होना चाहिए।

पर बात यहाँ आकर रुकती है कि आखिर इतने बड़े अर्द्ध सैनिक बल के सदस्य के साथ क्या ये व्यवहार उचित था?

उसके मान सम्मान के साथ क्या ये खिलवाड़ नही है,,

आज पुलिस की छवि कैसी है ये सभी जानते हैं

एक जवान जो मुश्किल हालातों में ड्यूटी करता है नक्सलियों से लड़ता है,कही उग्रवादियों से 6 6 महीने घर से दूर दुर्गम जंगल मे अपने दिन बिताता है

CRPF जिसकी सेवाओं को देश ही नही विदेशों में भी  ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा सराहा जाता है उसके जवान पर पुलिस की ये कार्यवाही गलत है

ये मामला सोशल मीडिया में उछला जिसमे मीडिया का बहुत योगदान है

पर बहुत ऐसे मामले भी हैं जो नजर में नही आते और ये जवान तिरस्कार और अपमान का घूंट पी कर रह जाते है मजबूरन इन्हें पुलिस कर्मियों की भद्दी बातें सुन कर रहा जाना पड़ता है, और ये अपमानित महसूस करते हैं,

इसलिए गृह मंत्रालय को चाहिए कि तुरंत कानून बनाकर केंद्रीय सुरक्षा बलों पर करनी वाली कार्यवाही को राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर करे।

अगर किसी जवान द्वारा कोई कानून की अवहेलना की जाए तो इस जानकारी को उस जवान के वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में दिया जाए जिससे उस पर कार्यवाही हो सके,।

और ये तभी संभव है जब हमारी इस पिटीशन को आप सबका सहयोग मिले

इसलिए इस पिटीशन को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे,,

क्योंकि देश की असली ताकत आप लोग हैं

जय हिंद जय भारत

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Shubh Mishraपेटीशन स्टार्टरCommon man I love my country
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समस्या

हाल ही में बेलगावी के कोबरा कमांडो सचिन सावंत पर की गई कर्नाटक पुलिस की कार्यवाही चर्चा में रही

किस प्रकार पुलिस ने उल्टा केस बनाकर उसको जेल में बंद किया, उसके साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय था,ऐसा व्यवहार किसी भी आम आदमी के साथ भी पुलिस का नही होना चाहिए।

पर बात यहाँ आकर रुकती है कि आखिर इतने बड़े अर्द्ध सैनिक बल के सदस्य के साथ क्या ये व्यवहार उचित था?

उसके मान सम्मान के साथ क्या ये खिलवाड़ नही है,,

आज पुलिस की छवि कैसी है ये सभी जानते हैं

एक जवान जो मुश्किल हालातों में ड्यूटी करता है नक्सलियों से लड़ता है,कही उग्रवादियों से 6 6 महीने घर से दूर दुर्गम जंगल मे अपने दिन बिताता है

CRPF जिसकी सेवाओं को देश ही नही विदेशों में भी  ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा सराहा जाता है उसके जवान पर पुलिस की ये कार्यवाही गलत है

ये मामला सोशल मीडिया में उछला जिसमे मीडिया का बहुत योगदान है

पर बहुत ऐसे मामले भी हैं जो नजर में नही आते और ये जवान तिरस्कार और अपमान का घूंट पी कर रह जाते है मजबूरन इन्हें पुलिस कर्मियों की भद्दी बातें सुन कर रहा जाना पड़ता है, और ये अपमानित महसूस करते हैं,

इसलिए गृह मंत्रालय को चाहिए कि तुरंत कानून बनाकर केंद्रीय सुरक्षा बलों पर करनी वाली कार्यवाही को राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर करे।

अगर किसी जवान द्वारा कोई कानून की अवहेलना की जाए तो इस जानकारी को उस जवान के वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में दिया जाए जिससे उस पर कार्यवाही हो सके,।

और ये तभी संभव है जब हमारी इस पिटीशन को आप सबका सहयोग मिले

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