Insurance of Private doctors on COVID-19 Duty under PMGKY (Currently to Govt doctors only)

समस्या

क्या सरकारी डॉक्टर ही डाक्टर है प्राइवट डॉक्टर की लाइफ़ की कोई वैल्यू नहीं । मुझे पता है आपके हिसाब से नहीं कोई फ़रक नहीं होगा , परंतु सरकार और उसके रूल्ज़ को पढ़े तो अभी तो ऐसा ही लग रहा है।

जहां सारे डाक्टर्ज़ पिछले 1.5साल से करोना के ख़िलाफ़ जंग में खुदकीं जान झोकिम में डाल कर लड़ाई लड़ रहे है, वही सरकार खुदकी जेब बचाने कि चक्कर में भेदभाव कर रही है। डाक्टर्ज़ प्राइवट हो या सरकारी अस्पताल के सब मिल कर करोना पीड़ित की दिन रात एककर सेवा करने में जुटे है, वही इस जंग में कई डाक्टर्ज़ की असमय मृत्यु हो गयी और उनके परिवार बेसहारा हो गए ।

सरकारी डाक्टर्ज़ को तो पेन्शन भी मिलती है, किन्तु ये सुविधा नीजी डाक्टर्ज़ को नहीं है । जान तो जान होती है परिवार तो नीज़ी डाक्टर्ज़का भी होता है । पता नहीं सरकार को ये कब महसूस होगा । सरकार की इन्शुरन्स स्कीम भी सरकारी डॉक्टर के लिए है जब की प्राइवट डाक्टर्ज़ भी उतने ही रिस्क में काम कर रहे है और अपनी जान दाव पर लगा रहे है

अगर नीजी डाक्टर्ज़ हड़ताल पर चल जाए तो देश का क्या होगा आप भी सोच सकते हो । आप किसी भी हॉस्पिटल में जाओ और डॉक्टर इलाज करने के लिए मना कर दे , और कही जगह नहीं हो , आपको जितना बेबस महसूस होगा उतना ही बेबस वो नीजी डॉक्टर परिवार महसूस कर रहे है जिन्होंने अपना बेटा ,भाईं, पिता, पति खोया है । सरकार उनके नुक़सान का भरपायी तो नहीं कर सकती परंतुइस मुश्किल समय में वित्तीय मदद तो कर ही सकती है|

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Mohit Goyalपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 4,462 हस्ताक्षर जुट गई

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क्या सरकारी डॉक्टर ही डाक्टर है प्राइवट डॉक्टर की लाइफ़ की कोई वैल्यू नहीं । मुझे पता है आपके हिसाब से नहीं कोई फ़रक नहीं होगा , परंतु सरकार और उसके रूल्ज़ को पढ़े तो अभी तो ऐसा ही लग रहा है।

जहां सारे डाक्टर्ज़ पिछले 1.5साल से करोना के ख़िलाफ़ जंग में खुदकीं जान झोकिम में डाल कर लड़ाई लड़ रहे है, वही सरकार खुदकी जेब बचाने कि चक्कर में भेदभाव कर रही है। डाक्टर्ज़ प्राइवट हो या सरकारी अस्पताल के सब मिल कर करोना पीड़ित की दिन रात एककर सेवा करने में जुटे है, वही इस जंग में कई डाक्टर्ज़ की असमय मृत्यु हो गयी और उनके परिवार बेसहारा हो गए ।

सरकारी डाक्टर्ज़ को तो पेन्शन भी मिलती है, किन्तु ये सुविधा नीजी डाक्टर्ज़ को नहीं है । जान तो जान होती है परिवार तो नीज़ी डाक्टर्ज़का भी होता है । पता नहीं सरकार को ये कब महसूस होगा । सरकार की इन्शुरन्स स्कीम भी सरकारी डॉक्टर के लिए है जब की प्राइवट डाक्टर्ज़ भी उतने ही रिस्क में काम कर रहे है और अपनी जान दाव पर लगा रहे है

अगर नीजी डाक्टर्ज़ हड़ताल पर चल जाए तो देश का क्या होगा आप भी सोच सकते हो । आप किसी भी हॉस्पिटल में जाओ और डॉक्टर इलाज करने के लिए मना कर दे , और कही जगह नहीं हो , आपको जितना बेबस महसूस होगा उतना ही बेबस वो नीजी डॉक्टर परिवार महसूस कर रहे है जिन्होंने अपना बेटा ,भाईं, पिता, पति खोया है । सरकार उनके नुक़सान का भरपायी तो नहीं कर सकती परंतुइस मुश्किल समय में वित्तीय मदद तो कर ही सकती है|

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Mohit Goyalपेटीशन स्टार्टर

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26 मई 2021 पर पेटीशन बनाई गई