पंजाब के हर ज़िले में सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र स्थापित करें

पंजाब के हर ज़िले में सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र स्थापित करें

समस्या

"नशा गाला बंदा करता है... पर औंधा इफेक्ट पूरी फैमिली ते होता है।"

(नशा सिर्फ़ एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।)

महंत सिंह को कुछ ऐसा करना पड़ा जो किसी भी दादा को कभी ना करना पड़े - अपने 14 वर्षीय पोते का अंतिम संस्कार। एक साल तक नशे की आदत में रहने के कारण सुखविंदर ने ड्रग ओवरडोज़ से अपनी जान गंवा दी। उन्हें इस आदत से छुटकारा दिलाने के लिए उनके परिवार कई प्रयास किए, लेकिन सभी नाकामियाब रहे। आठवीं कक्षा के एक छात्र की मौत ने पंजाब को झकझोर कर रख दिया और प्रदेश भर में खतरे की घंटी बज उठी - पंजाब में ड्रग्स की समस्या बच्चों तक पहुंच रही है, और उनसे उनकी जाने भी छीन रही है। 

मैं नहीं चाहता कि कोई और परिवार अपने सुखविंदर को खोए। इसलिए मैं राज्य सरकार से ये माँग कर रहा हूँ कि राज्य के हर ज़िले में सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र खोले जाएँ, जिसमें नाबालिगों के लिए समर्पित एक अलग अनुभाग शामिल हों। इस प्रयास में मेरा साथ दें, मेरी पेटीशन साइन व शेयर करें। 

मेरा नाम अभिमन्यु रामपाल है और मैं पंचकुला में मेहर फ़ाउंडेशन नाम की संस्था चलाता हूँ, जिसके ज़रिए हम नशा सेवन से पीड़ित लोगों की मदद करते हैं। मैं जानता हूँ, कि पंजाब को भी ऐसे ड्रग पुनर्वास केंद्र की ज़रूरत है, जो सरकार द्वारा चलाए जाएँ। 

द वायर की 2 जनवरी 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब की 1.2% वयस्क आबादी (2011 की जनगणना के अनुसार 2 करोड़) नशे की आदी है। राज्य में कई नशामुक्ति केंद्र हैं जो नशे के आदी लोगों को दवाएं लिख कर देते हैं, लेकिन पंजाब में बढ़ती समस्या इस बात का प्रमाण है कि ये केंद्र पर्याप्त नहीं हैं।

चुनाव नज़दीक आ रहें हैं, और मेरे अनुसार इस माँग को सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने का यही सही समय है। Change.org हिंदी पर अपनी पेटीशन के माध्यम से, मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि अगर उनकी सरकार बनती है तो "पंजाब के हर ज़िले में नाबालिगों के लिए एक अलग अनुभाग के साथ सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने" का वादा करें।

इन केंद्रों में नशा सेवन से झूझ रहे लोगों को नशे की आदत छोड़ने में, अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में, नए कौशल सीख कर एक उज्जवल कल की ओर कदम बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

साइन करें, पेटीशन को शेयर करें ताकि चुनाव लड़ रहीं सभी दलों को ये पता चले कि #NashaMuktPunjab की माँग, देश के जनता की माँग है।

चित्र साभार: स्क्रॉल

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Dr Abhimanyu Rampalपेटीशन स्टार्टर
यह पेटीशन 7,974 हस्ताक्षर जुट गई

समस्या

"नशा गाला बंदा करता है... पर औंधा इफेक्ट पूरी फैमिली ते होता है।"

(नशा सिर्फ़ एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।)

महंत सिंह को कुछ ऐसा करना पड़ा जो किसी भी दादा को कभी ना करना पड़े - अपने 14 वर्षीय पोते का अंतिम संस्कार। एक साल तक नशे की आदत में रहने के कारण सुखविंदर ने ड्रग ओवरडोज़ से अपनी जान गंवा दी। उन्हें इस आदत से छुटकारा दिलाने के लिए उनके परिवार कई प्रयास किए, लेकिन सभी नाकामियाब रहे। आठवीं कक्षा के एक छात्र की मौत ने पंजाब को झकझोर कर रख दिया और प्रदेश भर में खतरे की घंटी बज उठी - पंजाब में ड्रग्स की समस्या बच्चों तक पहुंच रही है, और उनसे उनकी जाने भी छीन रही है। 

मैं नहीं चाहता कि कोई और परिवार अपने सुखविंदर को खोए। इसलिए मैं राज्य सरकार से ये माँग कर रहा हूँ कि राज्य के हर ज़िले में सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र खोले जाएँ, जिसमें नाबालिगों के लिए समर्पित एक अलग अनुभाग शामिल हों। इस प्रयास में मेरा साथ दें, मेरी पेटीशन साइन व शेयर करें। 

मेरा नाम अभिमन्यु रामपाल है और मैं पंचकुला में मेहर फ़ाउंडेशन नाम की संस्था चलाता हूँ, जिसके ज़रिए हम नशा सेवन से पीड़ित लोगों की मदद करते हैं। मैं जानता हूँ, कि पंजाब को भी ऐसे ड्रग पुनर्वास केंद्र की ज़रूरत है, जो सरकार द्वारा चलाए जाएँ। 

द वायर की 2 जनवरी 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब की 1.2% वयस्क आबादी (2011 की जनगणना के अनुसार 2 करोड़) नशे की आदी है। राज्य में कई नशामुक्ति केंद्र हैं जो नशे के आदी लोगों को दवाएं लिख कर देते हैं, लेकिन पंजाब में बढ़ती समस्या इस बात का प्रमाण है कि ये केंद्र पर्याप्त नहीं हैं।

चुनाव नज़दीक आ रहें हैं, और मेरे अनुसार इस माँग को सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने का यही सही समय है। Change.org हिंदी पर अपनी पेटीशन के माध्यम से, मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि अगर उनकी सरकार बनती है तो "पंजाब के हर ज़िले में नाबालिगों के लिए एक अलग अनुभाग के साथ सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने" का वादा करें।

इन केंद्रों में नशा सेवन से झूझ रहे लोगों को नशे की आदत छोड़ने में, अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में, नए कौशल सीख कर एक उज्जवल कल की ओर कदम बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

साइन करें, पेटीशन को शेयर करें ताकि चुनाव लड़ रहीं सभी दलों को ये पता चले कि #NashaMuktPunjab की माँग, देश के जनता की माँग है।

चित्र साभार: स्क्रॉल

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Dr Abhimanyu Rampalपेटीशन स्टार्टर

फैसला लेने वाले

Sukhbir Singh Badal
President, Shiromani Akali Dal

पेटीशन अपडेट

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2 फ़रवरी 2022 पर पेटीशन बनाई गई